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भाजपा सांसद राजकुमार चाहर का कोर्ट में समर्पण, साढ़े चार घंटे बाद मिली जमानत

Fri, 28 Feb 2020 09:09 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 28 Feb 2020 09:09 AM IST
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BJP MP Rajkumar Chahar surrendered in court
राजकुमार चाहर - फोटो : Amar Ujala
फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर ने बृहस्पतिवार को स्पेशल जज (एमएलए-एमपी) उमाकांत जिंदल की कोर्ट में समर्पण किया। सांसद के खिलाफ वर्ष 1993 में जीआरपी थाना कैंट में मुकदमा दर्ज हुआ था। 
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सांसद के साथ ही भाजपा नेता त्रिलोकी नाथ उपाध्याय और मुकेश गुप्ता ने कोर्ट में समर्पण किया। सांसद सहित तीनों को साढ़े चार घंटे बाद 25-25 हजार के दो-दो जमानती और निजी मुचलका भरने पर रिहा किया गया।
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मामले के अनुसार, एक जनवरी 1993 को कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओें ने जन समस्या को लेकर तत्कालीन भाजपा सांसद भगवान शंकर रावत और अन्य नेताओं का दिल्ली से लौटते समय कैंट स्टेशन पर नारेबाजी कर विरोध जताया था। 
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दो जनवरी, 1993 की घटना

विरोध में भाजपा नेताओं ने दो जनवरी 1993 को प्रदर्शन किया था। शताब्दी में दिल्ली से ग्वालियर जा रहे तत्कालीन केंद्रीय मंत्री माधव राव सिंधिया का विरोध किया था। कैंट स्टेशन पर शताब्दी रोकी थी। तोड़फोड़ भी की गई थी। 

इस मामले में उप स्टेशन अधीक्षक किरन सिंह प्रताप ने मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा 93 लोगों के खिलाफ बलवा, जानलेवा हमला, चोरी, तोड़फोड़, रेलवे अधिनियम और सरकारी कार्य में बाधा का दर्ज हुआ। 

मामले में चार्जशीट सांसद राजकुमार चाहर, योगेंद्र उपाध्याय, हृदय नाथ सिंह, रामबाबू हरित, शैलेंद्र गुलाटी, योगेंद्र सिंह परिहार, दुर्ग विजय सिंह भैया, सुनील शर्मा, मुकेश गुप्ता और त्रिलोकी नाथ उपाध्याय के खिलाफ लगाई थी। राजकुमार चाहर सहित अन्य दो के खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी हुए थे। कोर्ट ने एसएसपी को पत्र भी लिखे थे।
 

बृहस्पतिवार को सांसद राजकुमार चाहर, भाजपा नेता त्रिलोकीनाथ उपाध्याय और मुकेश गुप्ता सुबह 11:30 बजे कोर्ट पहुंचे। तकरीबन साढ़े चार घंटे तक कोर्ट में न्यायिक हिरासत में रहे। इसके बाद तीनों को कोर्ट ने 25-25 हजार के दो-दो जमानती और इतनी ही राशि के निजी मुचलके जमा करने पर शाम तकरीबन चार बजे रिहा कर दिया। 

उनकी ओर से अधिवक्ता हेमेंद्र शर्मा और अनिल शर्मा ने कोर्ट में कहा कि पुलिस ने बेवजह फंसाया है। उनके पास से न तो कोई घातक हथियार बरामद हुआ और न ही कोई तोड़फोड़ की।

इन्होंने पहले कराई थी जमानत

विधायक योगेंद्र उपाध्याय, रामबाबू हरित, शैलेंद्र गुलाटी, दुर्ग विजय सिंह भैया, योगेंद्र सिंह परिहार और सुनील शर्मा कोर्ट में पेश होकर अपनी जमानत करा चुके हैं। हृदय नाथ सिंह अभी कोर्ट में पेश नहीं हुए हैं।
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