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आयुष्मान योजना: अस्पतालों की मनमानी से भटक रहे मरीज, स्वास्थ्य विभाग को मिल रहीं शिकायतें

Tue, 03 Sep 2019 09:14 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Tue, 03 Sep 2019 09:14 AM IST
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Ayushman yojana Hospital Did Not Admitted Patient Complaint to Health Department
आयुष्मान योजना - फोटो : अमर उजाला
आयुष्मान कार्ड होने पर भी मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। अस्पतालों की मनमानी के कारण लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा। स्वास्थ्य विभाग के पास इस तरह की रोजाना आठ से दस शिकायतें आ रही हैं। इनमें एक मरीज की तो इलाज न मिलने पर मौत भी हो चुकी है। 
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आयुष्मान योजना के तहत जिले में 47 अस्पताल पंजीकृत हैं। इन अस्पतालों में अभी तक कुल 5006 मरीजों का इलाज हो चुका है, जिनमें प्राइवेट अस्पताल के 4334 और सरकारी अस्पतालों के 672 मरीज शामिल हैं। 
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इन अस्पतालों में सात ऐसे भी हैं, जहां मरीजों को लौटाया गया। उनके खिलाफ तीमारदार सीएमओ कार्यालय में शिकायत करने पहुंच रहे हैं। सुपर स्पेशियलिटी सेंटरों की भी शिकायतें आ रही हैं। 
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ये भी पढ़ें: आयुष्मान योजना पर लापरवाही का 'ग्रहण', अभी तक सात लाख लोगों के नहीं बने गोल्डन कार्ड

एटा निवासी पीड़ित हरिओम सिंह का कहना है कि पत्नी स्नेहलता के कूल्हे का ऑपरेशन होना था। दो अस्पतालों में चक्कर काटता रहा, लेकिन भर्ती नहीं किया। सीएमओ के यहां शिकायत पर स्पर्श मल्होत्रा नर्सिंग होम में भर्ती कराके इलाज दिलाया। 

केस एक: 
बरहन निवासी बॉबी वाल्मीकि अपने डेढ़ साल के बच्चे को लेकर दिल्ली गेट स्थित अस्पताल पहुंचे। बच्चे को मस्तिष्क संबंधी बीमारी थी, इसे भर्ती नहीं किया। गरीबी के चलते पीड़ित बच्चे को लेकर घर लौट आया, बाद में उसकी मौत हो गई। 

केस दो: 
अछनेरा के ओमप्रकाश शर्मा (78) को तबियत बिगड़ने पर अस्पताल में दिखाया। हृदय रोग के चिकित्सक ने पित्त की थैली में पथरी बताई, इलाज से मना कर दिया। ऐसे में दिल्ली गेट स्थित रवि हॉस्पिटल में इलाज कराया। 
 

इलाज मिलता तो बच जाती बच्चे की जान
आयुष्मान योजना गरीबों के लिए बड़ी मददगार है, लेकिन अस्पतालाें में इलाज न मिलने से योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। बच्चे को भर्ती कर इलाज मिल जाता तो शायद उसकी जान बच जाती। बॉबी वाल्मीकि, बरहन 

शिकायत पर दूसरे अस्पताल में मिला इलाज 
पिताजी की जांच कर इलाज करने से मना कर दिया। दूसरे अस्पताल में चक्कर काटने पड़े। अधिकारियों से शिकायत भी की। तब कहीं जाकर दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया और इलाज मिला है। लक्ष्मीनारायण शर्मा, अछनेरा 

अस्पताल संचालकों को नोटिस दिए गए 
सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स

सवाल: आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को अस्पतालों में चक्कर काटने पड़ रहे हैं, ऐसा क्याें हो रहा है। 
जवाब: कई बार जिन सुविधाओं में अस्पताल पंजीकृत हैं, वहां दूसरे मर्ज के मरीज पहुंच गए। बाद में सही अस्पताल भेजा गया। सही
जानकारी न होने पर भी ऐसा हो रहा है।  
सवाल: मरीजों को अस्पतालों से भगाया जा रहा है। एक मरीज की मौत भी हो चुकी है, क्या कार्रवाई की गई। 
जवाब: इन मामलों पर अस्पताल संचालकों को नोटिस दिए गए, स्पष्टीकरण आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।  
सवाल: बार-बार जिन अस्पतालों की शिकायतें आ रही हैं, उन पर क्या कार्रवाई की गई। 
जवाब: तीन अस्पतालों की सूची शासन को भेज दी गई है।  
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