फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Big revelation in SIT investigation Fake deed of land worth Rs 25 crore land mafia preparations for possession

एसआईटी की जांच में बड़ा खुलासा: 25 करोड़ की जमीन का फर्जी बैनामा, भूमाफिया ने कर ली थी कब्जे की तैयारी

Thu, 27 Feb 2025 09:58 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 27 Feb 2025 09:58 AM IST
सार

फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह ने 25 करोड़ की जमीन के दस्तावेज तैयार कर दिए थे। भूमाफिया द्वारा इस जमीन पर कब्जे की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही मामला खुल गया। 
 

विज्ञापन
Big revelation in SIT investigation Fake deed of land worth Rs 25 crore land mafia preparations for possession
रजिस्ट्री कार्यालय से बाहर निकती एसआईटी की टीम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा में फर्जी दस्तावेज तैयार कराने वाले गिरोह ने एकता चौकी क्षेत्र में 25 करोड़ रुपये की जमीन कब्जाने की तैयारी कर ली थी। जमीन का फर्जी बैनामा तैयार करके जिल्द बही में लगाया गया था। एसआईटी की जांच में फर्जी बैनामे की पुष्टि होने के बाद पुलिस को अब आरोपी की तलाश है।
विज्ञापन


शहर की बेशकीमती जमीनों को फर्जी बैनामों से कब्जाने वाला गिरोह सक्रिय है। यह खाली पड़ी जमीनों के दस्तावेज तैयार करके बेचता है। निबंधन कार्यालय में जिल्द बही में पन्नों को फाड़ दिया गया था। कर्मचारियों की मिलीभगत से पूरा खेल चल रहा था। इस मामले में थाना शाहगंज में केस दर्ज हुआ था। इसके अलावा सदर में भी केस दर्ज किए गए। पुलिस ने 11 लोगों को जेल भेजा था।
विज्ञापन


एसआईटी जमीनों के फर्जीवाड़े के खेल की जांच में लगी है। केंद्रीय अभिलेखागार के रिकॉर्ड कीपर प्रकाश नारायण ने 21 जनवरी को एक केस दर्ज कराया था। इसमें आलमगंज, लोहामंडी निवासी प्रबल प्रताप सिंह चौहान भी आरोपी है। एसआईटी की जांच में पता चला कि गिरोह के मास्टरमाइंड अजय सिसौदिया और प्रशांत शर्मा के साथ मिलकर प्रबल प्रताप ने एकता चौकी क्षेत्र में सवा सौ फुटा रोड स्थित जमीन का फर्जी बैनामा तैयार किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


चार बीघा जमीन का बाजार मूल्य 20 से 25 करोड़ रुपये है। प्रबल प्रताप सिंह ने फर्जी बैनामा अपने नाम से तैयार किया। सदर तहसील के रिकाॅर्ड रूम में कर्मचारियों की मिलीभगत से जिल्द बही से असली बैनामा गायब करा दिया गया था। उसकी जगह फर्जी बैनामा लगवा दिया था।

पूरे खेल में कई लोग शामिल रहे। अब पुलिस आरोपियों पर शिकंजा कसेगी। एसीपी सदर विनायक भोसले ने बताया कि प्रबल प्रताप समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए टीम को लगाया गया है।


एसआईटी ने दो पकड़े, पूछताछ
एसआईटी ने दो लोगों को पकड़ा है। उनसे पूछताछ कर रही है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी ले रही है। जल्द ही बड़ा खुलासा किया जा सकता है। वहीं पुलिस आवास विकास काॅलोनी के रहने वाले मास्टरमाइंड को नहीं पकड़ पाई। उससे पहले ही बीमारी के चलते उसकी माैत हो गई। अब पुलिस उसके साथियों की तलाश में लगी है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed