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अहम की लड़ाई में टला फुटबाल टूर्नामेंट
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Wed, 11 Mar 2015 01:52 AM IST
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एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में मंगलवार को शुरू होने से पहले ही राज्यस्तरीय जूनियर बालिका समन्वय फुटबाल टूर्नामेंट विवाद की भेंट चढ़ गया। कानपुर मंडल से आईं दो टीमों और फुटबाल संघ के अड़ंगे के चलते एक भी मैच नहीं हो सका। उद्घाटन कार्यक्रम भी टालना पड़ा। देर शाम तक फुटबाल संघ की ओर से आए पर्यवेक्षक और निर्णायक मैच खिलाने को तैयार नहीं हुए, जबकि 13 टीमों की खिलाड़ी और मैनेजर सोमवार शाम को ही पहुंच गए थे।
दरअसल, टूर्नामेंट में प्रतिभाग करने के लिए कानपुर मंडल से दो टीमें पहुंचीं। एक टीम को क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी और दूसरी को कानपुर फुटबाल संघ की ओर से भेजा गया। पहले तो आगरा के आरएसओ (रिजनल स्पोर्ट्स आफीसर) ने दोनों टीमों की एंट्री नहीं ली। खेल निदेशक से बात करने के बाद आरएसओ की तरफ से भेजी गई टीम की एंट्री ले ली गई। इस पर पर्यवेक्षक, निर्णायक और चयनकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया। ये सभी फुटबाल संघ से जुड़े हुए हैं। उनका कहना था कि यदि संघ की ओर से आई टीम को प्रतिभाग नहीं कराया गया तो वह कोई मैच नहीं कराएंगे। हुआ यही, सुबह नौ बजे कानपुर और आजमगढ़ की टीमों के बीच मैच नहीं हो सका। बाकी दो मैच शाम चार बजे उद्घाटन के दौरान खेले जाने थे। पहला मैच आगरा-गोरखपुर और दूसरा लखनऊ-विंध्याचल के बीच होना था। आगरा विकास प्राधिकरण की वीसी मनीषा त्रिघाटिया को टूर्नामेंट का उद्घाटन करना था। आरएसओ ने उन्हें फोन से टूर्नामेंट टलने की जानकारी दी।
खेल निदेशक से फोन पर बातचीत के बाद कानपुर के आरएसओ की ओर से भेजी गई टीम की एंट्री ली गई। इस पर फुटबाल संघ की ओर से आए पर्यवेक्षक और अन्य पदाधिकारी ने आपत्ति जताई। शाम तक उनके फैसले का इंतजार करने के बाद टूर्नामेंट का उद्घाटन कार्यक्रम टालना पड़ा।
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- एसएस मिश्रा, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आगरा
यदि फुटबाल संघ की ओर से भेजी गई टीम को मान्य नहीं किया जा रहा है तो हम (खेल संघ की ओर से आए निर्णायक, सेलेक्टर) मान्य कैसे हो सकते हैं। आरएसओ की ओर से भेजी गई टीम में डिफाल्टर खिलाड़ी खेल रहे हैं।
- आरिफ रिजवी, (टूर्नामेंट के पर्यवेक्षक ने आगरा के आरएसओ से बातचीत में कहा)
रद हो सकता है टूर्नामेंट
पर्यवेक्षक, निर्णायक और चयनकर्ता मैच कराने को तैयार नहीं होते तो बुधवार को टूर्नामेंट रद हो जाएगा। इसकी संभावना अधिक है। कानपुर को छोड़कर सभी जगहों से खेल विभाग और फुटबाल संघ के समन्वय से टीमों को चयन करके भेजा गया है। कानपुर में संघ के पदाधिकारियों और अधिकारियों की लड़ाई का खामियाजा प्रदेशभर के खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है।
विभाग का खर्च बढ़ा
पहले दिन के मैच न होने से खेल विभाग का खर्च बढ़ गया। सभी खिलाड़ियों के ठहरने और खानपान की व्यवस्था की गई है। कानपुर की जिस टीम की एंट्री नहीं ली गई, उसके खानपान की व्यवस्था की गई। हालांकि आरएसओ का कहना है उसका खर्च वह खुद वहन करेंगे।
कई जिलों के पहुंचे खिलाड़ी
221 खिलाड़ी और मैनेजर, 13 टीमों के पहुंचे
22 पर्यवेक्षक, निर्णायक और चयनकर्ता आए
02 टीमें इलाहाबाद और मेरठ मंगलवार को रवाना हुईं
04 टीमें अलीगढ़, चित्रकूट, बस्ती, झांसी प्रतिभाग नहीं कर रहीं
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दरअसल, टूर्नामेंट में प्रतिभाग करने के लिए कानपुर मंडल से दो टीमें पहुंचीं। एक टीम को क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी और दूसरी को कानपुर फुटबाल संघ की ओर से भेजा गया। पहले तो आगरा के आरएसओ (रिजनल स्पोर्ट्स आफीसर) ने दोनों टीमों की एंट्री नहीं ली। खेल निदेशक से बात करने के बाद आरएसओ की तरफ से भेजी गई टीम की एंट्री ले ली गई। इस पर पर्यवेक्षक, निर्णायक और चयनकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया। ये सभी फुटबाल संघ से जुड़े हुए हैं। उनका कहना था कि यदि संघ की ओर से आई टीम को प्रतिभाग नहीं कराया गया तो वह कोई मैच नहीं कराएंगे। हुआ यही, सुबह नौ बजे कानपुर और आजमगढ़ की टीमों के बीच मैच नहीं हो सका। बाकी दो मैच शाम चार बजे उद्घाटन के दौरान खेले जाने थे। पहला मैच आगरा-गोरखपुर और दूसरा लखनऊ-विंध्याचल के बीच होना था। आगरा विकास प्राधिकरण की वीसी मनीषा त्रिघाटिया को टूर्नामेंट का उद्घाटन करना था। आरएसओ ने उन्हें फोन से टूर्नामेंट टलने की जानकारी दी।
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खेल निदेशक से फोन पर बातचीत के बाद कानपुर के आरएसओ की ओर से भेजी गई टीम की एंट्री ली गई। इस पर फुटबाल संघ की ओर से आए पर्यवेक्षक और अन्य पदाधिकारी ने आपत्ति जताई। शाम तक उनके फैसले का इंतजार करने के बाद टूर्नामेंट का उद्घाटन कार्यक्रम टालना पड़ा।
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- एसएस मिश्रा, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आगरा
यदि फुटबाल संघ की ओर से भेजी गई टीम को मान्य नहीं किया जा रहा है तो हम (खेल संघ की ओर से आए निर्णायक, सेलेक्टर) मान्य कैसे हो सकते हैं। आरएसओ की ओर से भेजी गई टीम में डिफाल्टर खिलाड़ी खेल रहे हैं।
- आरिफ रिजवी, (टूर्नामेंट के पर्यवेक्षक ने आगरा के आरएसओ से बातचीत में कहा)
रद हो सकता है टूर्नामेंट
पर्यवेक्षक, निर्णायक और चयनकर्ता मैच कराने को तैयार नहीं होते तो बुधवार को टूर्नामेंट रद हो जाएगा। इसकी संभावना अधिक है। कानपुर को छोड़कर सभी जगहों से खेल विभाग और फुटबाल संघ के समन्वय से टीमों को चयन करके भेजा गया है। कानपुर में संघ के पदाधिकारियों और अधिकारियों की लड़ाई का खामियाजा प्रदेशभर के खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है।
विभाग का खर्च बढ़ा
पहले दिन के मैच न होने से खेल विभाग का खर्च बढ़ गया। सभी खिलाड़ियों के ठहरने और खानपान की व्यवस्था की गई है। कानपुर की जिस टीम की एंट्री नहीं ली गई, उसके खानपान की व्यवस्था की गई। हालांकि आरएसओ का कहना है उसका खर्च वह खुद वहन करेंगे।
कई जिलों के पहुंचे खिलाड़ी
221 खिलाड़ी और मैनेजर, 13 टीमों के पहुंचे
22 पर्यवेक्षक, निर्णायक और चयनकर्ता आए
02 टीमें इलाहाबाद और मेरठ मंगलवार को रवाना हुईं
04 टीमें अलीगढ़, चित्रकूट, बस्ती, झांसी प्रतिभाग नहीं कर रहीं