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यूपी पवेलियन में सबसे खास रहा आगरा का कचरे से बिजली बनाने का प्लांट
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लखनऊ/आगरा। मंगलवार को लखनऊ के गांधी प्रतिष्ठान में स्वच्छ भारत मिशन के तहत लगाई गई प्रदर्शनी में यूपी पवेलियन का सबसे खास आकर्षण आगरा की झांकी रही। कचरे से बिजली बनाने के प्लांट को देखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे।
आगरा नगर निगम ने 2 साल के अंदर कुबेरपुर लैंडफिल साइट पर कचरे के पहाड़ खत्म कर दिए, जिसका मॉडल पीएम और सीएम के सामने रखा। अर्बन कांक्लेव 2021 में आयोजित प्रदर्शनी में पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण ने बताया कि 2019 में जब बायो-माइनिंग का काम शुरू कराया। उस समय कुबेरपुर साइट पर करीब 9.5 लाख टन कूड़ा जमा था। एनजीटी के आदेश पर बायो-माइनिंग ही यहां कूड़ा खत्म करने के लिए विकल्प था। कूड़े से आरडीएफ बनाया गया है। वहीं बाकी बची मिट्टी को किसानों को खेत में डालने के लिए मुफ्त दे दिया गया है। प्रदर्शनी में उनके साथ अधिशासी अभियंता आशीष शुक्ला और निजी कंपनी के प्रतिनिधि विवेक ओझा लखनऊ आए हुए हैं।
जमीन अधिग्रहण का काम शुरू
पंकज भूषण ने बताया कि कुबेरपुर में ही जमीन अधिग्रहण का काम शुरू हो गया है। अगले महीने यहां कूड़े से बिजली व बायोगैस बनाने का प्लांट शुरू हो जाएगा। बायो-माइनिंग से बने आरडीएफ का उपयोग इसी प्लांट में ईंधन के रूप में होगा। करीब 15मेगावाट बिजली यहां बननी है। मलबे से इंटरलॉकिंग टाइल्स बनाने के लिए सीएंडडी प्लांट भी शुरू कराया जा रहा है। इससे आगरा को स्वच्छ बनाने में मदद मिलेगी।
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आगरा नगर निगम ने 2 साल के अंदर कुबेरपुर लैंडफिल साइट पर कचरे के पहाड़ खत्म कर दिए, जिसका मॉडल पीएम और सीएम के सामने रखा। अर्बन कांक्लेव 2021 में आयोजित प्रदर्शनी में पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण ने बताया कि 2019 में जब बायो-माइनिंग का काम शुरू कराया। उस समय कुबेरपुर साइट पर करीब 9.5 लाख टन कूड़ा जमा था। एनजीटी के आदेश पर बायो-माइनिंग ही यहां कूड़ा खत्म करने के लिए विकल्प था। कूड़े से आरडीएफ बनाया गया है। वहीं बाकी बची मिट्टी को किसानों को खेत में डालने के लिए मुफ्त दे दिया गया है। प्रदर्शनी में उनके साथ अधिशासी अभियंता आशीष शुक्ला और निजी कंपनी के प्रतिनिधि विवेक ओझा लखनऊ आए हुए हैं।
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जमीन अधिग्रहण का काम शुरू
पंकज भूषण ने बताया कि कुबेरपुर में ही जमीन अधिग्रहण का काम शुरू हो गया है। अगले महीने यहां कूड़े से बिजली व बायोगैस बनाने का प्लांट शुरू हो जाएगा। बायो-माइनिंग से बने आरडीएफ का उपयोग इसी प्लांट में ईंधन के रूप में होगा। करीब 15मेगावाट बिजली यहां बननी है। मलबे से इंटरलॉकिंग टाइल्स बनाने के लिए सीएंडडी प्लांट भी शुरू कराया जा रहा है। इससे आगरा को स्वच्छ बनाने में मदद मिलेगी।
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