{"_id":"587a76274f1c1b6b3eba7fa5","slug":"aridaman-3","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंत्री पद जाने के बाद से ही बेचैन थे अरिदमन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंत्री पद जाने के बाद से ही बेचैन थे अरिदमन
मंत्री पद जाने के बाद से ही बेचैन थे अरिदमन
Updated Sun, 15 Jan 2017 12:34 AM IST
विज्ञापन
मंत्री पद जाने के बाद से ही बेचैन थे अरिदमन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विधानसभा चुनाव 2012 में सपा की लाज बचाने वाले अरिदमन सिंह ने पार्टी को जोर का झटका धीरे से दिया है। उनके दल बदलने की अटकलें अक्तूबर 2015 में उस समय प्रारंभ हो गई थीं जब उन्हें मंत्रिमंडल से हटाया गया था लेकिन वे भाजपा में शामिल होने की खबरों का खंडन करते रहेे थे।
कैबिनेट मंत्री का पद छिनने के बाद अरिदमन सिंह की पत्नी पक्षालिका सिंह सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह से मिली थीं। इसके बाद से लगने लगा था कि अरिदमन सिंह को दोबारा लाल बत्ती से नवाजा जा सकता है लेकिन अखिलेश मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद भी उन्हें दोबारा बत्ती नहीं मिली। सपा ने अरिदमन सिंह और पक्षालिका का टिकट बहाल करके उनके गुस्से को शांत करने की कोशिश की थी। बावजूद इसके भाजपा में शामिल होने की अटकलें बीते तीन महीने से चल रही थीं और अरिदमन सिंह लगातार खंडन करते रहे थे। पिछले दिनों खुले तौर पर एलान किया था कि सपा छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे लेकिन शनिवार को अरिदमन सिंह पक्षालिका सिंह और अपने पुत्र त्रिपुरदमन सिंह के साथ दिल्ली पहुंच गए थे। सांसद रामशंकर कठेरिया से मिलकर केशव प्रसाद मौर्य के घर गए थे। उनके साथ फतेहाबाद के विधायक छोटेलाल वर्मा भी मौजूद रहे। छोटेलाल वर्मा ने भी हाल ही में भाजपा ज्वाइन की है।
भाजपा के दावेदारों के चेहरे पड़े फक
बाह। विधानसभा चुनाव में बाह से दावेदारी कर रहे भाजपाइयों कें चेहरो की रंगत बदल गई है। अरिदमन के भाजपा का दामन थामते समय छोटेलाल वर्मा की मौजूदगी के संकेतों को समझा जाए तो बाह से दावेदारी कर रहे जितेंद्र वर्मा को झटका लग सकता है। दावेदारों में सीए अवधेश पाठक, संतोष कटारा, हरिओम पांडेय, बृज मोहन जोशी, भावेश राठौर आदि पूरी ताकत से टिकट पाने को प्रयासरत थे। लेकिन अरिदमन के आने से सभी के चेहरों की रंगत बदल गई है। अरिदमन 17 को बाह क्षेत्र में जनता से संपर्क भी करने वाले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
कैबिनेट मंत्री का पद छिनने के बाद अरिदमन सिंह की पत्नी पक्षालिका सिंह सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह से मिली थीं। इसके बाद से लगने लगा था कि अरिदमन सिंह को दोबारा लाल बत्ती से नवाजा जा सकता है लेकिन अखिलेश मंत्रिमंडल में फेरबदल के बाद भी उन्हें दोबारा बत्ती नहीं मिली। सपा ने अरिदमन सिंह और पक्षालिका का टिकट बहाल करके उनके गुस्से को शांत करने की कोशिश की थी। बावजूद इसके भाजपा में शामिल होने की अटकलें बीते तीन महीने से चल रही थीं और अरिदमन सिंह लगातार खंडन करते रहे थे। पिछले दिनों खुले तौर पर एलान किया था कि सपा छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे लेकिन शनिवार को अरिदमन सिंह पक्षालिका सिंह और अपने पुत्र त्रिपुरदमन सिंह के साथ दिल्ली पहुंच गए थे। सांसद रामशंकर कठेरिया से मिलकर केशव प्रसाद मौर्य के घर गए थे। उनके साथ फतेहाबाद के विधायक छोटेलाल वर्मा भी मौजूद रहे। छोटेलाल वर्मा ने भी हाल ही में भाजपा ज्वाइन की है।
विज्ञापन
भाजपा के दावेदारों के चेहरे पड़े फक
बाह। विधानसभा चुनाव में बाह से दावेदारी कर रहे भाजपाइयों कें चेहरो की रंगत बदल गई है। अरिदमन के भाजपा का दामन थामते समय छोटेलाल वर्मा की मौजूदगी के संकेतों को समझा जाए तो बाह से दावेदारी कर रहे जितेंद्र वर्मा को झटका लग सकता है। दावेदारों में सीए अवधेश पाठक, संतोष कटारा, हरिओम पांडेय, बृज मोहन जोशी, भावेश राठौर आदि पूरी ताकत से टिकट पाने को प्रयासरत थे। लेकिन अरिदमन के आने से सभी के चेहरों की रंगत बदल गई है। अरिदमन 17 को बाह क्षेत्र में जनता से संपर्क भी करने वाले हैं।
विज्ञापन