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बर्ड वाचर के लिए चंबल स्वर्ग जैसी: टिम अपलेटन
बर्ड वाचर के लिए चंबल स्वर्ग जैसी: टिम अपलेटन
Updated Fri, 02 Dec 2016 01:03 AM IST
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माइग्रेटरी बर्ड्स
- फोटो : डेमो फोटो
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चंबल सफारी जरार में आयोजित हो रहे देश के दूसरे अंतर्राष्ट्रीय बर्ड फेस्टिवल में शामिल होने पहुंचे ब्रिटेन के टिम अपलेटन का कहना है कि बर्ड फेयर की तरह बर्ड फेस्टिवल की भी दुनिया में पहचान बनी है। बर्ड वाचर के लिए चंबल की वादियां धरती के स्वर्ग जैसी है।
बता दें कि 28 साल पहले टिम अपलेटन ने ही ब्रिटेन में दुनिया का पहला बर्ड फेयर आयोजित किया था। इसमें 73 मुल्कों के 23 हजार पर्यटक शामिल होते है। जरार के बर्ड फेस्टिवल में शामिल होने के लिए देशी विदेशी पक्षी विशेषज्ञ पहुंच गये हैं। टिम अपलेटन ने गुरुवार को फेस्टिवल की तैयारियों का जायजा लिया। चंबल सफारी, सारस विलेज और मुख्य आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बर्ड फेयर की तरह यह आयोजन भी बर्ड वाचर की पहली पसंद बन गया है। पर्यटक चंबल की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यहां चिड़ियों की मौजूदगी बर्ड वाचर के लिए रोमांचक अनुभव साबित होगी। दुनिया में इंडिया से अच्छा मैसेज गया है। उन्होंने बताया कि ब्रिटेन के बर्ड फेयर में अब 73 देशों के 23 हजार पर्यटक शामिल होते हैं। पहले आयोजन से तीन करोड़ की आमदनी होने और पक्षियों के बचाने पर उसे दान स्वरुप खर्च करने की जानकारी दी। पक्षियों की तलाश और उनके संरक्षण पर कई किताबें लिखने वाले टिम अपलेटन को यूपी का राज्य पक्षी सारस खूब भाया। यूके के अमानोओ पहले भी चंबल को देख चुके हैं। वे बर्ड फेस्टिवल को लेकर बेहद उत्सुक हैं। यूके के वाइल्ड लाइफ आर्टिस्ट और टूर लीडर एसलेबून ने चंबल सफारी जरार में पक्षी और वन्य जीवों की मौजूदगी पर आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के पर्यटकों के बीच यह आयोजन चंबल की अलग पहचान बनायेगा।
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मोहन खेलन आयो होरी रे बरसाने की गलियन में...
बाह। ब्रज लोक कला परिषद के कलाकारों ने ब्रज के मोहन खेलन आयो होरी रे बरसाने की गलियन में... जैसे गीतों के साथ चंबल सफारी जरार में बने सारस विलेज में देशी विदेशी पक्षी विशेषज्ञों की अगवानी की। स्वागत से गदगद पक्षी विशेषज्ञों ने सारस विलेज के इंतजाम को खूब सराहा। ब्रज लोक कहा परिषद नगाड़ा पार्टी के चंदर सिंह के नेतृत्व में नगाडे़, नृत्य और खड़ताल संग कलाकारों ने गुरुवार की शाम बर्ड फेस्टिवल में शामिल होने के लिए पहुंचे देशी विदेशी पक्षी विशेषज्ञों की अगवानी की। चंबल सफारी जरार में अगवानी से अभिभूत देशी विदेशी पक्षी विशेषज्ञों को सारस विलेज के इंतजाम खूब भाये। यूपी सरकार के सलाहकार आरपी सिंह, डीएफओ एनके जानू ने एंट्री करायी। सारस विलेज में बने सुविधा युक्त टेंट के बने घर तक उन्हें पहुंचाया। इस दौरान विशेषज्ञों ने चंबल सफारी जरार में मौजूद वन्य जीव और पक्षियों के बारे में जानकारी ली।
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कोहरे के चलते बर्ड वाचिंग की टाइमिंग बदली
बाह। देश के दूसरे बर्ड फेस्टिवल के निर्धारित कार्यक्रम में कोहरे की धुंध के चलते कुछ बदलाव किया गया है। सुबह के सत्र में बर्ड वाचिंग की जगह पर रेड जॉन में आयी चिड़ियों के संरक्षण में पक्षी विशेषज्ञ मंथन करेंगे। जबकि दूसरे सत्र में बर्ड वाचिंग होगी। बर्ड वाचिंग और बर्ड रिंगिंग के कार्यक्रम शुक्रवार से ही शुरू होंगे।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत पहले सुबह बर्ड वाचिंग होनी थी। कार्यक्रम के कोआर्डिनेटर दिल्ली के निखिल दिवासर ने बताया कि सुबह के सत्र में चिड़ियों के बचाने की कार्य योजना पर मंथन होगा। जबकि दोपहर में ढाई बजे से बर्ड वाचिंग का कार्यक्रम रहेगा। कोहरे की धुंध के चलते ऐसा किया गया है। कोहरे में पक्षी उड़ान भरने के लिए अपने घोंसले से नहीं निकलते हैं। गुरुवार को चम्बल के नन्दगवां घाट पर बर्ड वाचिंग के लिए छात्र-छात्राओं को चम्बल की सैर कराकर तकनीकी जानकारी दी गयी। शिक्षकों को प्रशिक्षित कर इस आयोजन को सफल बनाने की रणनीति बनाई गयी है। इस दौरान रेन्जर सर्वेश भदौरिया, टीएसए के भास्कर दीक्षित, ललित बुधानी, ममताज कुमार, शुभम आनन्द, सुरेन्द्र यादव, अनुरुद्ध सिंह आदि मौजूद रहे। आरपी सिंह ने बताया कि पक्षी विशेषज्ञ शुक्रवार से बर्ड रिंगिंग का कार्यक्रम चम्बल सफारी जरार में करेंगे। पक्षियों के पैरों में छल्ले पहनाकर उन्हें उड़ान के लिए आजाद किया जायेगा।
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बता दें कि 28 साल पहले टिम अपलेटन ने ही ब्रिटेन में दुनिया का पहला बर्ड फेयर आयोजित किया था। इसमें 73 मुल्कों के 23 हजार पर्यटक शामिल होते है। जरार के बर्ड फेस्टिवल में शामिल होने के लिए देशी विदेशी पक्षी विशेषज्ञ पहुंच गये हैं। टिम अपलेटन ने गुरुवार को फेस्टिवल की तैयारियों का जायजा लिया। चंबल सफारी, सारस विलेज और मुख्य आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बर्ड फेयर की तरह यह आयोजन भी बर्ड वाचर की पहली पसंद बन गया है। पर्यटक चंबल की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यहां चिड़ियों की मौजूदगी बर्ड वाचर के लिए रोमांचक अनुभव साबित होगी। दुनिया में इंडिया से अच्छा मैसेज गया है। उन्होंने बताया कि ब्रिटेन के बर्ड फेयर में अब 73 देशों के 23 हजार पर्यटक शामिल होते हैं। पहले आयोजन से तीन करोड़ की आमदनी होने और पक्षियों के बचाने पर उसे दान स्वरुप खर्च करने की जानकारी दी। पक्षियों की तलाश और उनके संरक्षण पर कई किताबें लिखने वाले टिम अपलेटन को यूपी का राज्य पक्षी सारस खूब भाया। यूके के अमानोओ पहले भी चंबल को देख चुके हैं। वे बर्ड फेस्टिवल को लेकर बेहद उत्सुक हैं। यूके के वाइल्ड लाइफ आर्टिस्ट और टूर लीडर एसलेबून ने चंबल सफारी जरार में पक्षी और वन्य जीवों की मौजूदगी पर आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के पर्यटकों के बीच यह आयोजन चंबल की अलग पहचान बनायेगा।
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मोहन खेलन आयो होरी रे बरसाने की गलियन में...
बाह। ब्रज लोक कला परिषद के कलाकारों ने ब्रज के मोहन खेलन आयो होरी रे बरसाने की गलियन में... जैसे गीतों के साथ चंबल सफारी जरार में बने सारस विलेज में देशी विदेशी पक्षी विशेषज्ञों की अगवानी की। स्वागत से गदगद पक्षी विशेषज्ञों ने सारस विलेज के इंतजाम को खूब सराहा। ब्रज लोक कहा परिषद नगाड़ा पार्टी के चंदर सिंह के नेतृत्व में नगाडे़, नृत्य और खड़ताल संग कलाकारों ने गुरुवार की शाम बर्ड फेस्टिवल में शामिल होने के लिए पहुंचे देशी विदेशी पक्षी विशेषज्ञों की अगवानी की। चंबल सफारी जरार में अगवानी से अभिभूत देशी विदेशी पक्षी विशेषज्ञों को सारस विलेज के इंतजाम खूब भाये। यूपी सरकार के सलाहकार आरपी सिंह, डीएफओ एनके जानू ने एंट्री करायी। सारस विलेज में बने सुविधा युक्त टेंट के बने घर तक उन्हें पहुंचाया। इस दौरान विशेषज्ञों ने चंबल सफारी जरार में मौजूद वन्य जीव और पक्षियों के बारे में जानकारी ली।
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कोहरे के चलते बर्ड वाचिंग की टाइमिंग बदली
बाह। देश के दूसरे बर्ड फेस्टिवल के निर्धारित कार्यक्रम में कोहरे की धुंध के चलते कुछ बदलाव किया गया है। सुबह के सत्र में बर्ड वाचिंग की जगह पर रेड जॉन में आयी चिड़ियों के संरक्षण में पक्षी विशेषज्ञ मंथन करेंगे। जबकि दूसरे सत्र में बर्ड वाचिंग होगी। बर्ड वाचिंग और बर्ड रिंगिंग के कार्यक्रम शुक्रवार से ही शुरू होंगे।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत पहले सुबह बर्ड वाचिंग होनी थी। कार्यक्रम के कोआर्डिनेटर दिल्ली के निखिल दिवासर ने बताया कि सुबह के सत्र में चिड़ियों के बचाने की कार्य योजना पर मंथन होगा। जबकि दोपहर में ढाई बजे से बर्ड वाचिंग का कार्यक्रम रहेगा। कोहरे की धुंध के चलते ऐसा किया गया है। कोहरे में पक्षी उड़ान भरने के लिए अपने घोंसले से नहीं निकलते हैं। गुरुवार को चम्बल के नन्दगवां घाट पर बर्ड वाचिंग के लिए छात्र-छात्राओं को चम्बल की सैर कराकर तकनीकी जानकारी दी गयी। शिक्षकों को प्रशिक्षित कर इस आयोजन को सफल बनाने की रणनीति बनाई गयी है। इस दौरान रेन्जर सर्वेश भदौरिया, टीएसए के भास्कर दीक्षित, ललित बुधानी, ममताज कुमार, शुभम आनन्द, सुरेन्द्र यादव, अनुरुद्ध सिंह आदि मौजूद रहे। आरपी सिंह ने बताया कि पक्षी विशेषज्ञ शुक्रवार से बर्ड रिंगिंग का कार्यक्रम चम्बल सफारी जरार में करेंगे। पक्षियों के पैरों में छल्ले पहनाकर उन्हें उड़ान के लिए आजाद किया जायेगा।