अतीक-अशरफ हत्याकांड : शूटर अरुण मौर्य के इतिहास को तलाश रहा कादरवाड़ी, किसके इशारे पर की वारदात?
अतीक-अशरफ को मारने वाले कासगंज के कादरवाड़ी गांव के शूटर अरुण मौर्य ने किसके इशारे पर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया? शूटर के माता- पिता अभी भी गांव में नहीं लौटे हैं।
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माफिया अतीक अहमद एवं अशरफ की हत्या के मामले में कादरवाड़ी के शूटर अरुण मौर्य को लेकर गांव के लोग लगातार अरुण से जुड़ी खबरें सोशल मीडिया पर सर्च कर रहे हैं। हर कोई शूटर के बारे में अधिक से अधिक जानकारी लेना चाह रहा है। गांव के लोगों के बीच शूटर को लेकर चर्चाएं बनी हुई हैं।
गंगा किनारे है गांव
6000 की आबादी वाले कादरवाड़ी गांव में करीब 2500 मतदाता हैं। हिंदू मुस्लिम सभी वर्गों के लोग यहां रहते हैं। यह गांव गंगा किनारे का गांव है। गांव में कभी कोई इतना बड़ा अपराधी नहीं रहा। जिसके बारे में कौतूहल बना हो। गांव के लोग भी शूटर अरुण मौर्य के इस सनसनीखेज मामले के बाद ही उसको जान पाए कि वह गांव का है। क्योंकि अरुण का जन्म पानीपत में हुआ और वह वहीं रहता है। गांव में आना जाना कुछ ही बार हुआ।
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जानकारी जुटी रहे ग्रामीण
अरुण मौर्य का हत्याकांड में कनेक्शन सामने आने के बाद यहां के लोग हैरत में रहे। गांव के लोग मोबाइल पर जो भी माफिया अतीक हत्याकांड से जुड़ी खबरें चलती हैं उन्हें बड़े कौतूहल के साथ देख और सुन रहे हैं। मीडिया के हर माध्यम पर ग्रामीणों की नजर है। हर कोई अरुण के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी करना चाह रहा है। लोगों में यह भी जिज्ञासा है कि अब क्या होगा। अरुण ने किसके इशारे पर वारदात को अंजाम दिया। तमाम सवाल ग्रामीणों के जहन में हैं।
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गांव में जारी है सुरक्षा
प्रधान प्रतिनिधि प्रभात सक्सेना बताते हैं कि गांव के युवा जो मोबाइल चलाते हैं वे मोबाइल पर ज्यादा से ज्यादा खबरें अरुण के बारे में जानना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि गांव में सुरक्षा जारी है। अभी तक अरुण के माता पिता घर नहीं लौटे हैं। वे डरे हुए हैं, लेकिन पुलिस के संपर्क में हैं।
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