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Agra News: बच्चा हो या बुजुर्ग हर कोई हो रहा आंतों में कृमि का शिकार
Fri, 09 Feb 2024 11:09 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 09 Feb 2024 11:09 PM IST
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मैनपुरी। पेट में कीड़ों की समस्या से पीड़ित बच्चे और बुजुर्गाें की संख्या जिले में बढ़ती जा रही है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार हर साल 40 से 50 बच्चे और बुजुर्ग समय से उपचार नहीं मिलने के कारण काल के गाल में समा रहे हैं। यदि समय रहते जागरुकता हो जाए तो एक गोली ही इस बीमारी से निजात दिला सकती है।
डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों से लेकर वृद्धों की आंतों में कृमि पाए जाते हैं। इसकी वजह से प्रतिवर्ष कई लोग मौत का शिकार भी हो जाते हैं और उनकी मौत का कारण भी स्पष्ट नहीं हो पाता। साफ पानी न पीने और दूषित व अशुद्ध खाद्य पदार्थो का सेवन इसके लिए जिम्मेदार है। शारीरिक स्वच्छता के प्रति अनदेखी इस बीमारी का कारण बनता है। कृमि का लार्वा त्वचा के जिस स्थान पर प्रवेश करता है, उसपर तीव्र खुजली होती है और वह स्थान लाल होकर सूज जाता है। इसके बाद रोगी को भूख कम, हल्का बुखार, दमा जैसा श्वास और रुक-रुक कर खासी होने लगती है। आमाशय में दर्द, अफरा और कभी कब्ज-कभी अतिसार की शिकायत होने लगती है। बच्चों का पेट फूल जाता है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर शीघ्र ही पीड़ित को डॉक्टर के पास लेकर जाएं और परामर्श करने के बाद एल्बेंडाजॉल की खुराक या उनके द्वारा बताई गई दवा दें।
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डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों से लेकर वृद्धों की आंतों में कृमि पाए जाते हैं। इसकी वजह से प्रतिवर्ष कई लोग मौत का शिकार भी हो जाते हैं और उनकी मौत का कारण भी स्पष्ट नहीं हो पाता। साफ पानी न पीने और दूषित व अशुद्ध खाद्य पदार्थो का सेवन इसके लिए जिम्मेदार है। शारीरिक स्वच्छता के प्रति अनदेखी इस बीमारी का कारण बनता है। कृमि का लार्वा त्वचा के जिस स्थान पर प्रवेश करता है, उसपर तीव्र खुजली होती है और वह स्थान लाल होकर सूज जाता है। इसके बाद रोगी को भूख कम, हल्का बुखार, दमा जैसा श्वास और रुक-रुक कर खासी होने लगती है। आमाशय में दर्द, अफरा और कभी कब्ज-कभी अतिसार की शिकायत होने लगती है। बच्चों का पेट फूल जाता है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर शीघ्र ही पीड़ित को डॉक्टर के पास लेकर जाएं और परामर्श करने के बाद एल्बेंडाजॉल की खुराक या उनके द्वारा बताई गई दवा दें।
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