यह कैसी स्मार्ट सिटी: ताज के तीन तरफ खोदाई कर बर्बाद कर दिए 197 करोड़ रुपये, 'मुगलिया वास्तुकला निर्माण' पर चली कुदाल
राजकीय निर्माण निगम ने ताजमहल से तीन तरफ के ताजगंज क्षेत्र में मुगलिया वास्तुकला से जोड़ते हुए लाल पत्थर से सड़कों का निर्माण किया था, जिन्हें स्मार्ट सिटी ने सीवर और पानी की लाइनों के लिए खोदकर छोड़ दिया है।
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आगरा में फतेहाबाद रोड पर मेट्रो ने स्मार्ट सिटी के कराए काम उखाड़ कर बर्बाद कर दिए तो अब आगरा स्मार्ट सिटी कंपनी 197 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए ताजगंज प्रोजेक्ट पर कुदाल और जेसीबी चलाकर बर्बाद कर रही है। राजकीय निर्माण निगम ने ताजमहल से तीन तरफ के ताजगंज क्षेत्र में मुगलिया वास्तुकला से जोड़ते हुए लाल पत्थर से सड़कों का निर्माण किया था, जिन्हें स्मार्ट सिटी ने सीवर और पानी की लाइनों के लिए खोदकर छोड़ दिया है। ताजगंज और कटरा फुलेल, कटरा रेशम, कटरा उमर और कटरा जोगीदास की कोबल स्टोन से बनी सड़कें खोद दी गईं। ऊंट की पीठ की तरह से यहां सड़क से 6 से 8 इंच ऊंचे सीवर मैनहोल बनाए गए हैं जो स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए हादसों की वजह बन रहे हैं।
यूटिलिटी डक्ट का नहीं किया उपयोग
तालमेल की कमी के कारण ताजगंज में 197 करोड़ रुपये के ताजगंज प्रोजेक्ट को खराब कर दिया गया, जबकि यह पांच साल पहले ही बनकर तैयार हुआ है। इसे 50 साल के लिए बनाया गया था। सुप्रीम कोर्ट में प्रदेश सरकार ने मंजूरी के लिए यही दलील दी थी कि लाल पत्थर की सड़क बनाने से कोलतार, बिटुमिन की सड़क निर्माण से प्रदूषण नहीं होगा और कम से कम 50 साल तक यहां सड़क निर्माण की जरूरत नहीं होगी।
शिकायत के बाद भी असर नहीं
पानी की पाइप लाइन बिछाने के काम में गड़बड़ी के साथ लोगों को परेशानी हो रही है। मैने नगर आयुक्त, स्मार्ट सिटी अधिकारियों से शिकायतें की हैं, लेकिन अभी तक कोई असर नहीं पड़ा है। मेन रोड से लेकर गलियों तक खोदाई होने से परेशानी है। - राधिका अग्रवाल जैन, पार्षद, कटरा फुलेल
मेरे होटल के सामने गड्ढा खोदे पांच दिन हो गये। स्मार्ट सिटी के अधिकारी क्या करेंगे, यह भी नहीं बता रहे। पूरे ताजगंज में कोबल स्टोन उखाड़ दिए गए हैं। पर्यटक सबसे ज्यादा इसी रूट पर निकलते हैं, पर पूरा रूट खराब कर दिया है। जो डक्ट डाली गई थी, उनका उपयोग क्यों नहीं किया। - संदीप अरोड़ा, होटल संचालक, ताजगंज
ताजगंज पहले इतना गंदा नहीं था
ताजगंज को सुप्र्रीम कोर्ट की कमेटी ने लिविंग हेरिटेज बताया था, पर अधिकारी उसे बदसूरत बना रहे हैं। ताजमहल के लाल पत्थर की तरह ताजगंज की गलियों को संवारा गया था, पर सब बर्बाद कर दिया। ताजगंज इतना गंदा और धूल मिट्टी से भरा पहले कभी नहीं था। - ताहिरुद्दीन ताहिर, निवासी ताजगंज
सड़कों को खोदकर खराब कर दिया
स्मार्ट सिटी के अधिकारी हर जगह खराब काम कर रहे हैं। कहने को स्मार्ट सिटी है, पर काम गांव, बस्तियों से भी बदतर कर रहे हैं। लोग परेशान हैं। सड़कों को खोदकर खराब कर दिया है। कोबल स्टोन की सड़कों की मरम्मत भी नहीं कर रहे। - शोभाराम राठौर, पार्षद, हरजूपुरा
मैनहोल सड़क से ऊपर बनाए गए हैं
सीवर और पानी की पाइप लाइन के कारण पुरानी रोड को हटाया गया है। पाइप लाइन बिछाने के बाद प्रयास होगा कि पहले की तरह कर दिया जाए। वैक्यूम सीवर के मैनहोल सड़क से ऊपर बनाए गए हैं। ठेकेदार से कहा है कि लोगों को परेशानी न होने दें। - आनंद मेनन, टीम लीडर, आगरा स्मार्ट सिटी लि.
जिंदा विरासत है ताजगंज और चारों कटरे
अक्तूबर 2006 में सुप्रीम कोर्ट की मॉनीटरिंग कमेटी ने ताजमहल से सटे ताजगंज क्षेत्र को ऐतिहासिक और जिंदा विरासत करार दिया था। इस कमेटी में अधिवक्ता और ताज मामलों के याचिकाकर्ता एमसी मेहता भी थे, जिन्होंने निरीक्षण के दौरान ताजगंज क्षेत्र को जिंदा विरासत माना था और उसी के अनुरूप देखरेख और संरक्षण पर जोर दिया था।
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