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अखिलेश यादव को बड़ा झटका: सीपी राय हो रहे कांग्रेस में शामिल, मुलायम सिंह के रहे बेहद करीबी

Thu, 08 Jun 2023 03:10 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 08 Jun 2023 03:10 PM IST
सार

डॉ. सीपी राय डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा में प्रोफेसर रहे हैं। समाजवादी चिंतक, लेखक और राजनैतिक विश्लेषण के तौर पर उनकी सक्रियता अधिक रही है। 

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Big blow to Akhilesh Yadav CP Rai joining Congress very close to Mulayam Singh
अखिलेश यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

समाजवादी चिंतक, राजनीतिक विश्लेषक, शिक्षाविद, लेखक और कवि डॉ. सीपी राय के कांग्रेस में जाने से कांग्रेस के प्रति प्रबुद्ध वर्ग का झुकाव बढ़ सकता है। तीन साल से सक्रिय राजनीति से दूर चल रहे डॉ. राय मुलायम सिंह के बेहद करीबी रहे। 2024 लोकसभा चुनाव से पहले उनके कांग्रेस में जाने से सपा को तगड़ा झटका लगा है।

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संजय प्लेस निवासी 68 वर्षीय डॉ. राय प्रदेश में दो बार राज्यमंत्री रहे। तीन बार उन्होंने राज्यमंत्री का पद ठुकराया। सोशलिस्ट नेता राज नारायण को राजनीतिक गुरु मानने वाले डॉ. राय 1987-88 से मुलायम सिंह व जनेश्वर मिश्र के करीबी थे। 1989 में जब मुलायम सिंह पहली बार जसवंत नगर से विधानसभा चुनाव में उतरे तो डॉ. राय ने चुनाव प्रबंधन संभाला।
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मुलायम पहली बार मुख्यमंत्री बने तो उन्हें जनता पार्टी में प्रदेश महामंत्री बनाया। 1992 में जब मुलायम सिंह ने समाजवादी पार्टी बनाई तो उन्हें संस्थापक महासचिव बनाया। 1994-95 में मुलायम सिंह से मतभेदों को लेकर उन्होंने सपा छोड़ दी। कुछ दिन कांग्रेस में रहे। फिर मुलायम से नजदीकियों के कारण सपा में लौट आए। 1997 में सपा के राष्ट्रीय सचिव रहे और लंबे समय तक प्रदेश महासचिव रहे।

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मुलायम सिंह फिर मुख्यमंत्री बने तो 2006 में डॉ. राय को राज्यमंत्री बना दिया। 2012 में अखिलेश यादव जब मुख्यमंत्री बने तो उन्हें मद्य निषेध विभाग में राज्यमंत्री का दर्जा मिला। 2014 लोकसभा चुनाव में सपा की हार के बाद उनका मोहभंग हो गया। 2015 में उन्हें राज्य आयोग में भेजा गया लेकिन दो दिन में इस्तीफा दे दिया। 2017 में वह सपा से अलग हो गए। 2018 में शिवपाल सिंह के साथ प्रसपा में गए।

प्रसपा में मुख्य प्रवक्ता रहे। संसदीय पुस्तक पुरस्कार से सम्मानित डॉ. राय 2020 से सक्रिय राजनीति से दूर थे। प्रबुद्ध वर्ग में खासी पैठ रखने वाले डॉ. राय का कहना है कि वर्तमान सरकार में महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी चरम पर है। अकेले राहुल गांधी उन्हें एक चेहरा नजर आए जो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे हैं। करीब 50 साल के राजनीतिक जीवन में डॉ. राय ने कभी कोई चुनाव नहीं लड़ा।

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