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ऑड और इवेन सिस्टम से खुश हैं अरविंद केजरीवाल

Thu, 03 Mar 2016 06:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/आगरा
अमर उजाला ब्यूरो/आगरा Updated Thu, 03 Mar 2016 06:17 PM IST
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झांसी जिले में जल्द ही दो नए पॉवर प्लांट खुलने जा रहे हैं। इनके खुलने के बाद बुंदेलखंड क्षेत्र में बिजली की व्यवस्था बेहतर होगी।

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गऊ माता की पूंछ पकड़ कर बिहार की चुनावी वैतरणी पार करने में असफल रहने के बाद भारतीय जनता पार्टी अब भारत माता का सहारा लेकर इसी साल अप्रैल मई में होने वाले चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में उतरने की तैयारी में है। आक्रामक राष्ट्रवाद पार्टी का मुख्य चुनावी मुद्दा होगा।

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दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में चंद कथित छात्रों द्वारा पाकिस्तान समर्थक और भारत विरोधी नारे लगाने के विवाद को देशभक्ति बनाम देशद्रोह की लड़ाई बनाने के लिए भाजपा और संघ परिवार ने पूरी तरह कमर कस ली है। जबकि यह मामला पूरी तरह पुलिस और कानून व्यवस्था का था जिसे आसानी से उन कथित छात्रों को चिन्हित करके उन्हें गिरफ्तार करके न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में लाकर निबटाया जा सकता था।

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दरअसल पहले दिल्ली और फिर बिहार में करारी हार के बाद भाजपा और उसके रणनीतिकारों समेत पूरे संघ परिवार को समझ आ गया है कि वह अब सिर्फ लोकसभा में बनी मोदी लहर के करिश्मे, सुशासन और हिंदुत्व के बल पर चुनाव नहीं जीत सकते। 


दिल्ली में भाजपा के विकास और सुशासन के नारे को आम आदमी पार्टी ने चित कर दिया तो बिहार में गाय राजनीति से लेकर पाकिस्तान के बहाने चले गए हिंदुत्व ध्रुवीकरण और पिछड़े प्रधानमंत्री के जरिए अति पिछड़ों को लुभाने का भाजपा के दांव पर नीतीश कुमार के विकास और लालू यादव के आक्रामक पिछड़ावाद भारी पड़ा।


अब 2016 के अप्रैल मई में प.बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुद्दूचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। जहां तमिलनाडु और केरल में भाजपा अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है, वहीं प.बंगाल में वह ममता बनर्जी के मुकाबले वाम मोर्चा और कांग्रेस को पछाड़ना चाहती है। जबकि असम में पार्टी सरकार बनाने के लिए हर दांव चल रही है। 


लेकिन पार्टी के रणनीतिकारों को अहसास है कि दिल्ली और बिहार की पराजय केबाद न सिर्फ लोकसभा और उसके कुछ महीनों बाद हुए हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड और जम्मू कश्मीर विधानसभा के चुनावों में मिली अपार सफलता का करिश्मा अब खत्म हो चुका है बल्कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी के नेतृत्व में भाजपा की अजेयता भी खत्म हो चुकी है।


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