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Agra News: प्रसव कराने के नाम पर आशा ने वसूले साढ़े चार हजार रुपये
Thu, 08 Jun 2023 12:11 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 08 Jun 2023 12:11 AM IST
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किशनी। किशनी सरकार आम जनता की सुरक्षा और सुविधाओं के लिये लगातार प्रयासरत है। वहीं सरकारी कर्मचारी सरकारी सुविधाओं को पलीता लगाते हुए नजर आ रहे हैं। क्षेत्र निवासी एक प्रसूता के परिजन से प्रसव और एंबुलेंस के किराए के नाम पर 4500 रुपये ले लिए गए। मामले में प्रसूता के पति ने चिकित्साधीक्षक से की है।
मामला सीएचसी किशनी क्षेत्र का है। गोपालपुर निवासी राजेश कुमार पुत्र कुंवरपाल ने शिकायती पत्र देकर बताया कि पांच जून करीब साढे नौ बजे उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई। प्रसव पीड़ा होने पर उन्होंने अपने क्षेत्र की आशा गुड्डन जो पास के गांव फतेहपुर की निवासी है से संपर्क किया। गुडुन मैनपुरी में रहती है। फोन पर सूचना देने पर आशा ने कहा कि वह लोग अपनी तैयारी रखें वह मैनपुरी से किशनी पहुंच रही है। इसके बाद राजेश अपनी पत्नी को एंबुलेंस द्वारा सीएचसी किशनी लेकर पहुंचा। यहां आशा गुड्डुन भी मिल गई। राजेश ने बताया कि सीएचसी पर मौजूद स्टाफ ने उनकी पत्नी का प्रसव कराने का प्रयास किया पर कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद प्रसूता को सैंफई रेफर कर दिया गया।
राजेश का कहना है कि सैंफई जाने से पहले आशा ने उनसे साढे चार हजार रुपये की मांग की जो राजेश ने तुरंत ही आशा को दे दिए। एंबुलेंस से प्रसूता के परिजन तथा आशा सैफई पहुंचे। जैसे ही एंबुलेंस सैंफई अस्पताल के प्रांगण में पहुंची एंबुलेंस में ही प्रसूता ने एक बच्ची को जन्म दे दिया। इस कार्य में बच्चा जनने से लेकर साफ सफाई का कार्य उसकी भाभी ने किया। बच्ची के पैदा होने के बाद आशा अस्पताल गई और दो नर्सों को अपने साथ ले आई जिन्होंने बच्ची का नाडा काट दिया और जच्चा और बच्चा को घर ले जाने को कह दिया। आशा ने कहा कि उस ओर से तो वह लोग एंबुलेंस से निशुल्क आ गए। पर अब सीएचसी तक जाने के लिए उनको पंद्रह सौ रुपये देने होंगे। मजबूरी में उन्होंने हां कर दी और आशा ने पंद्रह सौ रुपये एंबुलेंस चालक के हाथों में पकड़ा दिए। बचे तीन हजार रुपये जब राजेश ने आशा से मांगे तो आशा ने कहा कि अब उसके पास कुछ नहीं बचा है क्योंकि उसने तीन हजार रुपये सैफई नर्सों को दे दिए हैं जिन्होंने नाड़ा काटा था। राजेश का कहना है कि आशा ने उनके सामने किसी भी नर्स को कुछ भी नहीं दिया। बुधवार को राजेश सीएचसी आया और उसने एक प्रार्थना पत्र सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय भदौरिया को देकर न्याय की मांग की।
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मामला गंभीर है सीएचसी प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं कि जांच कराकर रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराएं। जांच में यदि आशा दोषी पाई जाती है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। एंबुलेंस पायलट और ईएमटी ने रुपये लिए हैं तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
-डॉ. राजीव राय, सीएमओ।
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मामला सीएचसी किशनी क्षेत्र का है। गोपालपुर निवासी राजेश कुमार पुत्र कुंवरपाल ने शिकायती पत्र देकर बताया कि पांच जून करीब साढे नौ बजे उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई। प्रसव पीड़ा होने पर उन्होंने अपने क्षेत्र की आशा गुड्डन जो पास के गांव फतेहपुर की निवासी है से संपर्क किया। गुडुन मैनपुरी में रहती है। फोन पर सूचना देने पर आशा ने कहा कि वह लोग अपनी तैयारी रखें वह मैनपुरी से किशनी पहुंच रही है। इसके बाद राजेश अपनी पत्नी को एंबुलेंस द्वारा सीएचसी किशनी लेकर पहुंचा। यहां आशा गुड्डुन भी मिल गई। राजेश ने बताया कि सीएचसी पर मौजूद स्टाफ ने उनकी पत्नी का प्रसव कराने का प्रयास किया पर कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद प्रसूता को सैंफई रेफर कर दिया गया।
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राजेश का कहना है कि सैंफई जाने से पहले आशा ने उनसे साढे चार हजार रुपये की मांग की जो राजेश ने तुरंत ही आशा को दे दिए। एंबुलेंस से प्रसूता के परिजन तथा आशा सैफई पहुंचे। जैसे ही एंबुलेंस सैंफई अस्पताल के प्रांगण में पहुंची एंबुलेंस में ही प्रसूता ने एक बच्ची को जन्म दे दिया। इस कार्य में बच्चा जनने से लेकर साफ सफाई का कार्य उसकी भाभी ने किया। बच्ची के पैदा होने के बाद आशा अस्पताल गई और दो नर्सों को अपने साथ ले आई जिन्होंने बच्ची का नाडा काट दिया और जच्चा और बच्चा को घर ले जाने को कह दिया। आशा ने कहा कि उस ओर से तो वह लोग एंबुलेंस से निशुल्क आ गए। पर अब सीएचसी तक जाने के लिए उनको पंद्रह सौ रुपये देने होंगे। मजबूरी में उन्होंने हां कर दी और आशा ने पंद्रह सौ रुपये एंबुलेंस चालक के हाथों में पकड़ा दिए। बचे तीन हजार रुपये जब राजेश ने आशा से मांगे तो आशा ने कहा कि अब उसके पास कुछ नहीं बचा है क्योंकि उसने तीन हजार रुपये सैफई नर्सों को दे दिए हैं जिन्होंने नाड़ा काटा था। राजेश का कहना है कि आशा ने उनके सामने किसी भी नर्स को कुछ भी नहीं दिया। बुधवार को राजेश सीएचसी आया और उसने एक प्रार्थना पत्र सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय भदौरिया को देकर न्याय की मांग की।
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मामला गंभीर है सीएचसी प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं कि जांच कराकर रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराएं। जांच में यदि आशा दोषी पाई जाती है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। एंबुलेंस पायलट और ईएमटी ने रुपये लिए हैं तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
-डॉ. राजीव राय, सीएमओ।