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बीईओ को प्रतिकूल प्रविष्टि: खामियां मिलीं फिर भी शिक्षिका को क्लीन चिट, बीएसए से जवाब तलब
Tue, 29 Sep 2026 10:48 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 29 Sep 2026 10:48 AM IST
सार
रोहता के पीएमश्री विद्यालय में निरीक्षण के दौरान मिली खामियों पर निलंबित प्रधानाध्यापिका को जांच में क्लीन चिट देने पर डीएम मनीष बंसल ने कड़ा रुख अपनाया है। डीएम ने खंड शिक्षा अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी कर बीएसए से स्पष्टीकरण मांगा है।
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बीएसए आगरा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के रोहता स्थित पीएमश्री विद्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान भारी खामियां मिलने पर निलंबित की गईं प्रधानाध्यापिका सुनीता सक्सेना को बिना कार्रवाई बहाल करने पर जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कड़ा रुख अपनाया है। खंड शिक्षा अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के साथ ही डीएम ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से प्रकरण में जवाब तलब किया है।
दरअसल, निरीक्षण के दौरान पाई गईं भारी खामियों और अव्यवस्थाओं के चलते जिलाधिकारी मनीष बंसल ने प्रधानाध्यापिका सुनीता सक्सेना को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया था। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर विभागीय कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए थे। हालांकि, जांच की जिम्मेदारी संभाल रहे खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने गड़बड़ियों को दरकिनार करते हुए जांच रिपोर्ट में प्रधानाध्यापिका को क्लीन चिट दे दी। निलंबित शिक्षिका को बहाल करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई।
अमर उजाला ने जब इस प्रकरण को उठाया तो जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए सवाल किया जब स्वयं उनके निरीक्षण के दौरान विद्यालय में गंभीर कमियां उजागर हुई थीं, तो जांच अधिकारी ने किस आधार पर क्लीन चिट दे दी। प्रशासनिक शिथिलता और जांच में लीपापोती के मामले को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि (एडवर्स एंट्री) जारी कर दी है। साथ ही बेसिक शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
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जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि निरीक्षण के दौरान स्पष्ट कमियां मिलने के बावजूद विभागीय कार्रवाई में क्लीन चिट कैसे दी गई। यह गंभीर मामला है। बीएसए का जवाब आने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
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दरअसल, निरीक्षण के दौरान पाई गईं भारी खामियों और अव्यवस्थाओं के चलते जिलाधिकारी मनीष बंसल ने प्रधानाध्यापिका सुनीता सक्सेना को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया था। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर विभागीय कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए थे। हालांकि, जांच की जिम्मेदारी संभाल रहे खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने गड़बड़ियों को दरकिनार करते हुए जांच रिपोर्ट में प्रधानाध्यापिका को क्लीन चिट दे दी। निलंबित शिक्षिका को बहाल करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई।
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अमर उजाला ने जब इस प्रकरण को उठाया तो जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए सवाल किया जब स्वयं उनके निरीक्षण के दौरान विद्यालय में गंभीर कमियां उजागर हुई थीं, तो जांच अधिकारी ने किस आधार पर क्लीन चिट दे दी। प्रशासनिक शिथिलता और जांच में लीपापोती के मामले को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि (एडवर्स एंट्री) जारी कर दी है। साथ ही बेसिक शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
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जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि निरीक्षण के दौरान स्पष्ट कमियां मिलने के बावजूद विभागीय कार्रवाई में क्लीन चिट कैसे दी गई। यह गंभीर मामला है। बीएसए का जवाब आने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।