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तस्वीरें: 210 किमी तक विचरण कर चंबल की ओर लौट रहे घड़ियाल, कैमरों से देखी गई लोकेशन
Sun, 23 Apr 2023 08:34 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 23 Apr 2023 08:34 AM IST
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चंबल नदी में घड़ियाल
- फोटो : अमर उजाला
आगरा की बाह चंबल की बाढ़ में बसई डांग (धौलपुर) से भरेह (इटावा) तक बहे घड़ियाल करीब 210 किमी का सफर तय कर अपने रहवास वापस लौट आए हैं। मद्रास क्रोकाेडाइल बैंक ट्रस्ट के शोधार्थियों के अध्ययन में यह सामने आया है। घड़ियालों की पूंछ में लगाए गए रेडियो और दृश्य पहचान टैग की ट्रेकिंग से यह शोध किया गया।
चंबल नदी में नन्हें घड़ियाल
- फोटो : अमर उजाला
जैलाबुद्दीन ने बताया कि हाल ही में बाह रेंज के गोहरा से रेहा के बीच 4 घड़ियालों की पूंछ में रेडियो और दृश्य पहचान टैग लगाए गए थे। इससे पहले 2019 में 14 घड़ियालों की पूंछ को टैग किया गया था। इनमें 4 घड़ियाल नंदगवां और 10 घड़ियाल बरौली घाट के शामिल थे। इन घड़ियालों को ट्रैक किया गया। 1,339 दिन तक रेडियो सिग्नल के साथ एक घड़ियाल के लिए 652 स्थान दर्ज किए गए।
चंबल नदी में घड़ियाल के बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
छोटे घड़ियाल 10 किमी तक पहुंचे
बड़ी मादा घड़ियाल बाढ़ में बाह के नंदगवां से भरेह, इटावा तक बहकर पहुंच गई थीं। अपस्ट्रीम में बसई डांग, धौलपुर तक गईं। इनके करीब 210 किमी के विचरण को रिकाॅर्ड किया गया है। ड्रोन से ली गई सेटेलाइट तस्वीर में बाह के नंदगवां घाट पर टैग किये गये 4 घड़ियालों में से 3 घड़ियाल दिखे। जैलाबुद्दीन के मुताबिक नर घड़ियाल नीचे और मादा घड़ियाल ऊपर दिखाई दिये। इनका मूवमेंट 5 से 10 किमी के बीच रिकाॅर्ड किया गया।
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चंबल नदी में घड़ियाल
- फोटो : अमर उजाला
आठ सालों में आबादी
वर्ष --घड़ियाल--मगरमच्छ2016-- 1162-- 454
2017-- 1255-- 562
2018-- 1681-- 613
2019--1876-- 706
2020--1859-- 710
2021-- 2176-- 886
2022--2014-- 873
2023--2108-- 878
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चंबल नदी में घड़ियाल
- फोटो : अमर उजाला