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नामांकन दाखिल करने जा रहे भाजपा प्रत्याशी अगवा
अागरा ब्यूूराे
Updated Tue, 16 Feb 2016 12:03 AM IST
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आगरा-फीरोजाबाद एमएलसी सीट पर नामांकन के आखिरी दिन सोमवार को भाजपा प्रत्याशी टीपी सिंह अपना नामांकन दाखिल नहीं कर पाए। उनका आरोप है कि शास्त्रीपुरम स्थित आवास से निकलते ही उनका अपहरण कर लिया गया। अपहरणकर्ता उनकी आंखों पर पट्टी बांधकर उन्हें इधर-उधर घुमाते रहे। नामांकन का समय गुजर जाने के बाद उन्हें कीठम के पास सड़क पर चलती गाड़ी से फेंक दिया गया। उधर, सपा नेताओं ने इसे भाजपा का ड्रामा करार दिया है। पुलिस भी इस घटना को संदिग्ध बता रही है।
भाजपा की ओर से घोषित किए गए एमएलसी सीट के दावेदार टीपी सिंह को सोमवार को नामांकन पत्र दाखिल करना था। इसके लिए वे दोपहर लगभग 2:30 बजे शास्त्रीपुरम स्थित अपने घर से निकले। उनके मुताबिक, वे शास्त्रीपुरम चौराहा के पास पहुंचे ही थे कि फॉरचूनर, स्कॉर्पियों और बोलेरो गाड़ी ने उनकी गाड़ी को रोक लिया। इनमें से 5-6 युवक उतरे और उनके ड्राइवर अनंत प्रताप की कनपटी पर तमंचा लगा दिया। कोई कुछ समझ पाता, इससे पहले ही उन्होंने टीपी सिंह को खींचकर अपनी गाड़ी में बैठा लिया। वारदात के बाद ड्राइवर अनंत ने इसकी जानकारी प्रत्याशी के परिवार को दी। उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया। इसके बाद टीपी सिंह की तलाश शुरू कर दी गई। इधर, दोपहर तकरीबन 3:30 बजे टीपी सिंह ने फोन कर भाजपा नेताओं को बताया कि उनका अपहरण कर लिया गया था। वे उन्हें इधर-उधर घुमाते रहे और जैसे ही नामांकन का समय समाप्त हुआ, उन्हें कीठम से आगे सड़क किनारे चलती गाड़ी से फेंककर भाग निकले। उधर, कलेक्ट्रेट पर नामांकन कक्ष के बाहर सपा कार्यकर्ताओं ने खुलकर दबंगई दिखाई। पुलिस अधिकारियों के सामने ही भाजपा प्रत्याशी का नामांकन पत्र फाड़ दिया और पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की भी की। यह सब देख पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
सुशील घुले, एसपी सिटी
अपहरण की सूचना पर चेकिंग कराई गई। घटनास्थल शास्त्रीपुरम में केनरा बैंक की शाखा के सामने बताया गया। यहां के लोगों ने वारदात की पुष्टि नहीं की। यह संदिग्ध प्रतीत हो रही है, हालांकि जांच की जा रही है। कलक्ट्रेट में भाजपा उम्मीदवार का पर्चा फाड़े जाने की शिकायत नहीं मिली है।
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रामसकल गुर्जर, खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर भाजपा के कथित प्रत्याशी के अपहरण और उनका नामांकन पत्र फाड़ने के आरोप निराधार हैं। भाजपा के लोग समाजवादी पार्टी को बेवजह बदनाम कर रहे हैं।
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भाजपा की ओर से घोषित किए गए एमएलसी सीट के दावेदार टीपी सिंह को सोमवार को नामांकन पत्र दाखिल करना था। इसके लिए वे दोपहर लगभग 2:30 बजे शास्त्रीपुरम स्थित अपने घर से निकले। उनके मुताबिक, वे शास्त्रीपुरम चौराहा के पास पहुंचे ही थे कि फॉरचूनर, स्कॉर्पियों और बोलेरो गाड़ी ने उनकी गाड़ी को रोक लिया। इनमें से 5-6 युवक उतरे और उनके ड्राइवर अनंत प्रताप की कनपटी पर तमंचा लगा दिया। कोई कुछ समझ पाता, इससे पहले ही उन्होंने टीपी सिंह को खींचकर अपनी गाड़ी में बैठा लिया। वारदात के बाद ड्राइवर अनंत ने इसकी जानकारी प्रत्याशी के परिवार को दी। उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया। इसके बाद टीपी सिंह की तलाश शुरू कर दी गई। इधर, दोपहर तकरीबन 3:30 बजे टीपी सिंह ने फोन कर भाजपा नेताओं को बताया कि उनका अपहरण कर लिया गया था। वे उन्हें इधर-उधर घुमाते रहे और जैसे ही नामांकन का समय समाप्त हुआ, उन्हें कीठम से आगे सड़क किनारे चलती गाड़ी से फेंककर भाग निकले। उधर, कलेक्ट्रेट पर नामांकन कक्ष के बाहर सपा कार्यकर्ताओं ने खुलकर दबंगई दिखाई। पुलिस अधिकारियों के सामने ही भाजपा प्रत्याशी का नामांकन पत्र फाड़ दिया और पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की भी की। यह सब देख पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
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अपहरण की सूचना पर चेकिंग कराई गई। घटनास्थल शास्त्रीपुरम में केनरा बैंक की शाखा के सामने बताया गया। यहां के लोगों ने वारदात की पुष्टि नहीं की। यह संदिग्ध प्रतीत हो रही है, हालांकि जांच की जा रही है। कलक्ट्रेट में भाजपा उम्मीदवार का पर्चा फाड़े जाने की शिकायत नहीं मिली है।
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समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर भाजपा के कथित प्रत्याशी के अपहरण और उनका नामांकन पत्र फाड़ने के आरोप निराधार हैं। भाजपा के लोग समाजवादी पार्टी को बेवजह बदनाम कर रहे हैं।