{"_id":"5f26fadf8ebc3ea072615f40","slug":"ashok-singhal-house-soil-in-ram-mandir-ayodhya","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अयोध्या श्रीराम मंदिर में लगेगी आगरा के मंदिरों की रज, अशोक सिंहल की जन्मभूमि की माटी भी सौंपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अयोध्या श्रीराम मंदिर में लगेगी आगरा के मंदिरों की रज, अशोक सिंहल की जन्मभूमि की माटी भी सौंपी
Mon, 03 Aug 2020 04:07 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 03 Aug 2020 04:07 PM IST
सार
- लीलाशाह की तपोभूमि की मिट्टी भी भेजी
- अयोध्या पहुंचेगी बल्केश्वर महादेव मंदिर की भस्म और जल
विज्ञापन
अशोक सिंहल के घर की रज सौंपते राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष रहे दिवंगत अशोक सिंहल की जन्मस्थली आगरा के घटिया आजम खां रोड स्थित उनके घर से रज लेकर राष्ट्रीय बजरंग दल के पदाधिकारियों ने वृंदावन में साध्वी ऋतंभरा को सौंपी। यह रज अयोध्या में राममंदिर के शिलान्यास के मौके पर अयोध्या पहुंचेगी। अशोक सिंहल राम जन्मभूमि आंदोलन के नायक रहे थे।
राष्ट्रीय बजरंग दल के मनोज अग्रवाल ने बताया कि साध्वी ऋतंभरा को रज अशोक सिंहल के भतीजे सौरभ ने सौंपी तो वह भावुक हो गईं। साध्वी ने मंदिर आंदोलन के दौरान के संस्मरणों का जिक्र करते हुए बताया कि अशोक जी के बौद्धिक कौशल से आंदोलन को सक्रियता दी गई। उन्होंने कहा कि इस रज के मिलने से उनकी शक्ति एक हजार गुना बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि वह स्वयं अयोध्या जाएंगी।
बजरंग दल के मनोज अग्रवाल ने बताया कि अशोक सिंहल का जन्म आगरा में ननिहाल में हुआ था। आज भी वह घर मौजूद है। उन्होंने कहा कि मंदिर आंदोलन को वृहद रूप देने वाले अशोक सिंहल समेत अन्य संतों को मंदिर निर्माण के दौरान समुचित स्थान मिलना चाहिए। इस मौके पर सत्याशील, संजय भैया, सुभाष ढल, रमन आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रीय बजरंग दल के मनोज अग्रवाल ने बताया कि साध्वी ऋतंभरा को रज अशोक सिंहल के भतीजे सौरभ ने सौंपी तो वह भावुक हो गईं। साध्वी ने मंदिर आंदोलन के दौरान के संस्मरणों का जिक्र करते हुए बताया कि अशोक जी के बौद्धिक कौशल से आंदोलन को सक्रियता दी गई। उन्होंने कहा कि इस रज के मिलने से उनकी शक्ति एक हजार गुना बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि वह स्वयं अयोध्या जाएंगी।
विज्ञापन
बजरंग दल के मनोज अग्रवाल ने बताया कि अशोक सिंहल का जन्म आगरा में ननिहाल में हुआ था। आज भी वह घर मौजूद है। उन्होंने कहा कि मंदिर आंदोलन को वृहद रूप देने वाले अशोक सिंहल समेत अन्य संतों को मंदिर निर्माण के दौरान समुचित स्थान मिलना चाहिए। इस मौके पर सत्याशील, संजय भैया, सुभाष ढल, रमन आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
लीलाशाह की तपोभूमि की मिट्टी भी भेजी
शाहगंज स्थित स्वामी लीला शाह जी की तपोभूमि श्रीकृष्ण गोशाला की मिट्टी का कलश विहिप के प्रांतीय पदाधिकारियों को सुपुर्द किया गया। इससे पहले कलश पूजा पंडित भूपेंद्र शर्मा ने करवाई।
गोशाला कमेटी के अध्यक्ष गिरधारीलाल भगत्यानी ने कहा कि पांच अगस्त को हर हिंदू अपने घर पर दीप जलाए, यही मंदिर आंदोलन में बलिदान देने वालों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इस मौके पर विहिप के सुनील पाराशर, रवि दुबे, हेमंत भोजवानी, महेश मगनानी, अनूप भाई, जेपी धर्माणी, मनीष हरजानी, पूरणचंद, नरेश लखवानी, लता भगत्यानी, वर्षा, पूजा, विनोद माहौर, सचिन मादन आदि थे।
गोशाला कमेटी के अध्यक्ष गिरधारीलाल भगत्यानी ने कहा कि पांच अगस्त को हर हिंदू अपने घर पर दीप जलाए, यही मंदिर आंदोलन में बलिदान देने वालों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इस मौके पर विहिप के सुनील पाराशर, रवि दुबे, हेमंत भोजवानी, महेश मगनानी, अनूप भाई, जेपी धर्माणी, मनीष हरजानी, पूरणचंद, नरेश लखवानी, लता भगत्यानी, वर्षा, पूजा, विनोद माहौर, सचिन मादन आदि थे।
अयोध्या पहुंचेगी बल्केश्वर महादेव मंदिर की भस्म और जल
अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर निर्णाण में नगर के प्राचीन बल्केश्वरनाथ महादेव मंदिर की भस्म और जल का उपयोग भी किया जाएगा। यह भस्म और जल लेने के लिए गोवर्धन से विख्यात संत श्री श्री 1008 माह मण्डलेश्वर सांवरिया बाबा आए। उन्होंने इसे मंदिर के महंत कपिल नागर से ग्रहण किया।
बाबा ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर के निर्माण के लिए कोठारी बंधु समेत अनेक रामभक्तों अपनी शहादत दी। उनकी शहादत व भगवान श्रीराम का ही प्रताप है कि वहां रामजन्म भूमि पर मंदिर का निर्माण शुरू हो रहा है।
बाबा ने आगरा में पांच अगस्त को दीवाली मनाने की सभी से अपील की। मंदिर के महंत कपिल नागर ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि श्रीराम मंदिर निर्माण में अपने मंदिर का भी निर्माण में भस्म का उपयोग होगा।
बाबा ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर के निर्माण के लिए कोठारी बंधु समेत अनेक रामभक्तों अपनी शहादत दी। उनकी शहादत व भगवान श्रीराम का ही प्रताप है कि वहां रामजन्म भूमि पर मंदिर का निर्माण शुरू हो रहा है।
बाबा ने आगरा में पांच अगस्त को दीवाली मनाने की सभी से अपील की। मंदिर के महंत कपिल नागर ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि श्रीराम मंदिर निर्माण में अपने मंदिर का भी निर्माण में भस्म का उपयोग होगा।