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झाड़ियों में जिंदगी की चीख: नौ महीने कोख में पाला, पैदा होते ही फेंक दिया; कांटों के बीच इस हाल में मिली मासूम
Mon, 17 Nov 2025 09:37 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Mon, 17 Nov 2025 09:37 PM IST
सार
झाड़ियों में नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। माैके पर पहुंचे स्वास्थ्यकर्मी बच्ची को उठाकर प्रसव कक्ष में ले गए। उसका उपचार किया गया। बच्ची की नाल भी नहीं कटी थी। झाड़ियों में फेंके जाने से शरीर में कांटे चुभे थे। इससे जख्म हो गए थे।
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मेडिकल स्टाफ की गोद में मासूम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
चेहरा इतना मासूम कि देखते ही मन पिघल जाए। आंखें बड़ी-बड़ी, जैसे दुनिया से पूछ रही हो कि मेरी गलती क्या थी? नन्ही-सी जान, उसकी नाल भी अभी कटी नहीं थी, उसे जन्म देने वाली मां ने झाड़ियों में फेंक दिया। तेज कांटों ने उसके कोमल शरीर को लहूलुहान कर दिया। वह दर्द से तड़प रही थी। सोमवार दोपहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जब उसकी हल्की-सी चीख सुनाई पड़ी तो आसपास टहल रहे मरीज और तीमारदार पलटकर देखने लगे। फिर इंसानियत जागी और सूचना मिलते ही स्वास्थ्यकर्मियों की टीम दौड़ती हुई पहुंची और बच्ची को अस्पताल ले आई। यहां उसे नई जिंदगी मिल गई।
सीएचसी बाह के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुशवाह ने बताया कि सोमवार की दोपहर करीब 1:45 बजे परिसर में कुछ मरीज और तीमारदार टहल रहे थे, तभी उन्हें स्टोर रूम के पीछे झाड़ियों में नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। सूचना पर स्वास्थ्यकर्मी पहुंचे और बच्ची को उठाकर प्रसव कक्ष में लेकर पहुंचे। उसका उपचार किया गया। बच्ची की नाल भी नहीं कटी थी। झाड़ियों में फेंके जाने से शरीर में कांटे चुभे थे। इससे जख्म हो गए थे।
नवजात को अस्पताल के एनबीएसयू वार्ड में भर्ती किया गया है। रेडिएंट वार्मर में रखा गया और दूध पिलाया गया। अब वह स्वस्थ है। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पहुंची बाह पुलिस ने नवजात को झाड़ियों में फेंके जाने की जांच शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक बाह ने बताया कि अस्पताल और आसपास की सीसीटीवी फुटेज देखी जा रही है।
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सीएचसी बाह के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुशवाह ने बताया कि सोमवार की दोपहर करीब 1:45 बजे परिसर में कुछ मरीज और तीमारदार टहल रहे थे, तभी उन्हें स्टोर रूम के पीछे झाड़ियों में नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। सूचना पर स्वास्थ्यकर्मी पहुंचे और बच्ची को उठाकर प्रसव कक्ष में लेकर पहुंचे। उसका उपचार किया गया। बच्ची की नाल भी नहीं कटी थी। झाड़ियों में फेंके जाने से शरीर में कांटे चुभे थे। इससे जख्म हो गए थे।
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नवजात को अस्पताल के एनबीएसयू वार्ड में भर्ती किया गया है। रेडिएंट वार्मर में रखा गया और दूध पिलाया गया। अब वह स्वस्थ है। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पहुंची बाह पुलिस ने नवजात को झाड़ियों में फेंके जाने की जांच शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक बाह ने बताया कि अस्पताल और आसपास की सीसीटीवी फुटेज देखी जा रही है।
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स्टाफ नर्स ने कराया स्तनपान कराया, अपनाने को पहुंचीं महिलाएं
एक तरफ नवजात को झाड़ियों में छोड़े जाने की रूह कंपा देने वाली तस्वीर देखने को मिली। वहीं दूसरी ओर सीएचसी बाह में ममता एवं वात्सल्य का नजारा भी दिखा। नवजात के रोने पर स्टाफ नर्स मीनेश ने उसे सीने से लगाया तो वह चुप हो गई। इसके बाद उसे स्तनपान कराया। नवजात की देखभाल कर रहीं एएनएम आरती और स्टाफ नर्स मीनेश ने बताया कि बच्ची को अपनाने के लिए महिला पुलिसकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी से लेकर दूसरी महिलाएं भी पहुंच गईं।
बेटी होने पर फेंके जाने की चर्चा
नवजात को झाड़ी में फेंके जाने पर अस्पताल में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। कुछ लोगों ने बताया कि प्रसूता को लेकर एक महिला अस्पताल में पहुंची थी। प्रवेश से पहले ही उसे तेज दर्द होने लगा तो स्टोर रूम के पीछे ले गई। बेटी पैदा होने पर उसे झाड़ियों में छोड़कर दोनों महिलाएं चली गईं।
ये भी पढ़ें-UP: पांच साल के मासूम की गड्ढे में गिरकर माैत...घर के बाहर दोस्तों के साथ खेल रहा था, परिवार में मचा कोहराम
एक तरफ नवजात को झाड़ियों में छोड़े जाने की रूह कंपा देने वाली तस्वीर देखने को मिली। वहीं दूसरी ओर सीएचसी बाह में ममता एवं वात्सल्य का नजारा भी दिखा। नवजात के रोने पर स्टाफ नर्स मीनेश ने उसे सीने से लगाया तो वह चुप हो गई। इसके बाद उसे स्तनपान कराया। नवजात की देखभाल कर रहीं एएनएम आरती और स्टाफ नर्स मीनेश ने बताया कि बच्ची को अपनाने के लिए महिला पुलिसकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी से लेकर दूसरी महिलाएं भी पहुंच गईं।
बेटी होने पर फेंके जाने की चर्चा
नवजात को झाड़ी में फेंके जाने पर अस्पताल में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। कुछ लोगों ने बताया कि प्रसूता को लेकर एक महिला अस्पताल में पहुंची थी। प्रवेश से पहले ही उसे तेज दर्द होने लगा तो स्टोर रूम के पीछे ले गई। बेटी पैदा होने पर उसे झाड़ियों में छोड़कर दोनों महिलाएं चली गईं।
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