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एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन की प्रमुख सचिव की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश नाकाम, ये है मामला
न्यूज डेस्क अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 07 Apr 2018 09:18 AM IST
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एसएन मेडिकल कालेज
- फोटो : अमर उजाला
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प्रमुख सचिव चिकित्सा के निरीक्षण में एसएन मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाएं छिपाने के लिए कॉलेज प्रशासन की सभी कोशिशें नाकाम साबित हुईं। पांच घंटे तक चले निरीक्षण में प्रमुख सचिव के सामने मेडिकल कॉलेज की पूरी हकीकत सामने आ गई और सभी खामियों की पोल खुल गई।
प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा की आंखों में धूल झोंकने को नई व्हीलचेयर, स्ट्रेचर और साफ चादरें भी बिछाई गई। सभी व्यवस्थाओं को सुधारने की कोशिश की गई लेकिन निरीक्षण में बेड, दवाओं की कमी के साथ सुविधाएं भी चौपट मिलीं। वार्ड और शौचालय गंदे थे। प्रमुख सचिव ने कालेज प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है।
प्रमुख सचिव का दस से साढ़े तीन बजे तक निरीक्षण चला। पुस्तकालय, ओपीडी, मैटरनिटी विंग, इमरजेंसी, कैंसर रोग का निरीक्षण किया। कैंसर रोग विभाग सबसे बदहाल मिला। वार्ड के बाहर सिकंदरा निवासी अकरम को बेड न होने पर भर्ती नहीं किया गया था।
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प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा की आंखों में धूल झोंकने को नई व्हीलचेयर, स्ट्रेचर और साफ चादरें भी बिछाई गई। सभी व्यवस्थाओं को सुधारने की कोशिश की गई लेकिन निरीक्षण में बेड, दवाओं की कमी के साथ सुविधाएं भी चौपट मिलीं। वार्ड और शौचालय गंदे थे। प्रमुख सचिव ने कालेज प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है।
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प्रमुख सचिव का दस से साढ़े तीन बजे तक निरीक्षण चला। पुस्तकालय, ओपीडी, मैटरनिटी विंग, इमरजेंसी, कैंसर रोग का निरीक्षण किया। कैंसर रोग विभाग सबसे बदहाल मिला। वार्ड के बाहर सिकंदरा निवासी अकरम को बेड न होने पर भर्ती नहीं किया गया था।
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एसएन मेडिकल कालेज
- फोटो : अमर उजाला
उसके बेटे रफीक ने बताया कि महीने भर से इलाज चल रहा है, भर्ती नहीं किया गया। ये सुनकर प्रमुख सचिव का माथा ठनक गया, उन्होंने विभागाध्यक्ष से इसे भर्ती कराने को कहा। वार्ड में एक बेड पर दो-दो मरीज लेटे हुए दिखे, विभागाध्यक्ष ने बताया कि 24 बेड हैं, भर्ती होने के लिए इससे लगभग दोगुने मरीज रहते हैं।
इस पर उन्होंने 15 जून तक 30 बेड का वार्ड तैयार कराने को कहा। यहां के वार्ड और शौचालय में दुर्गंध आ रही थी। नई सर्जरी इमारत की एक लिफ्ट खराब थी। मरीजों ने आधी-अधूरी दवाएं मिलने की बात कही। 100 बेड की मैटरनिटी विंग की इमारत देख जल्द इसे हैंडऑवर करने को कहा। इमरजेंसी गए तो माइनर ओटी, सर्जरी अनुभाग का हाल देखा। यहां भी शौचालय गंदे मिले।
वहीं प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे का कहना है कि एसएन कालेज में सुधार की बड़ी जरूरत है। बेड और दवाओं की कमी के साथ सुविधाएं भी बदहाल हैं। इनमें सुधार के लिए कालेज प्रशासन को हिदायत दी गई है। शासन स्तर से होने वाले कार्यों की सूची बनाई गई है।
इस पर उन्होंने 15 जून तक 30 बेड का वार्ड तैयार कराने को कहा। यहां के वार्ड और शौचालय में दुर्गंध आ रही थी। नई सर्जरी इमारत की एक लिफ्ट खराब थी। मरीजों ने आधी-अधूरी दवाएं मिलने की बात कही। 100 बेड की मैटरनिटी विंग की इमारत देख जल्द इसे हैंडऑवर करने को कहा। इमरजेंसी गए तो माइनर ओटी, सर्जरी अनुभाग का हाल देखा। यहां भी शौचालय गंदे मिले।
वहीं प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे का कहना है कि एसएन कालेज में सुधार की बड़ी जरूरत है। बेड और दवाओं की कमी के साथ सुविधाएं भी बदहाल हैं। इनमें सुधार के लिए कालेज प्रशासन को हिदायत दी गई है। शासन स्तर से होने वाले कार्यों की सूची बनाई गई है।