अखिलेश यादव को बड़ा झटका: सीपी राय हो रहे कांग्रेस में शामिल, मुलायम सिंह के रहे बेहद करीबी
डॉ. सीपी राय डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा में प्रोफेसर रहे हैं। समाजवादी चिंतक, लेखक और राजनैतिक विश्लेषण के तौर पर उनकी सक्रियता अधिक रही है।
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समाजवादी चिंतक, राजनीतिक विश्लेषक, शिक्षाविद, लेखक और कवि डॉ. सीपी राय के कांग्रेस में जाने से कांग्रेस के प्रति प्रबुद्ध वर्ग का झुकाव बढ़ सकता है। तीन साल से सक्रिय राजनीति से दूर चल रहे डॉ. राय मुलायम सिंह के बेहद करीबी रहे। 2024 लोकसभा चुनाव से पहले उनके कांग्रेस में जाने से सपा को तगड़ा झटका लगा है।
मुलायम पहली बार मुख्यमंत्री बने तो उन्हें जनता पार्टी में प्रदेश महामंत्री बनाया। 1992 में जब मुलायम सिंह ने समाजवादी पार्टी बनाई तो उन्हें संस्थापक महासचिव बनाया। 1994-95 में मुलायम सिंह से मतभेदों को लेकर उन्होंने सपा छोड़ दी। कुछ दिन कांग्रेस में रहे। फिर मुलायम से नजदीकियों के कारण सपा में लौट आए। 1997 में सपा के राष्ट्रीय सचिव रहे और लंबे समय तक प्रदेश महासचिव रहे।
प्रसपा में मुख्य प्रवक्ता रहे। संसदीय पुस्तक पुरस्कार से सम्मानित डॉ. राय 2020 से सक्रिय राजनीति से दूर थे। प्रबुद्ध वर्ग में खासी पैठ रखने वाले डॉ. राय का कहना है कि वर्तमान सरकार में महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी चरम पर है। अकेले राहुल गांधी उन्हें एक चेहरा नजर आए जो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे हैं। करीब 50 साल के राजनीतिक जीवन में डॉ. राय ने कभी कोई चुनाव नहीं लड़ा।