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Agra: दुनिया में खतरे में पड़ी थिक नी चंबल में बढ़ा रही कुनबा, सर्वे में मिली 48 चिड़िया
Sun, 19 Jan 2025 03:32 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sun, 19 Jan 2025 03:32 PM IST
सार
स्थानीय लोग इनको भूरी चिड़िया के नाम से पुकारते हैं। दिन में नदी किनारे या तो शांत बैठी रहती हैं या फिर चहलकदमी करती रहती हैं। शिकार के वक्त इनकी सीटी सी आवाज मिठास घोलती है।
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चंबल बर्ड सेंक्चुअरी में पक्षी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
थिक नी और ग्रेट थिक नी चिड़िया दुनियाभर में भले ही खतरे में पड़ी हो, लेकिन चंबल सेंक्चुअरी की बाह रेंज में ये अपना कुनबा बढ़ा रही हैं। भारत के अलावा पाकिस्तान, श्रीलंका, म्यांमार, बांग्लादेश, थाईलैंड, कंबोडिया, वियतनाम में पाई जाने वाली ये चिड़िया सर्दी के मौसम में चंबल में डेरा डालती हैं।
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मई-जून में चंबल नदी के टापू पर अंडे देती हैं। बाह के रेंजर उदय प्रताप सिंह ने बताया कि पिछले साल 20 चूजों का जन्म हुआ था। हाल ही में सर्वे में 48 चिड़िया मिली थीं। प्रजनन सीजन में इनके विचरण पर नजर रखी जाती है।
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रात्रिचर चिड़िया सांझ ढलने के बाद ही शिकार के लिए निकलती हैं। नदी के कीड़े-मकोड़े इनका भोजन होते हैं। दिन में नदी किनारे या तो शांत बैठी रहती हैं या फिर चहलकदमी करती रहती हैं। शिकार के वक्त इनकी सीटी सी आवाज मिठास घोलती है। स्थानीय लोग इनको भूरी चिड़िया के नाम से पुकारते हैं।
ऐसी होती है थिक नी
थिक नी का वैज्ञानिक नाम बुरहिनस इंडिकस है। इसके पैर लंबे होते हैं, पंजा पीले रंग का होता है। शरीर का ऊपरी हिस्सा भूरे रंग का धारी और धब्बेदार होता है। निचले हिस्से का रंग सफेद होता है। ठोड़ी, गला और छाती पर हल्के पीले रंग के धब्बे दिखाई देते हैं। छोटी चोंच का सिरा काला होता है और निचले जबड़े का आधार हल्का गुलाबी होता है। नर और मादा एक जैसे होते हैं। इनका आकार 35-40 सेमी, वजन 750 ग्राम होता है।
थिक नी का वैज्ञानिक नाम बुरहिनस इंडिकस है। इसके पैर लंबे होते हैं, पंजा पीले रंग का होता है। शरीर का ऊपरी हिस्सा भूरे रंग का धारी और धब्बेदार होता है। निचले हिस्से का रंग सफेद होता है। ठोड़ी, गला और छाती पर हल्के पीले रंग के धब्बे दिखाई देते हैं। छोटी चोंच का सिरा काला होता है और निचले जबड़े का आधार हल्का गुलाबी होता है। नर और मादा एक जैसे होते हैं। इनका आकार 35-40 सेमी, वजन 750 ग्राम होता है।
थोड़ी बड़ी होती है ग्रेट थिक नी
ग्रेट थिक नी का वैज्ञानिक नाम एसाकस रिकरविरोस्ट्रिस है। ग्रेट थिक नी का रूप-रंग थिकनी जैसा ही होता है। आकार कुछ बड़ा होता है। इनका आकार 50-55 सेमी, वजन 800 ग्राम और पंख फैलाव 90 सेमी होता है।
ग्रेट थिक नी का वैज्ञानिक नाम एसाकस रिकरविरोस्ट्रिस है। ग्रेट थिक नी का रूप-रंग थिकनी जैसा ही होता है। आकार कुछ बड़ा होता है। इनका आकार 50-55 सेमी, वजन 800 ग्राम और पंख फैलाव 90 सेमी होता है।
ऐसे पहुंचें चंबल
चंबल सेंक्चुअरी का नंदगवां घाट आगरा से 85 और इटावा से 40 किमी की दूरी पर है। सैलानी यहां से बस या टैक्सी से पहुंच सकते हैं। नंदगवां के इंटरप्रिटेशन सेंटर से देसी सैलानी 50 रुपये तथा विदेशी सैलानी 600 रुपये का शुल्क अदा कर ईको टूरिज्म सेंटर का दीदार कर सकते हैं।
चंबल सेंक्चुअरी का नंदगवां घाट आगरा से 85 और इटावा से 40 किमी की दूरी पर है। सैलानी यहां से बस या टैक्सी से पहुंच सकते हैं। नंदगवां के इंटरप्रिटेशन सेंटर से देसी सैलानी 50 रुपये तथा विदेशी सैलानी 600 रुपये का शुल्क अदा कर ईको टूरिज्म सेंटर का दीदार कर सकते हैं।