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सट्टेबाजी: ऑनलाइन गेमिंग में खतरा ही खतरा... जामताड़ा और मेवात के गैंग बना रहे शिकार, बेटिंग में गंवाए 70 लाख
Thu, 21 Sep 2023 12:01 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 21 Sep 2023 12:01 PM IST
सार
क्रिकेट विश्वकप से पहले आगरा कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ऑनलाइन गेमिंग-बेटिंग से धोखाधड़ी मामले में 9 एप और 27 अवैध वेबसाइट ब्लॉक कर दी हैं। 6 हजार बैंक और 18 हजार वर्चुअल खाते भी फ्रीज कर दिए हैं। 1600 करोड़ का ट्रांजेक्शन और 4.2 करोड़ होल्ड कराए हैं।
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साइबर क्राइम सेल ने 15 लाख लोगों के साथ ठगी होने से बचाने की जानकारी देते अधिकारी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
सोशल मीडिया पर साइबर अपराधियों ने ठगी का जाल फैला रखा है। ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग एप संचालित कर ठगी की जा रही है। गेम में पॉइंट बनाने और इनाम जीतने का झांसा देकर धोखाधड़ी की जा रही है। अधिकृत एप और वेबसाइट पर रकम मिलने की उम्मीद ज्यादा होती है, लेकिन अवैध एप और साइट पर एक बार रकम जाने के बाद वापस मिलना मुश्किल होता है।
इसमें खतरा ही खतरा रहता है। बच्चों से लेकर बड़े तक गेम की दुनिया में अपना भाग्य आजमाना चाहते हैं। क्रिकेट, फुटबाल ही नहीं, लूडो, रेसिंग, फाइट से संबंधित कई गेम ऑनलाइन खेले जा रहे हैं। इन पर रिवार्ड और इनाम की चाहत लुटवा देती है।
अधिकृत कंपनी के एप और साइट के विज्ञापन आते हैं। इन पर टैक्स भी लगता है। इनकी आड़ में अवैध तरीके से कई एप विदेशी सर्वर पर संचालित होकर ठगी कर रहे हैं। एक बार खेलने पर रकम दे दी जाती है। जब लत पड़ जाती है तो जीत नहीं होती।
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जामताड़ा और मेवात के गैंग
केवल एप ही नहीं लोगों से अलग-अलग तरीके से साइबर अपराधी ठगी कर रहे हैं। झारखंड के जामताड़ा और हरियाणा के मेवात में सक्रिय साइबर ठग लोगों को कभी कॉल करते हैं तो कभी मैसेज भेजकर ठगी का शिकार बनाते हैं। बैंक अधिकारी, पेंशन बाबू, कंपनी अधिकारी, ग्राहक सेवा प्रतिनिधि, बनकर ठगी करते हैं। पुलिस केस दर्ज कर लेती हैं लेकिन अपराधी नहीं पकड़े जाते हैं।
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इसमें खतरा ही खतरा रहता है। बच्चों से लेकर बड़े तक गेम की दुनिया में अपना भाग्य आजमाना चाहते हैं। क्रिकेट, फुटबाल ही नहीं, लूडो, रेसिंग, फाइट से संबंधित कई गेम ऑनलाइन खेले जा रहे हैं। इन पर रिवार्ड और इनाम की चाहत लुटवा देती है।
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अधिकृत कंपनी के एप और साइट के विज्ञापन आते हैं। इन पर टैक्स भी लगता है। इनकी आड़ में अवैध तरीके से कई एप विदेशी सर्वर पर संचालित होकर ठगी कर रहे हैं। एक बार खेलने पर रकम दे दी जाती है। जब लत पड़ जाती है तो जीत नहीं होती।
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जामताड़ा और मेवात के गैंग
केवल एप ही नहीं लोगों से अलग-अलग तरीके से साइबर अपराधी ठगी कर रहे हैं। झारखंड के जामताड़ा और हरियाणा के मेवात में सक्रिय साइबर ठग लोगों को कभी कॉल करते हैं तो कभी मैसेज भेजकर ठगी का शिकार बनाते हैं। बैंक अधिकारी, पेंशन बाबू, कंपनी अधिकारी, ग्राहक सेवा प्रतिनिधि, बनकर ठगी करते हैं। पुलिस केस दर्ज कर लेती हैं लेकिन अपराधी नहीं पकड़े जाते हैं।
बेटिंग में लगाकर गवां दिए 70 लाख
साइबर सेल ने जब कड़ी से कड़ी जोड़ने की कोशिश की तो ऐसे लोग भी मिले, जिनके खातों से 70 से 80 लाख रुपये जमा कराए गए थे। शुरुआत में इन लोगों को रकम दी गई थी। मगर, बाद में ज्यादा रकम लगाने पर कोई पैसा नहीं मिला। ऑनलाइन एप चलने के दौरान लगने वाली रकम को भी दिखाया जाता था।
साइबर सेल ने जब कड़ी से कड़ी जोड़ने की कोशिश की तो ऐसे लोग भी मिले, जिनके खातों से 70 से 80 लाख रुपये जमा कराए गए थे। शुरुआत में इन लोगों को रकम दी गई थी। मगर, बाद में ज्यादा रकम लगाने पर कोई पैसा नहीं मिला। ऑनलाइन एप चलने के दौरान लगने वाली रकम को भी दिखाया जाता था।
साइबर सेल की सलाह
साइबर सेल के प्रभारी सुल्तान सिंह ने बताया कि लोगों को ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग से बचना चाहिए। मोबाइल पर आने वाले लिंक पर क्लिक नहीं करें। अगर, कोई घर बैठे रुपये कमाने का लालच दे रहा है तो समझ जाएं ठगी होने वाली है। इसलिए झांसे में नहीं आए।
साइबर सेल के प्रभारी सुल्तान सिंह ने बताया कि लोगों को ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग से बचना चाहिए। मोबाइल पर आने वाले लिंक पर क्लिक नहीं करें। अगर, कोई घर बैठे रुपये कमाने का लालच दे रहा है तो समझ जाएं ठगी होने वाली है। इसलिए झांसे में नहीं आए।
प्रमुख बिंदु
6 हजार से अधिक एकाउंट होल्ड और ब्लॉक
18 हजार वर्चुअल पेमेंट एकाउंट ब्लॉक
4.2 करोड़ रुपये खातों में कराए फ्रीज
25 लाख से 27 करोड़ तक का एक एकाउंट में ट्रांजैक्शन
4 से 80 करोड़ रुपये रोजाना खातों में लेनदेन
1600 करोड़ से अधिक एक साल में खातों में आए
6 हजार से अधिक एकाउंट होल्ड और ब्लॉक
18 हजार वर्चुअल पेमेंट एकाउंट ब्लॉक
4.2 करोड़ रुपये खातों में कराए फ्रीज
25 लाख से 27 करोड़ तक का एक एकाउंट में ट्रांजैक्शन
4 से 80 करोड़ रुपये रोजाना खातों में लेनदेन
1600 करोड़ से अधिक एक साल में खातों में आए
इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, सिग्नल एप पर भेजते हैं लिंक
अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के मामले की जांच में खुलासा हुआ कि विदेशी ठग एप और वेबसाइट का लिंक इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, सिग्नल एप पर भेजते थे। डाउनलोड करने पर सब्सक्रिप्शन फीस के रूप में 500 रुपये तक लिए जाते थे।
अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के मामले की जांच में खुलासा हुआ कि विदेशी ठग एप और वेबसाइट का लिंक इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, सिग्नल एप पर भेजते थे। डाउनलोड करने पर सब्सक्रिप्शन फीस के रूप में 500 रुपये तक लिए जाते थे।
इसके बाद लाइव क्रिकेट मैच, फुटबॉल, रग्बी खेल दिखाकर रकम लगवाई जाती थी। पुलिस ने गृह मंत्रालय सहित सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों से संपर्क किया। इसके बाद एप और साइटों को बंद कराया गया। पुलिस ने यह भी बताया कि एक वेबसाइट बंद होने पर साइबर अपराधी सप्ताह भर में नई तैयार कर लेते हैं। इसलिए पुलिस इन पर लगातार कार्रवाई कर रही है।
पुलिस टीम को 50 हजार का इनाम
खुलासा करने वाली टीम में साइबर सेल के प्रभारी निरीक्षक सुल्तान सिंह, निरीक्षक पुष्पेंद्र कुमार, थाना शाहगंज के प्रभारी निरीक्षक आलोक सिंह, साइबर सेल के एसआई सुबोध मान, सचिन धामा, मुख्य आरक्षी विजय तोमर, मनोज कुमार, सनी कुमार कर्मवीर सिंह, धर्मेंद्र कुमार आदि शामिल रहे। पुलिस आयुक्त ने टीम को 50 हजार रुपये का इनाम दिया है।
खुलासा करने वाली टीम में साइबर सेल के प्रभारी निरीक्षक सुल्तान सिंह, निरीक्षक पुष्पेंद्र कुमार, थाना शाहगंज के प्रभारी निरीक्षक आलोक सिंह, साइबर सेल के एसआई सुबोध मान, सचिन धामा, मुख्य आरक्षी विजय तोमर, मनोज कुमार, सनी कुमार कर्मवीर सिंह, धर्मेंद्र कुमार आदि शामिल रहे। पुलिस आयुक्त ने टीम को 50 हजार रुपये का इनाम दिया है।