कासगंज: सोरों में डेढ़ हजार वर्ष पुराना है योगेश्वर मंदिर, आस्था का है प्रमुख केंद्र
सोरों में योगमार्ग पर बना योगेश्वर मंदिर डेढ़ हजार साल से भी अधिक प्राचीन है। यह साधकों के लिए भगवान शिव परिवार व हनुमान जी की उपासना का प्रमुख केंद्र है। रामनाम लेखन के प्राचीन केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है।
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कासगंज के सूकरक्षेत्र सोरों के पग-पग पर ऐतिहासिक धरोहरें स्थित हैं। योगमार्ग पर बना योगेश्वर मंदिर भगवान शिव और हनुमान जी की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां श्रद्धालुओं की भीड़ हर पर्व पर उमड़ती है। इस ऐतिहासिक धरोहर को बेहतर संरक्षण की आवश्यकता है। पुरोहितों की मांग है कि सोरों को तीर्थस्थल का आधिकारिक दर्जा देते हुए धरोहरों को सहेजा जाए।
सोरों में योगमार्ग पर बना योगेश्वर मंदिर डेढ़ हजार साल से भी अधिक प्राचीन है। यह साधकों के लिए भगवान शिव परिवार व हनुमान जी की उपासना का प्रमुख केंद्र है। रामनाम लेखन के प्राचीन केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है।
राजा सोमदत्त सोलंकी ने तीर्थनगरी को अपनी राजधानी बनाया था। भगवान शंकर के अनन्य भक्त सोमदत्त ने तीर्थनगरी के पूर्व में दूधेश्वर, पश्चिम में योगेश्वर, दक्षिण में रूपेश्वर व उत्तर में भूतेश्वर मंदिर का निर्माण कराया। इस मंदिर में शिव परिवार, गंगा भगीरथी, भैरों की प्राचीन मूर्तियां हैं।
यह है मान्यता
डेढ़ सौ वर्ष पूर्व राजस्थान से आए जयराम बाबा ने यहां रहकर कठिन तपस्या कर हनुमानजी की सिद्धि प्राप्त की थी। मान्यता है कि हनुमान जी पर चोला चढ़ाकर प्रसाद भोग लगाने से श्रद्धालुओं को मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।
प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पूजन दर्शन के लिए आते हैं। श्रद्धालु पूजन के बाद यहां बैठकर रामनाम लेखन का कार्य अवश्य करते हैं। मंदिर परिसर में रामनाम लेखन का संग्रहालय मौजूद है। वर्तमान में पंडित घनश्याम शास्त्री इस मंदिर में सेवा पूजा का कार्य नियमित रूप से करते हैं।
योगेश्वर मंदिर के सेवायत पंडित घनश्याम शास्त्री ने बताया कि निस्वार्थ भाव से मंदिर में सेवा कार्य करने वाले को परम संतोष व सुख की प्राप्ति होती है। यह अत्यंत पौराणिक मंदिर सरकार की उपेक्षा का दंश झेल रहा है।
सराफा कारोबारी गिर्राज किशोर ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न तीर्थों को अध्यात्म परिपथ से जोड़कर सरकार विकास का रोडमैप तैयार कर रहीं हैं। परंतु दुख है इस प्रमुख तीर्थस्थल को इस योजना से अछूता रखा गया है।