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बूढ़े मां-बाप को छोड़ा बेसहारा, वृद्घाश्रम में जाकर कर रहे भंडारा
Wed, 25 Sep 2019 11:35 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 25 Sep 2019 11:35 AM IST
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रामलाल वृद्धाश्रम में रहने वाले वृद्ध ( फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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माता पिता को वृद्ध आश्रम में छोड़ आए हैं और पितृ पक्ष में पितरों की मोक्ष की कामना के लिए वृद्धाश्रम में मंगलवार को भंडारा किया। बुजुर्गों को कपड़े और मिठाई भी बांटी।
रामलाल वृद्धाश्रम में पितृ पक्ष में कुछ ऐसे भी लोग भंडारा करने और साड़ियां और मिठाई आदि बांटने पहुंचे जिनके माता-पिता इसी आश्रम में दिन काट रहे हैं। लोहामंडी के रहने वाले अशोक अग्रवाल (65) लगभग दो साल से आश्रम में रह रहे हैं।
उनकी आंखें यह बताते हुए छलक आईं कि जब उन्हें पता चला कि बेटा आश्रम में भंडारा कराने के लिए आया है। उन्हें घर ले जाने के लिए पूछा तक नहीं। बेटे ने हालचाल तक जानना मुनासिब नहीं समझा।
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रामलाल वृद्धाश्रम में पितृ पक्ष में कुछ ऐसे भी लोग भंडारा करने और साड़ियां और मिठाई आदि बांटने पहुंचे जिनके माता-पिता इसी आश्रम में दिन काट रहे हैं। लोहामंडी के रहने वाले अशोक अग्रवाल (65) लगभग दो साल से आश्रम में रह रहे हैं।
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उनकी आंखें यह बताते हुए छलक आईं कि जब उन्हें पता चला कि बेटा आश्रम में भंडारा कराने के लिए आया है। उन्हें घर ले जाने के लिए पूछा तक नहीं। बेटे ने हालचाल तक जानना मुनासिब नहीं समझा।
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बल्केश्वर के दंपति मीरा देवी (60) और ओमप्रकाश (62) ने बताया कि हाल में बेटा आश्रम आया था, यहां साड़ियां और मिठाइयां बांटकर चला गया। उसने हमसे बात तक नहीं की। मैं तो पिता हूं मगर उसकी मां पूरी रात सो नहीं सकी।
कहती रही कि जिस बेटे के लिए इतना कुछ किया आज उसी बेटे ने माता-पिता से मिलने की भी जरूरत महसूस नहीं की। कमला नगर निवासी अतुल शर्मा, माउंट आबू की रहने वाली लता कपूर के घरवाले भी पितृपक्ष में आश्रम में आकर बुजुर्गों को कपड़े व फल वितरित करके चले गए मगर उन्हें घर लेकर नहीं गए।
कहती रही कि जिस बेटे के लिए इतना कुछ किया आज उसी बेटे ने माता-पिता से मिलने की भी जरूरत महसूस नहीं की। कमला नगर निवासी अतुल शर्मा, माउंट आबू की रहने वाली लता कपूर के घरवाले भी पितृपक्ष में आश्रम में आकर बुजुर्गों को कपड़े व फल वितरित करके चले गए मगर उन्हें घर लेकर नहीं गए।