फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Agra School Model Of Rain Harvesting

जल संरक्षण: प्रदेश में नजीर बनेगा रेन हार्वेस्टिंग का आगरा स्कूल मॉडल

Fri, 09 Jul 2021 01:31 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 09 Jul 2021 01:31 PM IST
सार

विद्यालयों की छतों से बारिश का पानी सहेज कर उसे सोकपिट के रास्ते भूगर्भ में मिलाया जाएगा। 1521 प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में प्लांट निर्माण कार्य शुरू हो गए हैं। प्रत्येक बारिश में करीब 10 करोड़ लीटर वर्षा जल संचयन का लक्ष्य है।

विज्ञापन
Agra School Model Of Rain Harvesting
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के लिए आगरा का स्कूल मॉडल प्रदेशभर के लिए नजीर बनेगा। आगरा पहला जिला है जहां 2263 सरकारी स्कूलों में रूफ टॉप रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं। विद्यालयों की छतों से बारिश का पानी सहेज कर उसे सोकपिट के रास्ते भूगर्भ में मिलाया जाएगा। 1521 प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में प्लांट निर्माण कार्य शुरू हो गए हैं। प्रत्येक बारिश में करीब 10 करोड़ लीटर वर्षा जल संचयन का लक्ष्य है।

विज्ञापन


डार्क जोन में शामिल सबसे बड़े ब्लॉक फतेहाबाद में सबसे ज्यादा 262 प्लांट लगेंगे। 258 प्लांट का प्रस्ताव तैयार हो चुका है। 160 प्लांट का कार्य प्रगति पर है। 15 ब्लॉक में कुल 2263 प्लांट लगाने की योजना विकास भवन ने बनाई है। जिनमें 1778 प्लांट को तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद 1521 प्लांट पर कार्य शुरू हो गया है। प्रत्येक स्कूल की रेन वॉटर हार्वेस्टिंग क्षमता अलग-अलग होगी।
विज्ञापन


वर्षा जल संचयन की क्षमता का आंकलन आसमान से गिरने वाले पानी पर निर्भर करेगा। मुख्य विकास अधिकारी ए मनिकन्डन ने बताया कि 10 करोड़ लीटर वर्षा जल प्रत्येक बारिश में सहेजा जा सकेगा। उन्होंने कहा, यह प्रदेश में अपनी तरह का अनोखा प्रोजेक्ट है। प्रदेश के किसी अन्य जनपद में जल सरंक्षण के लिए इस तरह काम नहीं हुआ है। आगरा के बाद अन्य जिलों में इस स्कूल मॉडल पर काम शुरू हो सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

जगनेर में पथरीली जमीन
जगनेर ब्लॉक में पथरीली जमीन बाधा बन रही है। यहां सबसे कम 50 प्लांट का लक्ष्य है। जिनमें 29 प्लांट पर ही काम शुरू हो सका है। इस क्षेत्र में चारों तरफ पत्थर के पहाड़े हैं। जिनसे बारिश का पानी बहकर बांध-बंधियों में इकठ्ठा होता है। यहां 70 से अधिक बांध-बंधियां हैं। जिनमें 5 से 10 फीट तक पानी जमा होता है।

30 जुलाई तक पूरा होगा काम
सीडीओ ए मनिकन्डन ने बताया कि सभी प्लांट पर काम तेजी से चल रहा है। 30 जुलाई तक लक्ष्य के सापेक्ष 90 फीसदी प्लांट चालू हो जाएंगे। जैतपुर कला में 129 प्लांट के लक्ष्य के सापेक्ष 130 प्लांट निर्माणधीन हैं। सैंया ब्लॉक में 134 प्लांट पर काम चल रहा है।
 
रूफ टॉप से होगी वॉटर हार्वेस्टिंग
आगरा में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के लिए रूफ टॉप पद्दति को अपनाया है। इसमें छत पर बारिश के पानी को रोका जाएगा। पाइप के जरिये शोक पिट में छोड़ा जाएगा। शोक पिट बड़ी-छोटी गिटिट्यों की परत होगी। फिर बालू की परत से फिल्टर होकर सीधा वर्षा जल बोरिंग के रास्ते भूगर्भ में समा जाएगा। इससे स्कूल के अलावा आस-पास क्षेत्र में भूजल स्तर में वृद्धि होगी।

रेन वॉटर हार्वेस्टिंग प्लांट का रिपोर्ट कार्ड
ब्लॉक- लक्ष्य- प्रस्ताव तैयार- कार्य शुरू
अछनेरा-146-119-98
अकोला- 91-91-61
बाह- 178-155-155
बरौली अहीर-178-99-99
बिचपुरी- 78-30-30
एत्मादपुर- 169-110-101
फतेहाबाद- 262-258-160
फतेहपुर सीकरी- 148-85-71
जगनेर- 50-49-29
जैतपुर कलां- 127-130-130
खंदौली- 143-101-82
खेरागढ़- 164-110-92
पिनाहट- 172-168-120
सैंया- 147-98- 134 
शमसाबाद- 210-175-159 

अच्छी खबर: छह माह में बदली नजर आएगी शहर की लाइफ की तस्वीर, एमजी रोड पर बनेंगे बस अड्डे और नए टॉयलेट
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed