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अमर उजाला स्थापना दिवस विशेष: आगरा कॉलेज में होगा दोहरा शतक लगाने का जश्न, अब तक दिए दो प्रधानमंत्री और एक उपराष्ट्रपति
Mon, 18 Apr 2022 01:42 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 18 Apr 2022 01:42 PM IST
सार
आगरा कॉलेज एतिहासिक दोहरे शतक की तरफ बढ़ रहा है। कॉलेज की स्थापना को नवंबर 2023 में 200 वर्ष पूरे हो जाएंगे। इसका जश्न एक वर्ष पहले ही मनाया जाने लगेगा। एक वर्ष तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है
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आगरा कॉलेज, आगरा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा कॉलेज में सात नवंबर 2022 से सात नवंबर 2023 तक कॉलेज के 200 वर्ष का उत्सव मनाया जाएगा। सेमिनार, सिंपोजियम, व्याख्यानमाला, कांफ्रेंस, सांस्कृतिक कार्यक्रम व अन्य आयोजन किए जाएंगे। आगरा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुराग शुक्ला के मुताबिक कॉलेज में वर्तमान में करीब 15,000 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। कला, विधि, विज्ञान, ललित कला, शारीरिक शिक्षा संकाय के अलावा स्व वित्त पोषित संकाय में जैव प्रौद्योगिकी, वाणिज्य, अभियांत्रिकी, पत्रकारिता, प्रबंधन व शिक्षा-शिक्षक संकाय हैं। कॉलेज, यूजीसी की ओर से नैक से मूल्यांकित है। यूजीसी की ओर से हेरिटेज कॉलेज का दर्जा प्राप्त है।
कॉलेज में जूलॉजिकल म्यूजियम, बॉटनिकल गार्डन, विधि विभाग में मूट कोर्ट तथा मुख्य परिसर में घड़ी उद्यान स्थापित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार पढ़ाई चालू कर दी गई है। 10 स्किल पार्टनर्स के साथ एमओयू का एग्रीमेंट किया जा चुका है।
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07 छात्रावास हैं। 06 छात्रों के लिए और 01 छात्राओं के लिए।
03 एनसीसी की विंग हैं। इसमें आर्मी, महिला व एयर विंग हैं।
11 संकाय संचालित हैं।
05 एनएसएस की इकाइयां हैं।
05 इकाइयां रोवर्स एंड रेंजर्स की हैं।
1- चौधरी चरण सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री
2- गुलजारीलाल नंदा, पूर्व प्रधानमंत्री
3- गोपाल स्वरूप पाठक, पूर्व उपराष्ट्रपति
4- तेज बहादुर सप्रू, शिक्षाविद्
5- पंडित हृदयनाथ कुंजरू, शिक्षाविद्
6- पंडित अयोध्या नाथ कुंजरू, शिक्षाविद्
7- पद्मश्री बनारसीदास चतुर्वेदी, शिक्षाविद्
8- पंडित श्रीराम शर्मा, संपादक विशाल भारत
9- जस्टिस एसके दर, सुप्रीम कोर्ट के जज
10- पंडित कामेश्वर काटजू, सुप्रीम कोर्ट के जज
11- नंद लाल नेहरू, स्वतंत्रता सेनानी
12- रायबहादुर सर सुखदेव प्रसाद
13- डॉ. नारायण प्रसाद अस्थाना, शिक्षाविद्
14- डॉ. ईश्वरी प्रसाद, इतिहासविद्
15- भगवान शंकर रावत, पूर्व सभापति लोक लेखा समिति
16- अजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री
17- कैप्टन भगवान सिंह, पूर्व उच्चायुक्त फिजी
18- बेबी रानी मौर्य, कैबिनेट मंत्री
19- मोतीलाल नेहरू, स्वतंत्रता सेनानी
20- राजा लक्ष्मण सिंह
21- पंडित कृष्ण दत्त पालीवाल, पूर्व मंत्री
2- प्रो. केसी मेहता, वनस्पति विज्ञान
3- प्रो. डीपी खंडेलवाल, भौतिक विज्ञान
4- प्रो. केसी मुखर्जी भौतिक विज्ञान
5- डॉ. क्रॉल, रसायन विज्ञान
6- न्यूटन राम, रसायन विज्ञान
7- पंडित जगन्नाथ तिवारी, हिंदी
8- डॉ. हर स्वरुप शर्मा, गणित
9- डॉ. केएस राणा, जंतु विज्ञान
10- प्रो. प्रतिमा अस्थाना, इतिहास
11- डॉ. कैलाश मिश्रा, संस्कृत
12- डॉ. वाई प्रसाद, इतिहास
13- डॉ. गजाधीश प्रसाद एवं डॉ बाबूराम मलिक, अंग्रेजी
14- डॉ. एके चटर्जी, दर्शनशास्त्र
पूर्व कुलपति जो कॉलेज के छात्र या शिक्षक रहे: डॉ. एसएन श्रीवास्तव, डॉ. प्रतिमा अस्थाना, डॉ. जीसी सक्सेना पूर्व कुलपति रहे। डॉ. केएस राणा अभी कुलपति हैं। कॉलेज के शिक्षक डॉ. सुनील जैन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष रहे।
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कॉलेज में जूलॉजिकल म्यूजियम, बॉटनिकल गार्डन, विधि विभाग में मूट कोर्ट तथा मुख्य परिसर में घड़ी उद्यान स्थापित है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार पढ़ाई चालू कर दी गई है। 10 स्किल पार्टनर्स के साथ एमओयू का एग्रीमेंट किया जा चुका है।
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आगरा कॉलेज का इतिहास
आगरा कॉलेज की स्थापना नवंबर 1823 में संस्कृत मनीषी एवं सिंधिया राजघराने के राज ज्योतिषी पंडित गंगाधर शास्त्री ने संस्कृत पाठशाला के रूप में किया था। सर्वप्रथम पाठशाला फिर मिडिल स्कूल, हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और उसके बाद उच्च शिक्षा आगरा कॉलेज में शुरू की गई। सबसे पहले कला संकाय (संस्कृत, ज्योतिष एवं दर्शनशास्त्र) एवं विधि संकाय की पढ़ाई शुरू कराई गई। कॉलेज का क्षेत्रफल 67 बीघा है।
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15000 के करीब छात्र-छात्राएं कॉलेज में पंजीकृत हैं
07 छात्रावास हैं। 06 छात्रों के लिए और 01 छात्राओं के लिए।
03 एनसीसी की विंग हैं। इसमें आर्मी, महिला व एयर विंग हैं।
11 संकाय संचालित हैं।
05 एनएसएस की इकाइयां हैं।
05 इकाइयां रोवर्स एंड रेंजर्स की हैं।
स्वतंत्रता संग्राम के दौरान क्रांतिकारी गतिविधियों का केंद्र रहा
आगरा कॉलेज स्वतंत्रता संग्राम के दौरान क्रांतिकारी गतिविधियों का केंद्र रहा। 1857 की क्रांति में क्रांतिकारियों की ओर से यहां आग लगा दी गई। कॉलेज बंद कर दिया गया। देश में सर्वप्रथम सिविल इंजीनियरिंग का कोर्स आगरा कॉलेज में शुरू हुआ, जिसे 1857 की क्रांति के बाद बंद कर दिया गया।
कॉलेज के पूर्व छात्रों में इनका भी नाम
1- चौधरी चरण सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री
2- गुलजारीलाल नंदा, पूर्व प्रधानमंत्री
3- गोपाल स्वरूप पाठक, पूर्व उपराष्ट्रपति
4- तेज बहादुर सप्रू, शिक्षाविद्
5- पंडित हृदयनाथ कुंजरू, शिक्षाविद्
6- पंडित अयोध्या नाथ कुंजरू, शिक्षाविद्
7- पद्मश्री बनारसीदास चतुर्वेदी, शिक्षाविद्
8- पंडित श्रीराम शर्मा, संपादक विशाल भारत
9- जस्टिस एसके दर, सुप्रीम कोर्ट के जज
10- पंडित कामेश्वर काटजू, सुप्रीम कोर्ट के जज
11- नंद लाल नेहरू, स्वतंत्रता सेनानी
12- रायबहादुर सर सुखदेव प्रसाद
13- डॉ. नारायण प्रसाद अस्थाना, शिक्षाविद्
14- डॉ. ईश्वरी प्रसाद, इतिहासविद्
15- भगवान शंकर रावत, पूर्व सभापति लोक लेखा समिति
16- अजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री
17- कैप्टन भगवान सिंह, पूर्व उच्चायुक्त फिजी
18- बेबी रानी मौर्य, कैबिनेट मंत्री
19- मोतीलाल नेहरू, स्वतंत्रता सेनानी
20- राजा लक्ष्मण सिंह
21- पंडित कृष्ण दत्त पालीवाल, पूर्व मंत्री
महाविद्यालय के प्रसिद्ध पूर्व शिक्षक
1- प्रो. पीसी रे (जिन्हें आधुनिक भारतीय रसायन विज्ञान के पितामह के रूप में भी जाना जाता है)2- प्रो. केसी मेहता, वनस्पति विज्ञान
3- प्रो. डीपी खंडेलवाल, भौतिक विज्ञान
4- प्रो. केसी मुखर्जी भौतिक विज्ञान
5- डॉ. क्रॉल, रसायन विज्ञान
6- न्यूटन राम, रसायन विज्ञान
7- पंडित जगन्नाथ तिवारी, हिंदी
8- डॉ. हर स्वरुप शर्मा, गणित
9- डॉ. केएस राणा, जंतु विज्ञान
10- प्रो. प्रतिमा अस्थाना, इतिहास
11- डॉ. कैलाश मिश्रा, संस्कृत
12- डॉ. वाई प्रसाद, इतिहास
13- डॉ. गजाधीश प्रसाद एवं डॉ बाबूराम मलिक, अंग्रेजी
14- डॉ. एके चटर्जी, दर्शनशास्त्र
पूर्व कुलपति जो कॉलेज के छात्र या शिक्षक रहे: डॉ. एसएन श्रीवास्तव, डॉ. प्रतिमा अस्थाना, डॉ. जीसी सक्सेना पूर्व कुलपति रहे। डॉ. केएस राणा अभी कुलपति हैं। कॉलेज के शिक्षक डॉ. सुनील जैन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष रहे।