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कानुपर का गैंग कासगंज में इनाम का लालच दे कर रहा था ठगी
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कासगंज में पकड़ा गया ठगी करने का आरोपी
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। ढोलना पुलिस ने फर्जी तरीके से फोन कर इनाम का लालच दे ठगी करने वाले कानपुर के गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जबकि गैंग में शामिल पोस्टमैन सहित छह आरोपी फरार हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
ढोलना थाना प्रभारी विनोद मिश्रा सोमवार को गश्त पर थे। इसी दौरान मुखबिर से एक संदिग्ध के भगवंतपुर पुल पर होने की सूचना मिली। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम प्रेमचंद निवासी विजय नगर गजनेर कानुपर देहात बताया।
उसने पुलिस को बताया कि वह गैंग का सरगना है। पुलिस ने प्रेमचंद के कब्जे से 22400 रुपये बरामद किये हैं। वह इनाम का लालच देकर ठगी करता है। यह गैंग अब तक 50 लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है। उसने पूछताछ में गैंग में शामिल पोस्टमैन भोला ग्राम मंगता निवासी गजनेर कानपुर देहात, सुनील पुत्र विजय सिंह, पुनीत पुत्र श्याम सिंह, सुनील पुत्र अमर सिंह निवासी विजय नगर गजनेर कानपुर, सुनील पुत्र नाथूराम निवासी खानपुर अकबरपुर कानपुर देहात, सिद्घांत यादव पुत्र रमेश चंद्र यादव निवासी कस्बा शाह गाजीपुर फतेहपुर के नाम का भी खुलासा किया।
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ढोलना की महिला से ठगी करने पर पकड़ में आया गैंग का सरगना
कासगंज। ढोलना क्षेत्र ग्राम गढ़ी पंचगई नगला बीच निवासी महिला कृष्णा पत्नी प्रमोद कुमार से ठगी करने के बाद गैंग पुलिस की पकड़ में आया। इस गैंग के सदस्य दस माह से महिला को फोन करके कभी आइडिया कंपनी का अधिकारी बनकर तो कभी रजिस्ट्रेशन के नाम पर तो कभी नौ लाख रुपये की लॉटरी का लालच देकर ठगी का शिकार बना रहे थे। महिला से यह लोग 8.30 लाख रुपये खाते में जमा कराकर ठगी करते रहे। 21 अक्तूबर को मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने सर्विलांस की मदद से इस गैंग का खुलासा कर दिया।
पोस्टमैन की रहती थी मिली भगत
कासगंज। गैंग में शामिल पोस्टमैन की सहायता से ठगी का शिकार करने से पहले स्थानीय पोस्टमैन से सैटिंग करके उसका एटीएम काल्पनिक नाम पते पर मंगा लेते थे, इसके बदले में पोस्टमैन को पांच हजार रुपये की धनराशि भी दी जाती थी। ठगी करने के बाद दूसरे शिकार को फंसाने पर पहले ठगी के शिकार हुए व्यक्ति का खाता नंबर देकर उसमें धन मंगा लेते थे, और एटीएम से धन की निकासी कर लेते थे। ताकि आसानी से पकड़ में न आ सकें।
वर्जन:
इनाम का लालच देकर ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश ढोलना पुलिस ने किया है पुलिस की यह बढ़ी कामयाबी है। गैंग के अन्य सदस्य फरार हैं, उनकी तलाश की जा रही है। - मनोज सोनकर, पुलिस अधीक्षक।
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ढोलना थाना प्रभारी विनोद मिश्रा सोमवार को गश्त पर थे। इसी दौरान मुखबिर से एक संदिग्ध के भगवंतपुर पुल पर होने की सूचना मिली। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम प्रेमचंद निवासी विजय नगर गजनेर कानुपर देहात बताया।
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उसने पुलिस को बताया कि वह गैंग का सरगना है। पुलिस ने प्रेमचंद के कब्जे से 22400 रुपये बरामद किये हैं। वह इनाम का लालच देकर ठगी करता है। यह गैंग अब तक 50 लोगों को ठगी का शिकार बना चुका है। उसने पूछताछ में गैंग में शामिल पोस्टमैन भोला ग्राम मंगता निवासी गजनेर कानपुर देहात, सुनील पुत्र विजय सिंह, पुनीत पुत्र श्याम सिंह, सुनील पुत्र अमर सिंह निवासी विजय नगर गजनेर कानपुर, सुनील पुत्र नाथूराम निवासी खानपुर अकबरपुर कानपुर देहात, सिद्घांत यादव पुत्र रमेश चंद्र यादव निवासी कस्बा शाह गाजीपुर फतेहपुर के नाम का भी खुलासा किया।
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ढोलना की महिला से ठगी करने पर पकड़ में आया गैंग का सरगना
कासगंज। ढोलना क्षेत्र ग्राम गढ़ी पंचगई नगला बीच निवासी महिला कृष्णा पत्नी प्रमोद कुमार से ठगी करने के बाद गैंग पुलिस की पकड़ में आया। इस गैंग के सदस्य दस माह से महिला को फोन करके कभी आइडिया कंपनी का अधिकारी बनकर तो कभी रजिस्ट्रेशन के नाम पर तो कभी नौ लाख रुपये की लॉटरी का लालच देकर ठगी का शिकार बना रहे थे। महिला से यह लोग 8.30 लाख रुपये खाते में जमा कराकर ठगी करते रहे। 21 अक्तूबर को मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने सर्विलांस की मदद से इस गैंग का खुलासा कर दिया।
पोस्टमैन की रहती थी मिली भगत
कासगंज। गैंग में शामिल पोस्टमैन की सहायता से ठगी का शिकार करने से पहले स्थानीय पोस्टमैन से सैटिंग करके उसका एटीएम काल्पनिक नाम पते पर मंगा लेते थे, इसके बदले में पोस्टमैन को पांच हजार रुपये की धनराशि भी दी जाती थी। ठगी करने के बाद दूसरे शिकार को फंसाने पर पहले ठगी के शिकार हुए व्यक्ति का खाता नंबर देकर उसमें धन मंगा लेते थे, और एटीएम से धन की निकासी कर लेते थे। ताकि आसानी से पकड़ में न आ सकें।
वर्जन:
इनाम का लालच देकर ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश ढोलना पुलिस ने किया है पुलिस की यह बढ़ी कामयाबी है। गैंग के अन्य सदस्य फरार हैं, उनकी तलाश की जा रही है। - मनोज सोनकर, पुलिस अधीक्षक।