Mainpuri By-Election: अखिलेश ने मैनपुरी उपचुनाव में खेला बड़ा दांव, आलोक शाक्य को बनाया सपा जिलाध्यक्ष
मैनपुरी उपचुनाव में समाजवादी पार्टी ने शाक्य मतदाताओं को साधने के लिए बड़ा दांव खेला है। भोगांव के पूर्व मंत्री आलोक शाक्य को पार्टी जिलाध्यक्ष की कमान सौंप दी है।
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शाक्य और यादव बहुल मैनपुरी लोकसभा सीट पर जीत के लिए हर बार भाजपा ने शाक्य प्रत्याशी का ही दांव चला। लेकिन इस बार भाजपा ये दांव चल पाती, इससे पहले ही सपा ने आलोक शाक्य को जिलाध्यक्ष बना कर शाक्य कार्ड खेलकर भाजपा को चित कर दिया। सपा अब आलोक शाक्य के सहारे शाक्य वोट बैंक में सेंधमारी करेगी। वहीं, भाजपा को अब ये सीट जीतनी है तो कोई नया दांव चलना होगा।
मुलायम सिंह यादव का चरखा दांव केवल पहलवानी में ही नहीं राजनीति में भी बेहद मशहूर हुआ। कई बार उन्होंने अपने निर्णयों से उत्तर प्रदेश और देश की राजनीति की दिशा ही बदल डाली। आज जब मुलायम सिंह यादव नहीं है तो उनकी कर्मभूमि मैनपुरी के लिए राजनीतिक संग्राम होने जा रहा है। इसमें अखिलेश यादव ने भी भाजपा के खिलाफ आलोक शाक्य को जिलाध्यक्ष बनाकर शाक्य कार्ड खेल दिया है। इस एक कार्ड से भाजपा की पूरी इंजीनियरिंग धरी रह गई है।
दरअसल मैनपुरी में शाक्य और यादव वोट बैंक अधिक है। यादव वोट बैंक पर पहले से ही सपा का कब्जा है। ऐसे में भाजपा शाक्य वोट बैंक के सहारे मैनपुरी लोकसभा सीट जीतने के लिए लंबे समय से शाक्य प्रत्याशी का ही दाव खेल रही है। 2009 के चुनाव में भाजपा ने जहां तृप्ति शाक्या को मैदान में उतारा था तो वहीं 2014 के उप चुनाव और 2019 के चुनाव में प्रेमसिंह शाक्य ने चुनाव लड़ा। लेकिन इसके बाद भी सफलता नहीं मिल सकी।
आलोक शाक्य को बनाया जिलाध्यक्ष
इस बार भी भाजपा से शाक्य प्रत्याशियों के नाम ही चल रहे थे। कहीं न कहीं भाजपा अपना वही पुराना कार्ड खेलने की तैयारी में थी। भाजपा ये कार्ड खेलती इससे पहले ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शाक्य कार्ड खेलकर भाजपा की रणनीति को चित कर दिया। उन्होंने भोगांव तीन बार के पूर्व विधायक और सपा में पूर्व मंत्री रहे आलोक शाक्य को जिलाध्यक्ष बनाकर अपनी चाल चल दी। अब अगर भाजपा मैनपुरी सीट जीतना चाहती है तो अब उसे शाक्य कार्ड के आगे ट्रंप कार्ड खेलना होगा।
अन्य वोट बैंक में भी है आलोक शाक्य का वजूद
आलोक शाक्य मैनपुरी जिले की भोगांव विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर 2017 तक तीन बार लगातार विधायक रहे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के मंत्रिमंडल में भी राज्य मंत्री के रूप में शामिल रहे। इतना ही नहीं आलोक शाक्य के पिता एडवोकेट रामौतार शाक्य भी भोगांव विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे। 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में भी भोगांव सीट से भाजपा विधायक रामनरेश अग्निहोत्री से उनका करीबी मुकाबला रहा। ऐसे में शाक्य वोट बैंक के साथ-साथ अन्य जातियों में भी आलोक शाक्य की पकड़ मजबूत है, जिसका लोकसभा चुनाव में सपा को लाभ मिलेगा।
सपा जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य ने बताया कि समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी है, इसके लिए धन्यवाद देता हूं। सपा हर हाल में मैनपुरी लोकसभा सीट जीतेगी। जल्द ही प्रत्याशी की घोषणा भी कर दी जाएगी।
सपा जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य का प्रोफाइल
आलोक कुमार शाक्य (भोगांव)-दल: सपा
-उम्र: 49 वर्ष
-शिक्षा: स्नातक
-राजनीतिक जीवन: भोगांव सीट से सपा के टिकट पर 2002, 2007 और 2012 में विधायक व 2012 में बनी सपा सरकार में राज्य मंत्री भी रहे।
-मुकदमे: एक
-वाहन: स्वयं पर कार।
-असलहा: एक राइफल, एक पिस्टल, एक 12 बोर गन।