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फर्जी प्रमाणपत्रों से शिक्षक बनने की 'जुगाड़' विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कराई एफआईआर

Tue, 16 Apr 2019 08:38 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Tue, 16 Apr 2019 08:38 PM IST
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b.ed teacher interview university caught fake documents
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
बीएड कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में साक्षात्कार चल रहा है। मंगलवार को चयन समिति ने एमएड के फर्जी प्रमाणपत्र पकड़े। जिन दो अभ्यर्थियों के फर्जी प्रमाणपत्र पकड़े गए, उनके साथ पांच-छह अभ्यर्थी और थे, सभी वह भाग खड़े हुए। 11 अप्रैल को यूजीसी नेट का फर्जी प्रमाणपत्र पकड़ा गया था। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। 
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विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित अतिथि गृह में मंगलवार को दिग्विजय सिंह डिग्री कॉलेज, भटपुरा, मैनपुरी के बीएड पाठ्यक्रम में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार चल रहा था। सात अभ्यर्थी साक्षात्कार देने के लिए पहुंचे।
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पहले दो अभ्यर्थियों ने एमएड का प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया, जो कि वर्धमान डिग्री कॉलेज, बिजनौर का था। चयन समिति में शामिल विशेषज्ञ डॉ. मनीष दुबे संबंधित कॉलेज के बारे में जानते थे, उन्होंने कहा कि वर्धमान डिग्री कॉलेज में तो एमएड का पाठ्यक्रम ही नहीं है। जांच में प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। 
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एक अभ्यर्थी का नाम सीताराम और दूसरे का अतुल कुमार था। इनके प्रमाणपत्र पकड़े जाने की सूचना पर साक्षात्कार के लिए पहुंचे बाकी अभ्यर्थी भी फरार हो गए। सीताराम और अतुल भी भाग निकले। इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकी।

विश्वविद्यालय के जन संपर्क अधिकारी डॉ. गिरजाशंकर शर्मा का कहना है कि साक्षात्कार में सख्ती बढ़ा दी गई है। प्रमाणपत्रों की बाकायदा जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल किया जा रहा है। 
 
एमसीएस एजुकेशनल इंस्टीट्यूट खैर, अलीगढ़ में बीएड पाठ्यक्रम को पढ़ाए जाने के लिए सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति के लिए आजमगढ़ के अभय यादव ने यूजीसी नेट का फर्जी प्रमाणपत्र लगाया था। उसने स्वीकार किया था कि फर्जी प्रमाणपत्र बनाने का रैकेट चल रहा है। ऐसे ही एमएड का फर्जी प्रमाणपत्र एक ही कॉलेज के नाम से दो अभ्यर्थियों ने प्रस्तुत किए, जो लोग भाग गए, वह भी संदेह के घेरे में हैं।


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