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विश्वविद्यालय के छात्रों को पुनर्मूल्यांकन के लिए अभी करना होगा इंतजार, यह है वजह
Mon, 03 Jun 2019 03:04 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 03 Jun 2019 03:04 PM IST
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने अधिकतर पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। कुछ पाठ्यक्रमों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अनुत्तीर्ण हुए हैं। ऐसे में पुनर्मूल्यांकन के संबंध में जानकारी करने के लिए छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय पहुंच रहे हैं। इनको बताया जा रहा है कि व्यवस्था लागू होने में अभी कुछ समय लगेगा।
छात्रों की ओर से आपत्ति जताने पर पुनर्मूल्यांकन कराने का प्रस्ताव परीक्षा समिति में पास हो गया है। लेकिन अभी इसे विद्या परिषद और कार्य परिषद में मंजूरी मिलनी है। कार्य परिषद में मुहर लगने के बाद ही विश्वविद्यालय के नियम में संशोधन किया जाएगा। अभी तक यहां पुनर्मूल्यांकन कराने की व्यवस्था नहीं थी।
पुनर्मूल्यांकन के लिए छात्र-छात्राएं परीक्षा परिणाम जारी होने के दो माह के अंदर आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए 3000 रुपये शुल्क जमा करना होगा। दो परीक्षकों से कापी का पुनर्मूल्यांकन कराया जाएगा। पूर्व के अंक से 15 फीसदी से अधिक अंक बढ़ने पर छात्र-छात्राओं की अंकतालिका में प्राप्तांक में परिवर्तन किया जाएगा। ऐसी स्थिति में 2500 रुपये वापस भी कर दिए जाएंगे।
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विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ गिरजाशंकर शर्मा ने बताया कि परीक्षा समिति की बैठक की मिनट बन रही है। पुनर्मूल्यांकन के मुद्दे पर जल्द विद्या परिषद और कार्य परिषद की बैठक बुलाई जाएगी। एक दिन में दोनों की बैठकें कराई जाएंगी। प्रस्ताव को पास कराने के बाद नियम में संशोधन कर दिया जाएगा।
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छात्रों की ओर से आपत्ति जताने पर पुनर्मूल्यांकन कराने का प्रस्ताव परीक्षा समिति में पास हो गया है। लेकिन अभी इसे विद्या परिषद और कार्य परिषद में मंजूरी मिलनी है। कार्य परिषद में मुहर लगने के बाद ही विश्वविद्यालय के नियम में संशोधन किया जाएगा। अभी तक यहां पुनर्मूल्यांकन कराने की व्यवस्था नहीं थी।
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पुनर्मूल्यांकन के लिए छात्र-छात्राएं परीक्षा परिणाम जारी होने के दो माह के अंदर आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए 3000 रुपये शुल्क जमा करना होगा। दो परीक्षकों से कापी का पुनर्मूल्यांकन कराया जाएगा। पूर्व के अंक से 15 फीसदी से अधिक अंक बढ़ने पर छात्र-छात्राओं की अंकतालिका में प्राप्तांक में परिवर्तन किया जाएगा। ऐसी स्थिति में 2500 रुपये वापस भी कर दिए जाएंगे।
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विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ गिरजाशंकर शर्मा ने बताया कि परीक्षा समिति की बैठक की मिनट बन रही है। पुनर्मूल्यांकन के मुद्दे पर जल्द विद्या परिषद और कार्य परिषद की बैठक बुलाई जाएगी। एक दिन में दोनों की बैठकें कराई जाएंगी। प्रस्ताव को पास कराने के बाद नियम में संशोधन कर दिया जाएगा।