{"_id":"5d29757e8ebc3e6d035422ae","slug":"amar-ujala-brand-strategist-meet-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अमर उजाला 'ब्रांड स्ट्रेटजिस्ट': विशेषज्ञ ने बताईं बाजार की चुनौतियां, रिटेलर्स को दिए टिप्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमर उजाला 'ब्रांड स्ट्रेटजिस्ट': विशेषज्ञ ने बताईं बाजार की चुनौतियां, रिटेलर्स को दिए टिप्स
Sat, 13 Jul 2019 11:39 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 13 Jul 2019 11:39 AM IST
विज्ञापन
विशेषज्ञ एवं हेल्प योर प्रोडक्ट्स के डायरेक्टर ताजदार अमान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा में रिटेल व्यवसाय के सामने मॉल कल्चर और आनलाइन बाजार की चुनौतियों और उन्हें नई दिशा देने के लिए अमर उजाला के दो दिवसीय ‘ब्रांड स्ट्रेटजिस्ट’ का आगाज शुक्रवार को किया गया। इसमें बड़ी संख्या में शहर के रिटेलर्स ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने रिटेलर्स को ब्रांड के रूप में उभारने के टिप्स बताए। व्यवसायियों ने भी ब्रांडिंग और मार्केटिंग के नए परिदृश्य के बारे में सवाल करके अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
एमजी रोड स्थित होटल होली डे इन में अमर उजाला के ब्रांड स्ट्रेजिस्ट में आए विशेषज्ञ एवं हेल्प योर प्रोडक्ट्स के डायरेक्टर ताजदार अमान ने बताया कि रिटेलर्स कामयाब और बड़ा होना चाहते हैं तो उन्हें मॉडर्न रिटेलर्स (आनलाइन बाजार, मॉल्स) से मुकाबला करना होगा। रिटेलर्स का वर्ष 2017 में बिजनेस 47 लाख करोड़ रुपये था, जोकि बहुत अच्छा है, लेकिन मॉडर्न रिटेलर्स इससे कहीं आगे हैं।
उन्होंने उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए तीन उपाय बताए। ब्रांडिंग, एडवरटाइजिंग और विजुअल मर्चेंटाइजिंग। रिटेल में विदेशी बाजार की दखल के बाद तो कंप्टीशन में बने रहने को ब्रांडिंग पर खर्च करना जरूरी हो गया है। एक्सपर्ट अमान ने ब्रांडिंग क्या है और इसकी क्यों जरूरत है? पर रिटेलर्स से सीधा संवाद किया। उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
एमजी रोड स्थित होटल होली डे इन में अमर उजाला के ब्रांड स्ट्रेजिस्ट में आए विशेषज्ञ एवं हेल्प योर प्रोडक्ट्स के डायरेक्टर ताजदार अमान ने बताया कि रिटेलर्स कामयाब और बड़ा होना चाहते हैं तो उन्हें मॉडर्न रिटेलर्स (आनलाइन बाजार, मॉल्स) से मुकाबला करना होगा। रिटेलर्स का वर्ष 2017 में बिजनेस 47 लाख करोड़ रुपये था, जोकि बहुत अच्छा है, लेकिन मॉडर्न रिटेलर्स इससे कहीं आगे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए तीन उपाय बताए। ब्रांडिंग, एडवरटाइजिंग और विजुअल मर्चेंटाइजिंग। रिटेल में विदेशी बाजार की दखल के बाद तो कंप्टीशन में बने रहने को ब्रांडिंग पर खर्च करना जरूरी हो गया है। एक्सपर्ट अमान ने ब्रांडिंग क्या है और इसकी क्यों जरूरत है? पर रिटेलर्स से सीधा संवाद किया। उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया।
विज्ञापन
ब्रांड स्ट्रेटजिस्ट में मौजूद कारोबारी
- फोटो : अमर उजाला
ताजदार बताते हैं कि आज भी शहर से लेकर कसबों तक अगर किसी माध्यम की पहुंच है तो वह अखबार ही हैं, ऐसे में ब्रांडिंग के लिए ये एकमात्र माध्यम है। उन्होंने कानपुर के एक प्रचलित डिटरजेंट पाउडर के ब्रांडिंग का उदाहरण दिया। इसके पहले कार्यक्रम का दीप जलाकर शुभारंभ किया गया। संचालन कुमारी पलका ने किया।
बदलाव जरूरी है जनाब
एक्सपर्ट अमान ने शहर के रिटेलर्स को बाजार की जरूरतों को बारीकी से बताया तो वहीं उपभोक्ता की बदलती च्वाइस का जिक्र किया। कहा कि देश के मध्यम वर्ग की पॉकेट में पैसा है और वह इसे खर्च भी कर रहा है।
सुविधाभोगी होते लोगों को आनलाइन आर्डर पर घर पर सब कुछ मिल रहा है तो बाजार में टिके रहने के लिए आपको अपने प्रोडक्ट की ब्रांडिंग इस तरह करनी है कि वह आपके प्रतिष्ठान पर पहुंचने को मजबूर हो जाए। इस बदलाव को रिटेलर्स को भी भांपना होगा।
बदलाव जरूरी है जनाब
एक्सपर्ट अमान ने शहर के रिटेलर्स को बाजार की जरूरतों को बारीकी से बताया तो वहीं उपभोक्ता की बदलती च्वाइस का जिक्र किया। कहा कि देश के मध्यम वर्ग की पॉकेट में पैसा है और वह इसे खर्च भी कर रहा है।
सुविधाभोगी होते लोगों को आनलाइन आर्डर पर घर पर सब कुछ मिल रहा है तो बाजार में टिके रहने के लिए आपको अपने प्रोडक्ट की ब्रांडिंग इस तरह करनी है कि वह आपके प्रतिष्ठान पर पहुंचने को मजबूर हो जाए। इस बदलाव को रिटेलर्स को भी भांपना होगा।