{"_id":"b40eb7de24387a0a3329c02eed9d7de3","slug":"another-bridge-on-yamuna-will-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यमुना पर बनेगा एक और पुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यमुना पर बनेगा एक और पुल
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Tue, 13 Jan 2015 02:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा-दिल्ली हाईवे पर यमुना नदी पर एक और पुल बनाने की तैयारी है। यह फोर लेन पुल जवाहर पुल और इसके पास स्थित पुल के बीच में बनेगा। इस पुल के बनने के बाद जवाहर पुल आठ लेन का हो जाएगा, जो निकट भविष्य में सिक्स लेन होने जा रहे नेशनल हाईवे-दो पर ट्रैफिक को रफ्तार देगा।
फोर से सिक्स लेन किए जा रहे एनएच-2 के कार्यों के निरीक्षण के लिए इसी महीने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं हाईवे मंत्री नितिन गडकरी को आना है। इसे देखते हुए सोमवार को केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री प्रो. रामशंकर कठेरिया की अध्यक्षता में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें एनएच-दो के विस्तार के साथ कई और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। इस दौरान एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के मुताबिक जवाहर पुल के पास चार लेन का एक नया पुल बनाया जाएगा। अब पुन: टेंडर एवं रिशेड्यूलिंग करने के लिए यह मामला केंद्र सरकार की पीपीपी असेसमेंट कमेटी के सामने लंबित है। इसके लिए राज्य सरकार को भी स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट करना है। बैठक में एनएचएआई की ओर से उनके चीफ जर्नल मैनेजर टेक्निकल कर्नल खुशवंत सिंह, परियोजना निदेशक एमके गुप्ता, परियोजना निदेशक एसबी सिंह, मैनेजर टेक्निकल यशपाल सिंह जादौन, आगरा डेवलेपमेंट फाउंडेशन के सचिव केसी जैन, संयुक्त सचिव राकेश गर्ग, मंत्री प्रतिनिधि अनिल चौधरी, प्रवक्ता शरद चौहान के अलावा रिलायंस इंफ्राटेक एवं एलएनटी के अधिकारी मौजूद थे।
----------------------
निगम और टोरंट की वजह से काम धीरे
एनएच-दो पर नगर निगम और टोरंट की लापरवाही के चलते सिक्स लेन का काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि वाटर वर्क्स चौराहा पर फ्लाईओवर बनाने के लिए पानी व बिजली आदि की लाइन शिफ्ट होनी हैं। टोरंट पावर को बिजली की लाइन शिफ्ट करने के लिए 18 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। मगर विभाग काफी धीमी गति से काम कर रहा है। वहीं, पानी की लाइन शिफ्ट करने के लिए नगर निगम ने एनएचएआई को पहले 29 करोड़ का इस्टीमेट भेजा था। बाद में इसे संशोधित करके 64 करोड़ कर दिया। जिस पर एनएचएआई के अधिकारियों ने आपत्ति लगाई तो इसे 56 करोड़ कर फिर से भेजा है। वहीं, सुल्तानगंज चौराहा एवं खंदारी चौराहा पर पीपल के पेड़ों के ट्रांस लोकेशन के लिए एनएचएआई ने लखनऊ में तीन करोड़ रुपया जमा कराया था। इसके बाद भी यह पेड़ शिफ्ट नहीं हो सके हैं। इन्हीं चौराहों पर धार्मिक स्थल भी काम में रुकावट बने हुए हैं। इनको भी दूसरे स्थान पर प्रशासन के सहयोग से स्थानांतरित किया जाना है। मगर, प्रशासनिक अधिकारी सहयोग नहीं कर रहे। इस पर बैठक में निर्णय लिया गया कि इन सभी समस्याओं के संबंध में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में बैठक की जाए, ताकि स्थानीय स्तर के सभी समस्याओं का समाधान हो सके।
विज्ञापन
----------------
उत्तरी बाईपास पर लगा अड़ंगा
आगरा-दिल्ली हाईवे से अलीगढ़ हाईवे के बीच प्रस्तावित उत्तरी बाईपास के निर्माण को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच पेंच फंस गया है। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी बाईपास के निर्माण का प्रस्ताव राज्य सरकार के लोक निर्माण विभाग के माध्यम से परिवहन मंत्रालय को भेजा जाना चाहिए, पर अभी तक नहीं भेजा गया है। प्रस्ताव के अनुरूप, एनएच-2 और एनएच-93 के बीच उत्तरी बाईपास लगभग 25 किमी बनना था। इस संबंध में वर्ष 2008 में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक में आगरा विकास प्राधिकरण को नोडल एजेंसी नामित किया गया, लेकिन सात साल बाद भी यह मूर्त रूप नहीं ले सका है। अब इस प्रस्ताव को फिर से केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के सामने रखा जाएगा।
जयपुर हाईवे का टुकड़ा भी होगा फोर लेन
पृथ्वीनाथ फाटक रेलवे क्रॉसिंग से जयपुर हाईवे पर लगभग 17 किलोमीटर तक की सड़क फोर लेन नहीं हुई है। दरअसल, हाईवे का यह भाग राज्य सरकार के अधीन है। इस पर केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि इस मामले को वह परिवहन मंत्रालय के समक्ष रखेंगे, ताकि हाईवे को पूरा फोन लेन किया जा सके। इससे फतेहपुर सीकरी जाने वाले पर्यटकों को काफी सहूलियत होगी।
तालमेल के अभाव में एनएच-2 पर नहीं बन पा रही ‘रिंग’
आगरा। विभागों के बीच तालमेल के अभाव में कानपुर की तरफ से आने वाले वाहनों को इनर रिंग रोड से दक्षिणी बाईपास होते हुए दिल्ली हाईवे पर आने के लिए चार किलोमीटर का चक्कर अतिरिक्त लगाना पड़ेगा। दरअसल, एनएच-2 पर ‘रिंग’ नहीं बन पा रही है। एडीए द्वारा आगरा-कानपुर हाईवे स्थित कुबेरपुर से ग्वालियर हाईवे के बीच इनर रिंग रोड बनाई जा रही है। इधर, ग्वालियर हाईवे से आगरा-दिल्ली हाईवे के बीच एनएचएआई दक्षिणी बाईपास विकसित कर रहा है। इनर रिंग रोड और दक्षिणी बाईपास ग्वालियर रोड पर मिल तो रहे हैं लेकिन दोनों के बीच में चार किलोमीटर का फासला है। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस मुद्दे को कमिश्नर के समक्ष रखा जाएगा, ताकि ग्वालियर हाईवे पर इनर रिंग रोड और दक्षिणी बाईपास एक ही जगह मिलें। इससे वाहन चालकों को अतिरिक्त चक्कर नहीं लगाना होगा।
---------------
सुधरेगी सर्विस रोड की हालत
बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों ने हाईवे की सर्विस रोड की स्थिति पर चिंता प्रकट की। इस पर रीजनल ऑफिसर खुशवंत सिंह ने कहा कि सर्विस लेन और हाईवे पर गड्ढे को भरने के लिए रिलायंस इंफ्राटेक को एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। भगवान टाकीज चैराहे के फ्लाई ओवर के नीचे सफाई रखने की जिम्मेदारी एनएचएआई की है, इसके लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा।
विज्ञापन
फोर से सिक्स लेन किए जा रहे एनएच-2 के कार्यों के निरीक्षण के लिए इसी महीने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं हाईवे मंत्री नितिन गडकरी को आना है। इसे देखते हुए सोमवार को केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री प्रो. रामशंकर कठेरिया की अध्यक्षता में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें एनएच-दो के विस्तार के साथ कई और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। इस दौरान एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के मुताबिक जवाहर पुल के पास चार लेन का एक नया पुल बनाया जाएगा। अब पुन: टेंडर एवं रिशेड्यूलिंग करने के लिए यह मामला केंद्र सरकार की पीपीपी असेसमेंट कमेटी के सामने लंबित है। इसके लिए राज्य सरकार को भी स्टेट सपोर्ट एग्रीमेंट करना है। बैठक में एनएचएआई की ओर से उनके चीफ जर्नल मैनेजर टेक्निकल कर्नल खुशवंत सिंह, परियोजना निदेशक एमके गुप्ता, परियोजना निदेशक एसबी सिंह, मैनेजर टेक्निकल यशपाल सिंह जादौन, आगरा डेवलेपमेंट फाउंडेशन के सचिव केसी जैन, संयुक्त सचिव राकेश गर्ग, मंत्री प्रतिनिधि अनिल चौधरी, प्रवक्ता शरद चौहान के अलावा रिलायंस इंफ्राटेक एवं एलएनटी के अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
----------------------
निगम और टोरंट की वजह से काम धीरे
एनएच-दो पर नगर निगम और टोरंट की लापरवाही के चलते सिक्स लेन का काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि वाटर वर्क्स चौराहा पर फ्लाईओवर बनाने के लिए पानी व बिजली आदि की लाइन शिफ्ट होनी हैं। टोरंट पावर को बिजली की लाइन शिफ्ट करने के लिए 18 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। मगर विभाग काफी धीमी गति से काम कर रहा है। वहीं, पानी की लाइन शिफ्ट करने के लिए नगर निगम ने एनएचएआई को पहले 29 करोड़ का इस्टीमेट भेजा था। बाद में इसे संशोधित करके 64 करोड़ कर दिया। जिस पर एनएचएआई के अधिकारियों ने आपत्ति लगाई तो इसे 56 करोड़ कर फिर से भेजा है। वहीं, सुल्तानगंज चौराहा एवं खंदारी चौराहा पर पीपल के पेड़ों के ट्रांस लोकेशन के लिए एनएचएआई ने लखनऊ में तीन करोड़ रुपया जमा कराया था। इसके बाद भी यह पेड़ शिफ्ट नहीं हो सके हैं। इन्हीं चौराहों पर धार्मिक स्थल भी काम में रुकावट बने हुए हैं। इनको भी दूसरे स्थान पर प्रशासन के सहयोग से स्थानांतरित किया जाना है। मगर, प्रशासनिक अधिकारी सहयोग नहीं कर रहे। इस पर बैठक में निर्णय लिया गया कि इन सभी समस्याओं के संबंध में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में बैठक की जाए, ताकि स्थानीय स्तर के सभी समस्याओं का समाधान हो सके।
विज्ञापन
----------------
उत्तरी बाईपास पर लगा अड़ंगा
आगरा-दिल्ली हाईवे से अलीगढ़ हाईवे के बीच प्रस्तावित उत्तरी बाईपास के निर्माण को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच पेंच फंस गया है। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी बाईपास के निर्माण का प्रस्ताव राज्य सरकार के लोक निर्माण विभाग के माध्यम से परिवहन मंत्रालय को भेजा जाना चाहिए, पर अभी तक नहीं भेजा गया है। प्रस्ताव के अनुरूप, एनएच-2 और एनएच-93 के बीच उत्तरी बाईपास लगभग 25 किमी बनना था। इस संबंध में वर्ष 2008 में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक में आगरा विकास प्राधिकरण को नोडल एजेंसी नामित किया गया, लेकिन सात साल बाद भी यह मूर्त रूप नहीं ले सका है। अब इस प्रस्ताव को फिर से केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के सामने रखा जाएगा।
जयपुर हाईवे का टुकड़ा भी होगा फोर लेन
पृथ्वीनाथ फाटक रेलवे क्रॉसिंग से जयपुर हाईवे पर लगभग 17 किलोमीटर तक की सड़क फोर लेन नहीं हुई है। दरअसल, हाईवे का यह भाग राज्य सरकार के अधीन है। इस पर केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि इस मामले को वह परिवहन मंत्रालय के समक्ष रखेंगे, ताकि हाईवे को पूरा फोन लेन किया जा सके। इससे फतेहपुर सीकरी जाने वाले पर्यटकों को काफी सहूलियत होगी।
तालमेल के अभाव में एनएच-2 पर नहीं बन पा रही ‘रिंग’
आगरा। विभागों के बीच तालमेल के अभाव में कानपुर की तरफ से आने वाले वाहनों को इनर रिंग रोड से दक्षिणी बाईपास होते हुए दिल्ली हाईवे पर आने के लिए चार किलोमीटर का चक्कर अतिरिक्त लगाना पड़ेगा। दरअसल, एनएच-2 पर ‘रिंग’ नहीं बन पा रही है। एडीए द्वारा आगरा-कानपुर हाईवे स्थित कुबेरपुर से ग्वालियर हाईवे के बीच इनर रिंग रोड बनाई जा रही है। इधर, ग्वालियर हाईवे से आगरा-दिल्ली हाईवे के बीच एनएचएआई दक्षिणी बाईपास विकसित कर रहा है। इनर रिंग रोड और दक्षिणी बाईपास ग्वालियर रोड पर मिल तो रहे हैं लेकिन दोनों के बीच में चार किलोमीटर का फासला है। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस मुद्दे को कमिश्नर के समक्ष रखा जाएगा, ताकि ग्वालियर हाईवे पर इनर रिंग रोड और दक्षिणी बाईपास एक ही जगह मिलें। इससे वाहन चालकों को अतिरिक्त चक्कर नहीं लगाना होगा।
---------------
सुधरेगी सर्विस रोड की हालत
बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों ने हाईवे की सर्विस रोड की स्थिति पर चिंता प्रकट की। इस पर रीजनल ऑफिसर खुशवंत सिंह ने कहा कि सर्विस लेन और हाईवे पर गड्ढे को भरने के लिए रिलायंस इंफ्राटेक को एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। भगवान टाकीज चैराहे के फ्लाई ओवर के नीचे सफाई रखने की जिम्मेदारी एनएचएआई की है, इसके लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा।