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Agra University: एबीसी-अपार लिंक में उदासीनता, परिणाम रोकने की चेतावनी भी बेअसर
Mon, 16 Mar 2026 09:57 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 16 Mar 2026 09:57 AM IST
सार
आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में एबीसी और अपार आईडी को समर्थ पोर्टल से लिंक करने की प्रक्रिया धीमी चल रही है। अब तक करीब 2.24 लाख आईडी लिंक हुई हैं, जबकि करीब 4 लाख छात्रों की आईडी लिंक न होने पर परिणाम रोकने की चेतावनी दी गई है।
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आगरा विश्वविद्यालय
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में एबीसी (एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट) और अपार आईडी को समर्थ पोर्टल से लिंक करने की प्रक्रिया अब भी धीमी गति से चल रही है। विश्वविद्यालय की ओर से बार-बार निर्देश जारी किए जाने और परिणाम रोकने की चेतावनी के बावजूद कई महाविद्यालय इस प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
विश्वविद्यालय के प्रभारी प्रो. संजय जैन ने बताया कि विश्वविद्यालय से संबद्ध स्नातक और स्नातकोत्तर के लगभग चार लाख छात्रों की एबीसी–अपार आईडी लिंक की जानी है। इनमें से अब तक करीब 2 लाख 24 हजार छात्रों की आईडी ही लिंक हो सकी है। उन्होंने बताया कि शेष छात्रों की आईडी लिंक न होने के पीछे मुख्य कारण महाविद्यालय स्तर पर सक्रियता कम होना है। कई कॉलेजों में आईडी लिंक कराने की प्रक्रिया पर्याप्त तेजी से नहीं चल रही है। प्रो. जैन ने कहा कि जिन छात्रों की एबीसी–अपार आईडी समर्थ पोर्टल से लिंक नहीं होगी, उनका परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद कुछ महाविद्यालयों की उदासीनता चिंता का विषय बनी हुई है।
उन्होंने महाविद्यालय प्रशासन और छात्रों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द शत-प्रतिशत आईडी लिंकिंग सुनिश्चित करें। यह व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत लागू की गई है, जिससे छात्रों के शैक्षणिक क्रेडिट का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यदि समय रहते सभी छात्रों की आईडी लिंक नहीं हुई, तो परिणाम जारी करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए महाविद्यालयों को इस दिशा में तेजी से काम करने की जरूरत है।
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विश्वविद्यालय के प्रभारी प्रो. संजय जैन ने बताया कि विश्वविद्यालय से संबद्ध स्नातक और स्नातकोत्तर के लगभग चार लाख छात्रों की एबीसी–अपार आईडी लिंक की जानी है। इनमें से अब तक करीब 2 लाख 24 हजार छात्रों की आईडी ही लिंक हो सकी है। उन्होंने बताया कि शेष छात्रों की आईडी लिंक न होने के पीछे मुख्य कारण महाविद्यालय स्तर पर सक्रियता कम होना है। कई कॉलेजों में आईडी लिंक कराने की प्रक्रिया पर्याप्त तेजी से नहीं चल रही है। प्रो. जैन ने कहा कि जिन छात्रों की एबीसी–अपार आईडी समर्थ पोर्टल से लिंक नहीं होगी, उनका परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद कुछ महाविद्यालयों की उदासीनता चिंता का विषय बनी हुई है।
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उन्होंने महाविद्यालय प्रशासन और छात्रों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द शत-प्रतिशत आईडी लिंकिंग सुनिश्चित करें। यह व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत लागू की गई है, जिससे छात्रों के शैक्षणिक क्रेडिट का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यदि समय रहते सभी छात्रों की आईडी लिंक नहीं हुई, तो परिणाम जारी करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए महाविद्यालयों को इस दिशा में तेजी से काम करने की जरूरत है।
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