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Agra News: धान में बकानी रोग, कृषि विभाग ने जारी किया अलर्ट
Tue, 05 Aug 2025 10:54 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 05 Aug 2025 10:54 PM IST
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मैनपुरी। कृषि अधिकारियों ने जनपद में क्षेत्रीय निरीक्षण के दौरान बासमती धान की फसल में बकानी रोग के प्रकोप को देखा है। इसके बाद कृषि विभाग ने किसानों को बकानी रोग से बचाव के लिए जागरूक किया है। सलाह दी है कि समय से बचाव कर धान की फसल को नुकसान से बचाएं।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी अभिशंक चौहान ने बताया कि कई खेतों में फसल में बकानी रोग देखा गया है। इस रोग का रोगजनक कवक फ्यूजेरियम वर्टिसिलिओइड्स/फ्यूजीकोरी है। यह रोग संक्रमित पौधे के जड़ों द्वारा मृदा में बना रहता है। तने के नीचे की गांठों व जड़ों में रूई जैसी सफेद व गुलाबी रंग की फंफूदी दिखाई देती है। पूसा बासमती 1718, पूसा बासमती 1887, पूसा बासमती 1509, पीआर 114, 136, 130 आदि प्रजातियां इस रोग के प्रति संवेदनशील हैं। उन्होंने बताया कि समस्या के निवारण के लिए व्हाट्सएप नंबर 9452247111, 9452257111 पर प्रभावित पौधों की फोटो सहित अपनी समस्या व पता लिखकर मैसेज करें। 48 घंटे में समस्या का निस्तारण कर जानकारी मोबाइल पर भेज दी जाएगी।
बचाव के उपाय
- संक्रमण होने की स्थिति में संक्रमित पौधे को उखाड़ कर अकृषित भूमि में दवा दें। - फसल चक्र अपनाते हुए सुंतलित नाइट्रोजन उर्वरक का प्रयोग करें।
- खड़े फसल में रोग दिखने पर कार्बेन्डाजिम एवं मैन्कोजेब 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें
- अधिक जानकारी के लिए प्रभारी राजकीय कृषि रक्षा इकाई और जनपद स्तर पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय में संपर्क करें।
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी अभिशंक चौहान ने बताया कि कई खेतों में फसल में बकानी रोग देखा गया है। इस रोग का रोगजनक कवक फ्यूजेरियम वर्टिसिलिओइड्स/फ्यूजीकोरी है। यह रोग संक्रमित पौधे के जड़ों द्वारा मृदा में बना रहता है। तने के नीचे की गांठों व जड़ों में रूई जैसी सफेद व गुलाबी रंग की फंफूदी दिखाई देती है। पूसा बासमती 1718, पूसा बासमती 1887, पूसा बासमती 1509, पीआर 114, 136, 130 आदि प्रजातियां इस रोग के प्रति संवेदनशील हैं। उन्होंने बताया कि समस्या के निवारण के लिए व्हाट्सएप नंबर 9452247111, 9452257111 पर प्रभावित पौधों की फोटो सहित अपनी समस्या व पता लिखकर मैसेज करें। 48 घंटे में समस्या का निस्तारण कर जानकारी मोबाइल पर भेज दी जाएगी।
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बचाव के उपाय
- संक्रमण होने की स्थिति में संक्रमित पौधे को उखाड़ कर अकृषित भूमि में दवा दें। - फसल चक्र अपनाते हुए सुंतलित नाइट्रोजन उर्वरक का प्रयोग करें।
- खड़े फसल में रोग दिखने पर कार्बेन्डाजिम एवं मैन्कोजेब 2 ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें
- अधिक जानकारी के लिए प्रभारी राजकीय कृषि रक्षा इकाई और जनपद स्तर पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय में संपर्क करें।