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Agra News: जिले के काले गेहूं को देश भर में मिलेगी पहचान
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जिले के काले गेहूं को देश भर में मिलेगी पहचान
-जिलाधिकारी ने प्रगतिशील किसानों के साथ बैठक की
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने काला गेहूं कुपोषण मुक्त व आय वृद्धि आधार के नवाचार के संबंध में प्रगतिशील किसानों के साथ बैठक की। डीएम ने कहा कि जनपद के काले गेहूं को देश भर में पहचान मिलेगी। प्रगतिशील किसानों के कारण ही जनपद का चयन भारत सरकार की नीति वाली श्रृंखला में हुआ है। यदि नीति आयोग द्वारा काले गेहूं को शासकीय रूप से मान्यता मिली तो जनपद काले गेहूं की उत्पादकता से ही पहचाना जाएगा।
उन्होंने कहा कि काले गेहूं की खेती को बढ़ावा दें। काले गेहूं की खेती करने से सामान्य गेहूं की तुलना में दो गुना फायदा होगा। जिला प्रशासन काले गेहंू की बिक्री की व्यवस्था करेगा। फ्लोर मिलर्स से खरीद कराकर आटे की बिक्री कराई जाएगी। सहकारी समितियों से अन्य कृषकों को काले गेहूं को बीज के रूप में बिक्री की व्यवस्था होगी।
उन्होंने कहा कि जो भी प्रगतिशील किसान काला गेहूं उत्पादन के इच्छुक हों, उन्हें बीज की उपलब्धता कृषि विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएं। काले गेहंू की बिक्री की व्यवस्था की जाए। प्रगतिशील कृषक मेघसिंह, धर्मेंद्र, देशराज ने काले गेहूं के संबंध में अनुभव साझा किए। अपर जिलाधिकारी रामजी मिश्र, उप कृषि निदेशक नरेंद्र कुमार त्रिपाठी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी उदित नारायण, उपायुक्त उद्योग उत्कर्ष चंद, कृषि वैज्ञानिक विकासरंजन चौधरी, जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह मौजूद रहे।
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-जिलाधिकारी ने प्रगतिशील किसानों के साथ बैठक की
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने काला गेहूं कुपोषण मुक्त व आय वृद्धि आधार के नवाचार के संबंध में प्रगतिशील किसानों के साथ बैठक की। डीएम ने कहा कि जनपद के काले गेहूं को देश भर में पहचान मिलेगी। प्रगतिशील किसानों के कारण ही जनपद का चयन भारत सरकार की नीति वाली श्रृंखला में हुआ है। यदि नीति आयोग द्वारा काले गेहूं को शासकीय रूप से मान्यता मिली तो जनपद काले गेहूं की उत्पादकता से ही पहचाना जाएगा।
उन्होंने कहा कि काले गेहूं की खेती को बढ़ावा दें। काले गेहूं की खेती करने से सामान्य गेहूं की तुलना में दो गुना फायदा होगा। जिला प्रशासन काले गेहंू की बिक्री की व्यवस्था करेगा। फ्लोर मिलर्स से खरीद कराकर आटे की बिक्री कराई जाएगी। सहकारी समितियों से अन्य कृषकों को काले गेहूं को बीज के रूप में बिक्री की व्यवस्था होगी।
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उन्होंने कहा कि जो भी प्रगतिशील किसान काला गेहूं उत्पादन के इच्छुक हों, उन्हें बीज की उपलब्धता कृषि विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएं। काले गेहंू की बिक्री की व्यवस्था की जाए। प्रगतिशील कृषक मेघसिंह, धर्मेंद्र, देशराज ने काले गेहूं के संबंध में अनुभव साझा किए। अपर जिलाधिकारी रामजी मिश्र, उप कृषि निदेशक नरेंद्र कुमार त्रिपाठी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी उदित नारायण, उपायुक्त उद्योग उत्कर्ष चंद, कृषि वैज्ञानिक विकासरंजन चौधरी, जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह मौजूद रहे।
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