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बीबीए छात्र की बस से उतरने के दौरान गिरने से मौत
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टूंडला (फिरोजाबाद)। कालेज से लौट रहा बीबीए का छात्र बस से उतरने के दौरान गिरकर घायल हो गया। उसे उपचार के लिए आगरा ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। परिजन ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
नगर के ब्रजबिहार कालोनी निवासी महेंद्र कुमार दीक्षित उर्फ मोंटी दीक्षित का 20 वर्षीय पुत्र रजत दीक्षित आगरा के दयालबाग कालेज में बीबीए प्रथम वर्ष का छात्र था। बृहस्पतिवार को कालेज से छुट्टी के बाद साढ़े तीन बजे करीब वह घर लौट रहा था। वह छलेसर तक पहुंचा होगा तभी उसी के मोहल्ले के दोस्त उत्कर्ष का फोन आया कि वह बाइक से आ रहा है। रजत बस से उतर जाए तो दोनों साथ चलेंगे। दोस्त के फोन पर वह यमुना एक्सप्रेस वे के निकट बस को रुकवाकर उतरने लगा तभी उसका पैर फिसल गया। इसी दौरान चालक ने बस को चला दिया और रजत बस की चपेट में आकर घायल हो गया। अंदरूनी चोट आने पर वह सड़क किनारे बैठ गया और पिता को फोन कर घटना की जानकारी दी। इस बीच वहां पहुंचे दोस्त ने उसे ऑटो में बैठाया और एफएच मेडीकल कालेज में भर्ती करा दिया। हालत गंभीर होने पर परिजन आगरा के निजी अस्पताल में ले गए, जहां से उसे एसएन मेडीकल कालेज रेफर कर दिया। जहां देर रात चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
काश, बस से न उतरा होता
रजत दोस्त उत्कर्ष के साथ प्रतिदिन बस से कालेज आता-जाता था। बृहस्पतिवार को उत्कर्ष को आगरा में कोई काम होने पर वह बाइक से गया था। काम समाप्त कर उसने रजत को साथ लेने के लिए फोन किया। दोस्त के फोन पर रजत बस से उतरा तभी हादसा हो गया। लोगों के मुंह से बरबस एक ही शब्द निकल रहा था। काश, रजत बस से न उतरा होता। वह परिवार का इकलौता पुत्र था। उसकी मौत से मां अल्पना दीक्षित और बहन प्रियांसी को रो-रोकर बुरा हाल है।
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नगर के ब्रजबिहार कालोनी निवासी महेंद्र कुमार दीक्षित उर्फ मोंटी दीक्षित का 20 वर्षीय पुत्र रजत दीक्षित आगरा के दयालबाग कालेज में बीबीए प्रथम वर्ष का छात्र था। बृहस्पतिवार को कालेज से छुट्टी के बाद साढ़े तीन बजे करीब वह घर लौट रहा था। वह छलेसर तक पहुंचा होगा तभी उसी के मोहल्ले के दोस्त उत्कर्ष का फोन आया कि वह बाइक से आ रहा है। रजत बस से उतर जाए तो दोनों साथ चलेंगे। दोस्त के फोन पर वह यमुना एक्सप्रेस वे के निकट बस को रुकवाकर उतरने लगा तभी उसका पैर फिसल गया। इसी दौरान चालक ने बस को चला दिया और रजत बस की चपेट में आकर घायल हो गया। अंदरूनी चोट आने पर वह सड़क किनारे बैठ गया और पिता को फोन कर घटना की जानकारी दी। इस बीच वहां पहुंचे दोस्त ने उसे ऑटो में बैठाया और एफएच मेडीकल कालेज में भर्ती करा दिया। हालत गंभीर होने पर परिजन आगरा के निजी अस्पताल में ले गए, जहां से उसे एसएन मेडीकल कालेज रेफर कर दिया। जहां देर रात चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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काश, बस से न उतरा होता
रजत दोस्त उत्कर्ष के साथ प्रतिदिन बस से कालेज आता-जाता था। बृहस्पतिवार को उत्कर्ष को आगरा में कोई काम होने पर वह बाइक से गया था। काम समाप्त कर उसने रजत को साथ लेने के लिए फोन किया। दोस्त के फोन पर रजत बस से उतरा तभी हादसा हो गया। लोगों के मुंह से बरबस एक ही शब्द निकल रहा था। काश, रजत बस से न उतरा होता। वह परिवार का इकलौता पुत्र था। उसकी मौत से मां अल्पना दीक्षित और बहन प्रियांसी को रो-रोकर बुरा हाल है।
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