फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Agranwadi Center Works In Dilapidated Building Read Special Report

बदहाल व्यवस्था: खंडहर में तब्दील हुए आंगनबाड़ी केंद्र, कहीं छत नहीं कहीं दीवारें, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

Wed, 06 Oct 2021 11:42 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 06 Oct 2021 11:42 AM IST
सार

फतेहपुर सीकरी महदऊ गांव में आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर हो चुका है। जंगले उखड़ चुके हैं। दरवाजे टूटे पड़े हैं। इमारत जर्जर हाल है। प्रधान तालेवर सिंह ने बताया कि केंद्र की मरम्मत के लिए अलग से कोई बजट नहीं मिलता।

विज्ञापन
Agranwadi Center Works In Dilapidated Building Read Special Report
आगरा: बदहाल आंगनबाड़ी केंद्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आंगनबाड़ी केंद्र खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। कहीं छत नहीं हैं तो कहीं दीवारें गायब हैं। कहीं शौचालय की व्यवस्था नहीं है, तो कहीं छत गिरासू है। जर्जर इमारतों के कारण 35 से अधिक केंद्र जिले में प्राइमरी स्कूलों में संचालित हैं। जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए दो बार सर्वे हो चुका है, लेकि न प्रस्ताव अधूरा पड़ा है। आंगनबाड़ी केंद्रों का रखरखाव प्रधानों के जिम्मे है, परंतु उन्हें नाली, सड़क, खंड़जा से फुर्सत नहीं। आंगनबाड़ी केंद्रों के हालात बयां करती अमर उजाला की रिपोर्ट। 
विज्ञापन


खुले में बांटना पड़ रहा पोषाहार
बिजौली में आंगनबाड़ी केंद्र जूनियर स्कूल में संचालित हैं। केंद्र के शौचालय बदहाल हैं। उनमें कबाड़ भरा है। दरवाजे टूटे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि कक्ष नहीं होने से खुले में बच्चों को पोषाहार बांटना पड़ता है। नए केंद्र का प्रस्ताव भेजा है। प्रधान विनोद सिंह का कहना है कि खंडहर जैसा शौचालय विरासत में मिला है। जल्द इसकी मरम्मत कराई जाएगी।
विज्ञापन


टूटे दरवाजे, छत गिरासू
अकोला आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर हाल है। छत गिरासू है। दरवाजे टूटे पड़े हैं। वर्षों से रखरखाव की व्यवस्था नहीं है। ब्लॉक में 10 से अधिक केंद्रों का यही हाल है। शौचालय सुविधा नहीं होने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को परेशान होना पड़ता है। कार्यकर्ता अनीता देवी ने बताया कि कई बार लिख कर दे चुके हैं, लेकिन समस्या हल नहीं होती। प्रधान पूजा देवी का कहना है कि उन्हें किसी ने अवगत नहीं कराया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 

उखड़ गए जंगले, केंद्र जर्जर 
फतेहपुर सीकरी महदऊ गांव में आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर हो चुका है। जंगले उखड़ चुके हैं। दरवाजे टूटे पड़े हैं। इमारत जर्जर हाल है। प्रधान तालेवर सिंह ने बताया कि केंद्र की मरम्मत के लिए अलग से कोई बजट नहीं मिलता। पंचायत निधि से रखरखाव नहीं हो सकता। नई इमारत बने, तभी केंद्रों का संचालन हो सकेगा। ब्लॉक में 56 ग्राम पंचायतों में 20 से अधिक केंद्रों की भौतिक स्थिति खराब है।

प्रधान बोले
निर्माण के लिए फंड नहीं मिलता
पतसाल गांव में आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर है। भवन निर्माण के लिए कोई फंड नहीं मिलता। सरकार को प्रस्ताव भेजा था। मगर कोई सुनवाई नहीं होती। प्रधानों को दोष देना बेकार है। - राजकुमार लोधी, प्रधान, पतसाल

जबरन बोझ डाला जा रहा
ग्राम पंचायत निधि से केंद्रों की मरम्मत नहीं हो सकती। जबरन पंचायत पर बोझ डाला जा रहा है। विभाग को शासन से केंद्रों की बदहाली दूर करने के लिए बजट मांगना चाहिए। - सुनील सिंह, प्रधान गामरी

खराब हालात में करती हैं काम
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को खराब हालात में काम करना पड़ता है। कोई मदद नहीं मिलती। बच्चों को पढ़ाने की जगह अन्य विभागों के काम लिए जाते हैं। - रोशनी सिंह, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता

केंद्रों का कायाकल्प होना चाहिए
विभाग में भ्रष्टाचार है। शासन, प्रशासन आंगनबाड़ी केंद्रों पर ध्यान नहीं दे रहा। सरकारी स्कूलों की तरह आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प होना चाहिए। - अंजलि ठाकुर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
 
35 केंद्रों की इमारतें जर्जर

जिले में तीन हजार से अधिक केंद्र हैं। जिनमें 35 केंद्रों की इमारतें जर्जर हैं। इन केंद्रों के बच्चे अन्य स्कूलों में शिफ्ट किए हैं। जर्जर केंद्रों के ध्वस्तीकरण के लिए प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी को भेजा है। रखरखाव के लिए हमारे पास बजट नहीं। रखरखाव ग्राम पंचायत राज विभाग को करना होता है। - साहब सिंह यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी
  
फैक्ट फाइल......
- 3004 आंगनबाड़ी केंद्र हैं जिले में
- 1000 आबादी पर एक केंद्र प्रस्तावित है
- 1.24 लाख 3 से 6 साल के बच्चे हैं केंद्रों पर

आगरा: विधि के छात्र इस तारीख तक भर सकेंगे परीक्षा फार्म, बीएड द्वितीय वर्ष के छात्रों को कल तक का मौका
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed