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महिलाओं को खास नहीं लगा आम बजट
महिलाओं को खास नहीं लगा आम बजट
Updated Thu, 02 Feb 2017 12:44 AM IST
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महिलाओं का कहना है कि आम बजट में उनके लिए कुछ खास नहीं है। न तो महिलाओं को रोजगार दिए जाने की घोषणा है और न ही टैक्स में अतिरिक्त छूट। न ही महिला सुरक्षा के मोर्चे पर निर्भया फंड जैसा कोई कदम उठाया गया है। महिला बैंक की दिशा में भी सरकार आगे नहीं बढ़ी है। महिलाओं का कहना है कि नोटबंदी के दौरान महिलाओं ने अपनी पूरी बचत बैंकों में जमा करा दी। वित्तमंत्री अरुण जेटली को इस पर ज्यादा ब्याज देने की घोषणा करनी चाहिए थी।
राजपुरचुंगी निवासी गृहणी सुमन शर्मा का कहना है कि महिलाओं के लिए सबसे बड़ा मुद्दा महंगाई का है। रसोई का बजट सुधारने के लिए आम बजट में कोई कदम नहीं है। दो दिन पहले ही रसोई गैस और महंगी हो गई है।
मधुनगर निवासी गृहणी शशि वर्मा का कहना है कि पिछले बजट में महिला बैंक ज्यादा से ज्यादा खोलने की घोषणा की गई थी। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं किया गया।
शांति नगर की रितु पुजारी ने कहा कि इनकम टैक्स में छूट दिया जाना सही कदम है लेकिन एजूकेशन और होम लोन और सस्ते करने चाहिए थे।
कमला नगर की प्रियंका उत्तम का कहना है कि महिलाओं के लिए सुरक्षा बड़ा मुद्दा है। बेशक कानून व्यवस्था राज्य सरकार का विषय है लेकिन आम बजट में महिला सुरक्षा के लिए अलग से बजट होना चाहिए था।
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आवास विकास की ब्यूटीशियन माधवी शर्मा का कहना है कि आम बजट में ज्वेलरी पर टैक्स नहीं घटाया गया है, न ही सौंदर्य प्रसाधन सस्ते किए गए हैं। फिर कैसे कहा जाए कि वित्त मंत्री ने महिलाओं का ध्यान रखा।
फाउंड्री नगर की सर्विस वूमैन पूनम कपूर का कहना है कि इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव किया गया है। इससे मध्यम वर्ग और खास तौर से नौकरीपेशा वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी। बजट संतुलित है।
राजपुरचुंगी निवासी गृहणी सुमन शर्मा का कहना है कि महिलाओं के लिए सबसे बड़ा मुद्दा महंगाई का है। रसोई का बजट सुधारने के लिए आम बजट में कोई कदम नहीं है। दो दिन पहले ही रसोई गैस और महंगी हो गई है।
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मधुनगर निवासी गृहणी शशि वर्मा का कहना है कि पिछले बजट में महिला बैंक ज्यादा से ज्यादा खोलने की घोषणा की गई थी। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं किया गया।
शांति नगर की रितु पुजारी ने कहा कि इनकम टैक्स में छूट दिया जाना सही कदम है लेकिन एजूकेशन और होम लोन और सस्ते करने चाहिए थे।
कमला नगर की प्रियंका उत्तम का कहना है कि महिलाओं के लिए सुरक्षा बड़ा मुद्दा है। बेशक कानून व्यवस्था राज्य सरकार का विषय है लेकिन आम बजट में महिला सुरक्षा के लिए अलग से बजट होना चाहिए था।
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आवास विकास की ब्यूटीशियन माधवी शर्मा का कहना है कि आम बजट में ज्वेलरी पर टैक्स नहीं घटाया गया है, न ही सौंदर्य प्रसाधन सस्ते किए गए हैं। फिर कैसे कहा जाए कि वित्त मंत्री ने महिलाओं का ध्यान रखा।
फाउंड्री नगर की सर्विस वूमैन पूनम कपूर का कहना है कि इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव किया गया है। इससे मध्यम वर्ग और खास तौर से नौकरीपेशा वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी। बजट संतुलित है।