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आयुष्मान योजना पर लापरवाही का 'ग्रहण', अभी तक सात लाख लोगों के नहीं बने गोल्डन कार्ड

Mon, 02 Sep 2019 12:35 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 02 Sep 2019 12:35 PM IST
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health department negligence in ayushman yojna
आयुष्मान योजना
गरीबों के निशुल्क इलाज के लिए शुरू की गई आयुष्मान योजना स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। योजना शुरू हुए साल भर हो गया, लेकिन आगरा में अभी तक आठ लाख सदस्यों में से महज 65 हजार के ही गोल्डन कार्ड बन पाए हैं। इसका प्रमुख कारण अधिकांश को योजना की जानकारी नहीं होना है।  
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पिछले साल सितंबर में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान योजना) शुरू हुई। इसमें जिले में 163295 परिवार शामिल हुए। इन सभी परिवारों को योजना की जानकारी देने के लिए प्रपत्र (ब्रॉशर) भेजना था। सदस्यों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने थे। यह कार्य इतनी सुस्ती से चल रहा है कि एक साल में 65817 लोगों के ही गोल्डन कार्ड बन पाए हैं। 
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बचे हुए 734183 सदस्यों के अभी तक कार्ड नहीं बने हैं। प्रपत्र भेजने की बात करें तो 85 हजार परिवारों में ही योजना का प्रपत्र पहुंच पाया है। ऐसे में जिनके कार्ड या प्रपत्र नहीं मिला है, उनको योजना की जानकारी नहीं है और वह इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। 
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योजना के लिए ये करना था कार्य

- सभी लाभार्थी परिवारों के यहां योजना का प्रपत्र भेजना।
- लाभार्थी परिवारों के सदस्यों का गोल्डन कार्ड बनवाना।
- बीमार पड़ने पर योजना का लाभ लेने की जानकारी देना।  
- कैंप लगाकर लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाकर देना।

पांच लाख रुपये तक का पा सकते हैं इलाज

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में प्रति सदस्य बीमार पड़ने पर पांच लाख रुपये तक का खर्च सरकार उठाएगी। मरीज को एक रुपया भी खर्च नहीं करना है। लाभार्थी परिवार योजना से जुड़े हुए अस्पताल में कार्ड लेकर जाएंगे, जहां बायोमीट्रिक मशीन से उसकी जांच कर इलाज दिया जाता है। 

ब्लॉक स्तर पर कार्ड बनाने के लिए टीमें बनाई हैं- सीएमओ


सवाल: अभी तक 65 हजार लोगों के ही कार्ड बन पाए हैं, इसमें देरी क्यों हो रही है। 
जवाब: जन सुविधा केंद्रों पर गड़बड़ी होने पर सरकार ने 900 की आईडी बंद कर दी है जिससे काम प्रभावित हुआ है। योजना में शामिल सभी अस्पतालों में कार्ड बनाए जा रहे हैं।
सवाल: जिनके घर प्रपत्र या कार्ड नहीं बने, उनको योजना की कैसे जानकारी दी गई, ऐसे में वह तो इसका लाभ से वंचित रह जाएंगे। 
जवाब: अधिकांश के घर प्रपत्र पहुंच गए हैं, देहातों में ग्राम प्रधानों को भी अवगत करा दिया गया है। सीएचसी स्तर पर भी सूची भेजी जा रही है। 
सवाल: गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए कैंप क्यों नहीं लगाए जा रहे, इससे सभी लाभार्थियों के कार्ड बन जाएं। 
जवाब: पिछले दिनों कैंप लगाए गए थे, अब इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। ब्लाक स्तर पर इसके लिए टीम बनाई हैं। 
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