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UP: धूल-धुआं कर रहा बीमार...खांसी-छींक से बुरा हाल, कान दर्द की भी शिकायत; चिकित्सकों ने दी ये सलाह
Wed, 29 Oct 2025 09:34 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Wed, 29 Oct 2025 09:34 PM IST
सार
माैसम में बदलाव से जुकाम-खांसी, गले में खराश की परेशानी बढ़ी है। एसएन मेडिकल काॅलेज की ओपीडी में सांस रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। ऐसे में चिकित्सकों ने बचाव के तरीके बताए हैं।
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ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
पारा कम होने और हवा में धूल-धुआं से लोगों को एलर्जी और वायरल फीवर की परेशानी मिल रही है। इससे एलर्जी से बार-बार छींक आना, गले में खराश, कान में दर्द और तेज खांसी की भी शिकायत बढ़ गई है। एसएन मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
ईएनटी रोग विभाग के डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि दो-तीन दिन में मौसम में बदलाव आया है। इससे जुकाम-खांसी, गले में खराश की परेशानी मिल रही है। धूल-धुआं के अतिसूक्ष्म कण के नाक और फेफड़े में जाने से बार-बार छींक आना, तेज खांसी की भी दिक्कत मिल रही है। ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक मित्तल ने बताया कि मौसम बदलने और ठंडी सामग्री खाने-पीने से वायरल फीवर बढ़ गया है।
इससे बच्चों के गले में सूजन, दर्द, कान में दर्द की दिक्कत बढ़ गई है। नींद पूरी नहीं होने के कारण बच्चे चिड़चिड़े भी हो रहे हैं। इलाज से मर्ज को ठीक होने में सप्ताह भर से अधिक समय लग रहा है। वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के डॉ. गजेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि अस्थमा और सांस रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इनको सीने में भारीपन, सांस लेने में परेशानी, बलगम आना, तेज खांसी ज्यादा मिल रही है। ओपीडी में आए 251 में से 65 फीसदी को यही दिक्कत मिली।
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हालत खराब होने पर अस्थमा अटैक के 5 मरीजों को भर्ती करना पड़ा। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. राजेंद्र अरोड़ा ने बताया कि बदले मौसम के कारण ओपीडी में वायरल बुखार, हड्डी रोग, त्वचा रोग के सबसे ज्यादा मरीज आ रहे हैं। इनको दवाएं देने के साथ बचाव के बारे में भी जागरूक कर रहे हैं।
इन बातों का रखें ध्यान:
- ठंडा पानी और ठंडी सामग्री खाने से बचें। बासी भोजन न करें।
- जागने के बाद सेंधा नमक डालकर गुनगुने पानी से गरारे करें।
- सुबह और शाम गर्म पानी की भाप लें। गुनगुना पानी पीएं।
- प्रदूषित स्थानों पर जाने से बचें, बाहर जाते वक्त मास्क लगाएं।
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ईएनटी रोग विभाग के डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि दो-तीन दिन में मौसम में बदलाव आया है। इससे जुकाम-खांसी, गले में खराश की परेशानी मिल रही है। धूल-धुआं के अतिसूक्ष्म कण के नाक और फेफड़े में जाने से बार-बार छींक आना, तेज खांसी की भी दिक्कत मिल रही है। ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक मित्तल ने बताया कि मौसम बदलने और ठंडी सामग्री खाने-पीने से वायरल फीवर बढ़ गया है।
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इससे बच्चों के गले में सूजन, दर्द, कान में दर्द की दिक्कत बढ़ गई है। नींद पूरी नहीं होने के कारण बच्चे चिड़चिड़े भी हो रहे हैं। इलाज से मर्ज को ठीक होने में सप्ताह भर से अधिक समय लग रहा है। वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के डॉ. गजेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि अस्थमा और सांस रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इनको सीने में भारीपन, सांस लेने में परेशानी, बलगम आना, तेज खांसी ज्यादा मिल रही है। ओपीडी में आए 251 में से 65 फीसदी को यही दिक्कत मिली।
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हालत खराब होने पर अस्थमा अटैक के 5 मरीजों को भर्ती करना पड़ा। जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. राजेंद्र अरोड़ा ने बताया कि बदले मौसम के कारण ओपीडी में वायरल बुखार, हड्डी रोग, त्वचा रोग के सबसे ज्यादा मरीज आ रहे हैं। इनको दवाएं देने के साथ बचाव के बारे में भी जागरूक कर रहे हैं।
इन बातों का रखें ध्यान:
- ठंडा पानी और ठंडी सामग्री खाने से बचें। बासी भोजन न करें।
- जागने के बाद सेंधा नमक डालकर गुनगुने पानी से गरारे करें।
- सुबह और शाम गर्म पानी की भाप लें। गुनगुना पानी पीएं।
- प्रदूषित स्थानों पर जाने से बचें, बाहर जाते वक्त मास्क लगाएं।