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फारुकी को अल्लामा मैकश अकबराबादी अवार्ड से नवाजा
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Mon, 18 Apr 2016 02:13 AM IST
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उर्दू साहित्य में योगदान के लिए संस्था के सहयोगी भी सम्मानित
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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साहित्यिक संस्था बज्म-ए-मैकश की ओर से रविवार को होटल ग्रांड में आयोजित कार्यक्रम में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं साहित्यकार शमसुर्ररहमान फारुकी को 26वें अल्लामा मैकश अकबराबादी अवार्ड से नवाजा गया।
संस्था के सचिव डा. इरशाद अहमद ने तिलावते कलाम से प्रोग्राम का आगाज किया। डा. नसरीन बेगम ने शम्सुर्ररहमान फारुकी का परिचय दिया। फारुकी न केवल उर्दू बल्कि हिंदी और अंग्रेजी में भी समान अधिकार से रचनाएं करते हैं। सरस्वती सम्मान से नवाजे जा चुके फारुकी को उर्दू साहित्य में उनके योगदान के लिए ये पुरस्कार दिया जा रहा है। संस्था के संरक्षक सैयद अजमल अली शाह कादरी नियाजी ने फारुकी को स्मृति चिह्न, मानपत्र और शाल भेंट किया। सैयद शब्बर अली शाह ने चांदी का रजत पदक प्रदान किया। मानपत्र का वाचन सैयद फैज अली शाह नियाजी ने किया। मुख्य अतिथि डा. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मोहम्मद मुजम्मिल ने संस्था के प्रयासों को सराहा। कार्यक्रम में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग के चेयरमैन रहे प्रोफेसर अमीन मियां ने भी विचार रखे। इस मौके पर मैकश अकबराबादी के कृतित्व पर संगोष्ठी हुई। इसमें डा. मोहम्मद कमर आलम, सैयद तनवीर अहमद निजामी ने मैकश की गजल पेश कीं। प्रदर्शनी में मैकश के साहित्य और संस्था के सफर को दर्शाया गया। कार्यक्रम में संस्था के सहयोगियों नवेद अख्तर सिद्दीकी, डा. विजय शर्मा, हाजी इम्तियाज, जाहिद हुसैन, विशाल रियाज आदि को भी सम्मानित किया गया। अध्यक्षता सैयद मेराजुद्दीन ने की। इस मौके पर डा. अमिता त्रिपाठी, वेद त्रिपाठी, लता चंदोला, अरुण टंडन, शशि टंडन आदि मौजूद रहे।
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संस्था के सचिव डा. इरशाद अहमद ने तिलावते कलाम से प्रोग्राम का आगाज किया। डा. नसरीन बेगम ने शम्सुर्ररहमान फारुकी का परिचय दिया। फारुकी न केवल उर्दू बल्कि हिंदी और अंग्रेजी में भी समान अधिकार से रचनाएं करते हैं। सरस्वती सम्मान से नवाजे जा चुके फारुकी को उर्दू साहित्य में उनके योगदान के लिए ये पुरस्कार दिया जा रहा है। संस्था के संरक्षक सैयद अजमल अली शाह कादरी नियाजी ने फारुकी को स्मृति चिह्न, मानपत्र और शाल भेंट किया। सैयद शब्बर अली शाह ने चांदी का रजत पदक प्रदान किया। मानपत्र का वाचन सैयद फैज अली शाह नियाजी ने किया। मुख्य अतिथि डा. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मोहम्मद मुजम्मिल ने संस्था के प्रयासों को सराहा। कार्यक्रम में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग के चेयरमैन रहे प्रोफेसर अमीन मियां ने भी विचार रखे। इस मौके पर मैकश अकबराबादी के कृतित्व पर संगोष्ठी हुई। इसमें डा. मोहम्मद कमर आलम, सैयद तनवीर अहमद निजामी ने मैकश की गजल पेश कीं। प्रदर्शनी में मैकश के साहित्य और संस्था के सफर को दर्शाया गया। कार्यक्रम में संस्था के सहयोगियों नवेद अख्तर सिद्दीकी, डा. विजय शर्मा, हाजी इम्तियाज, जाहिद हुसैन, विशाल रियाज आदि को भी सम्मानित किया गया। अध्यक्षता सैयद मेराजुद्दीन ने की। इस मौके पर डा. अमिता त्रिपाठी, वेद त्रिपाठी, लता चंदोला, अरुण टंडन, शशि टंडन आदि मौजूद रहे।
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