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पर तैनात शिक्षक धीरेंद्र सिंह की सेवा होगी समाप्त
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मैनपुरी। कानपुर में कार्यरत शिक्षक के अभिलेखों से मैनपुरी में नौकरी कर रहे शिक्षक धीरेंद्र सिंह की सेवा समाप्ति की संस्तुति कर दी गई। बेसिक शिक्षा विभाग की तीन टीमों की रिपोर्ट के बाद जिला समिति ने बर्खास्तगी पर सहमति जताई।
विकास खंड किशनी के उच्च प्राथमिक विद्यालय तरिहा पर तैनात शिक्षक धीरेंद्र सिंह के अभिलेख फर्जी निकले। शिक्षक धीरेंद्र सिंह कानपुर देहात में तैनात शिक्षक धीरेंद्र प्रताप सिंह के अभिलेखों से नौकरी कर रहा था। बीएसए विजय प्रताप सिंह ने छह महीने में धीरेंद्र सिंह को तीन बार नोटिस जारी किया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए तो बीएसए ने उसकी तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराई। जांच में धीरेंद्र सिंह के अभिलेख फर्जी पाए गए। धीरेंद्र सिंह कानपुर में तैनात शिक्षक धीरेंद्र प्रताप सिंह के अभिलेखों से नौकरी कर रहा था।
बृहस्पतिवार को बीएसए कार्यालय में जिला चयन समिति की बैठक हुई। बैठक में जांच रिपोर्ट का निरीक्षण करने के बाद समिति के पदाधिकारियों ने शिक्षक की बर्खास्तगी पर सहमति दे दी। बैठक में प्राचार्य डायट नरेंद्र पाल सिंह, बीएसए विजय प्रताप सिंह, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या सुमन यादव, राजकीय इंटर कॉलेज के शिक्षक सुरेश सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
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जनवरी में की गई थी शिकायत
कानपुर देहात में तैनात शिक्षक धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बीएसए कानपुर देहात को शिकायती पत्र देकर जनवरी में बताया था कि उसके पैनकार्ड से मैनपुरी में एक शिक्षक वेतन पा रहा है। बीएसए कानपुर देहात ने जनवरी में ही बीएसए मैनपुरी को पत्र भेजा था। बीएसए मैनपुरी ने पत्र प्राप्त होते ही शिक्षक धीरेंद्र सिंह का वेतन रोकते हुए उसे नोटिस जारी किया था।
फर्जी पैनकार्ड के मामले में एक और चल रही है जांच
राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय से एक ही पैनकार्ड से दो स्थानों पर नौकरी करने वाले 112 शिक्षकों की सूची जारी की गई है। इस सूची में विकासखंड सुल्तानगंज में तैनात शिक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह का भी नाम शामिल है। बताया गया है कि देवेंद्र प्रताप सिंह नाम से एक शिक्षक जनपद कन्नौज में भी नौकरी कर रहा है। राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय से पत्र प्राप्त होने के बाद बीएसए विजय प्रताप सिंह ने जिले में तैनात शिक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह के अभिलेखों की जांच शुरू करा दी है।
शिक्षक धीरेंद्र सिंह के अभिलेख फर्जी पाए जाने पर जिला समिति ने बर्खास्तगी की सहमति दी है। शिक्षक के बर्खास्तगी की कार्रवाई की जा रही है। देर रात तक बर्खास्तगी का पत्र जारी कर दिया जाएगा।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए
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विकास खंड किशनी के उच्च प्राथमिक विद्यालय तरिहा पर तैनात शिक्षक धीरेंद्र सिंह के अभिलेख फर्जी निकले। शिक्षक धीरेंद्र सिंह कानपुर देहात में तैनात शिक्षक धीरेंद्र प्रताप सिंह के अभिलेखों से नौकरी कर रहा था। बीएसए विजय प्रताप सिंह ने छह महीने में धीरेंद्र सिंह को तीन बार नोटिस जारी किया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए तो बीएसए ने उसकी तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराई। जांच में धीरेंद्र सिंह के अभिलेख फर्जी पाए गए। धीरेंद्र सिंह कानपुर में तैनात शिक्षक धीरेंद्र प्रताप सिंह के अभिलेखों से नौकरी कर रहा था।
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बृहस्पतिवार को बीएसए कार्यालय में जिला चयन समिति की बैठक हुई। बैठक में जांच रिपोर्ट का निरीक्षण करने के बाद समिति के पदाधिकारियों ने शिक्षक की बर्खास्तगी पर सहमति दे दी। बैठक में प्राचार्य डायट नरेंद्र पाल सिंह, बीएसए विजय प्रताप सिंह, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या सुमन यादव, राजकीय इंटर कॉलेज के शिक्षक सुरेश सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
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जनवरी में की गई थी शिकायत
कानपुर देहात में तैनात शिक्षक धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बीएसए कानपुर देहात को शिकायती पत्र देकर जनवरी में बताया था कि उसके पैनकार्ड से मैनपुरी में एक शिक्षक वेतन पा रहा है। बीएसए कानपुर देहात ने जनवरी में ही बीएसए मैनपुरी को पत्र भेजा था। बीएसए मैनपुरी ने पत्र प्राप्त होते ही शिक्षक धीरेंद्र सिंह का वेतन रोकते हुए उसे नोटिस जारी किया था।
फर्जी पैनकार्ड के मामले में एक और चल रही है जांच
राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय से एक ही पैनकार्ड से दो स्थानों पर नौकरी करने वाले 112 शिक्षकों की सूची जारी की गई है। इस सूची में विकासखंड सुल्तानगंज में तैनात शिक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह का भी नाम शामिल है। बताया गया है कि देवेंद्र प्रताप सिंह नाम से एक शिक्षक जनपद कन्नौज में भी नौकरी कर रहा है। राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय से पत्र प्राप्त होने के बाद बीएसए विजय प्रताप सिंह ने जिले में तैनात शिक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह के अभिलेखों की जांच शुरू करा दी है।
शिक्षक धीरेंद्र सिंह के अभिलेख फर्जी पाए जाने पर जिला समिति ने बर्खास्तगी की सहमति दी है। शिक्षक के बर्खास्तगी की कार्रवाई की जा रही है। देर रात तक बर्खास्तगी का पत्र जारी कर दिया जाएगा।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए