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अनामिका शुक्ला के अभिलेखों से नौकरी पाने वाली एक और फर्जी शिक्षिका गिरफ्तार
Sat, 13 Jun 2020 12:01 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 13 Jun 2020 12:01 AM IST
सार
- अनामिका शुक्ला के नाम पर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में फर्जी शिक्षिकाओं की नियुक्ति का खेल सात साल पहले मैनपुरी से ही शुरू हुआ था।
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पुलिस हिरासत में शिक्षिका
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अनामिका शुक्ला के नाम से फर्जीवाड़े को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। कासगंज के बाद अब मैनपुरी जिले से एक शिक्षिका को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह शिक्षिका अनामिका शुक्ला के नाम से अंबेडकर नगर जिले के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में नौकरी कर रही है।
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जनपद अंबेडकर नगर के थाना अमापुर पुलिस गुरुवार को थाना बेवर पहुंची। स्थानीय पुलिस की मदद से गांव लक्ष्मणपुर में देर शाम दबिश दी। गांव से एक महिला को गिरफ्तार किया। पकड़ी गई महिला पहले तो पुलिस को गुमराह करती रही, लेकिन जब महिला कांस्टेबल ने उसे रिहा कराने का लालच दिया तो उसने सच-सच बता दिया।
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उसने अपना नाम अनीता शाक्य बताया है। पुलिस के अनुसार अनीता शाक्य अंबेडकर नगर के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी कर रही है। अंबेडकर नगर पुलिस ने शुक्रवार की सुबह उसका मेडिकल कराया और उसे अपने साथ अंबेडकर नगर ले गई।
पुष्पेंद्र ने 2019 में लगवाई थी नौकरी
पुलिस हिरासत में अनामिका शुक्ला के नाम से नौकरी करने वाली अनीता शाक्य ने बताया कि वर्ष 2017 में उसके पति कप्तान सिंह की मौत सड़क दुर्घटना में हो गई। मार्च 2019 में बेवर में उसकी मुलाकात पुष्पेंद्र नाम के व्यक्ति से हुई। वो कहां का रहने वाला है यह उसे नहीं मालूम।
मुलाकात के 20 दिन बाद उसने बातचीत कर अंबेडकर नगर के कस्तूरबा विद्यालय में विज्ञान शिक्षिका के पद पर नौकरी दिला दी। महिला वहीं रहकर नौकरी करने लगी। मानदेय के रूप में महिला को पुष्पेंद्र ही नकद 10 हजार रुपया दिया करता था, जबकि 22 हजार रुपया मानदेय मिलता है।
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अनामिका शुक्ला का प्रकरण सुर्खियों में आने के बाद चल रही जांच के दौरान अंबेडकर नगर जनपद के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने छह जून को जमा अभिलेखों के आधार पर महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी।
मुलाकात के 20 दिन बाद उसने बातचीत कर अंबेडकर नगर के कस्तूरबा विद्यालय में विज्ञान शिक्षिका के पद पर नौकरी दिला दी। महिला वहीं रहकर नौकरी करने लगी। मानदेय के रूप में महिला को पुष्पेंद्र ही नकद 10 हजार रुपया दिया करता था, जबकि 22 हजार रुपया मानदेय मिलता है।
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अनामिका शुक्ला का प्रकरण सुर्खियों में आने के बाद चल रही जांच के दौरान अंबेडकर नगर जनपद के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने छह जून को जमा अभिलेखों के आधार पर महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अंबेडकर नगर पुलिस ने प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह सिरोही व नवीगंज चौकी प्रभारी अभिमन्यु मलिक के सहयोग से बृहस्पतिवार की देर शाम महिला को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।
बेवर थाना प्रभारी जसवीर सिंह सिरोही ने बताया कि अंबेडकर नगर पुलिस महिला की गिरफ्तारी के लिए आई थी। थाना पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई की। मेडिकल प्रक्रिया कराने के बाद ट्रांजिस्ट रिमांड पर अमापुर थाना पुलिस महिला को अपने साथ ले गई।
बेवर थाना प्रभारी जसवीर सिंह सिरोही ने बताया कि अंबेडकर नगर पुलिस महिला की गिरफ्तारी के लिए आई थी। थाना पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई की। मेडिकल प्रक्रिया कराने के बाद ट्रांजिस्ट रिमांड पर अमापुर थाना पुलिस महिला को अपने साथ ले गई।