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Agra University: प्रो. पाठक के निर्णय खारिज, कॉलेजों की स्थायी मान्यता पर रोक

Fri, 25 Nov 2022 07:00 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 25 Nov 2022 07:00 AM IST
सार

विद्या परिषद के सदस्यों ने पेपर लीक में संलिप्त पाए जाने पर अछनेरा के श्रीहरचरण लाल वर्मा महाविद्यालय पर भी कार्रवाई पर मुहर लगाई है। इस कॉलेज में तीन सत्रों के लिए प्रवेश पर रोक लगा दी है।

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Agra University Pro. Pathak's decision rejected, ban on permanent recognition of colleges
प्रो. विनय पाठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की विद्या परिषद ने कॉलेजों की मान्यता (संबद्धता) और पाठ्यक्रम को स्थायी करने के प्रभारी कुलपति रहे प्रो. विनय पाठक के निर्णय को बृहस्पतिवार को खारिज कर दिया। प्रो. पाठक ने जांच किए बिना केवल शपथपत्र पर करीब 250 कॉलेजों को स्थायी मान्यता दे दी थी। इस मामले का सबसे पहले खुलासा अमर उजाला ने किया था, जिसके बाद से एसटीएफ इसकी जांच कर रही है। अब बृहस्पतिवार को विद्या परिषद ने प्रो. पाठक की जारी की गई स्थायी मान्यता पर रोक लगा दी है।

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कुलपति प्रो. आशु रानी ने बताया कि विद्या परिषद के सदस्यों ने निर्णय लिया है कि अब शपथपत्र के आधार पर कॉलेजों में कोर्स और मान्यता स्थायी नहीं होगी। कॉलेजों को स्थायी मान्यता देने से पहले नए सिरे से विशेष समिति से कॉलेजों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। इसमें मानकों का आकलन कर रिपोर्ट बनेगी, इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी। एसटीएफ की जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। 

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साक्षात्कार में तीन अभ्यर्थी रहेंगे मौजूद

कुलपति ने बताया कि बैठक में तय किया गया है कि शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितताओं की शिकायत को देखते हुए अब साक्षात्कार के वक्त कम से कम 3 अभ्यर्थी मौके पर रहेंगे, इससे एक-दूसरे का कैसा साक्षात्कार रहा, इसकी जानकारी रहेगी। अगर कोई अनियमितता होती है तो मौके मौजूद अभ्यर्थियों के पास इसका विरोध करने अवसर रहेगा। शिक्षक चयन पैनल की समयावधि छह महीने तय की है। इससे पहले ये तय नहीं था। प्रो. पाठक ने अपने कार्यकाल में नियम विरुद्ध पांच संकाय के निदेशक बदल दिए थे, इसमें नियमों की अनदेखी करने पर खारिज कर दिया है। सभी निदेशक बहाल कर दिए हैं। केएमआई में प्रो. प्रदीप श्रीधर, पदमचंद संस्थान में प्रो. बृजेश रावत, दाऊदयाल संस्थान में प्रो. शरद उपाध्याय, इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट में प्रो. लवकुश मिश्रा और इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में प्रो. वीके सारस्वत निदेशक की जिम्मेदारी फिर से संभालेंगे। कुलसचिव डॉ. विनोद सिंह ने बताया जल्द इस बाबत कुलपति पत्र जारी करेंगी। 

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श्रीहरचरण लाल वर्मा पर तीन सत्रों में प्रवेश पर पाबंदी

विद्या परिषद के सदस्यों ने पेपर लीक में संलिप्त पाए जाने पर अछनेरा के श्रीहरचरण लाल वर्मा महाविद्यालय पर भी कार्रवाई पर मुहर लगाई है। इस कॉलेज में तीन सत्रों के लिए प्रवेश पर रोक लगा दी है। अब 2022-23, 2023-24 और 2024-2025 तक इस कॉलेज में प्रवेश नहीं होंगे। नियमित एवं स्ववित्तपोषित संस्थानों में संविदा पर कार्यरत तृतीय-चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को तीन साल के लिए सेवाएं बढ़ाने पर भी मुहर लगा दी है। प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा के एक साल के लिए नियुक्ति का भी अनुमोदन हुआ। प्रो. पाठक के कार्यकाल में अंतिम विद्या परिषद की बैठक पर प्रति कुलपति और कुलसचिव के हस्ताक्षर को प्रमाणित कर स्वीकृति दी गई।

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