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UP: रामलला से ताजमहल तक हवाई दर्शन में नो फ्लांइग जोन का रोड़ा, एक दिन की उड़ान...21 महीने से सन्नाटा
Mon, 15 Sep 2025 03:11 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
देश दीपक तिवारी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
देश दीपक तिवारी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 15 Sep 2025 03:11 PM IST
सार
आगरा के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 25 दिसंबर 2023 को जिस हेलिकॉप्टर सेवा को बटेश्वर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखाई थी, वह 21 महीने बाद भी शुरू नहीं हो सकी। रामलला से ताजमहल और गोवर्धन पर्वत तक हवाई दर्शन के ख्वाब में नो फ्लाइंग जोन का रोड़ा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एडोव
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विस्तार
सूबे में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई हेलिकॉप्टर से जॉय राइड का लोगों को करीब ढाई साल से इंतजार है। बटेश्वर में एक दिन हेलिकॉप्टर ने उड़ान भरी भी थी। उसके बाद 21 महीने से सन्नाटा है। यह हाल तब है जब मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन से लेकर अयोध्या, वाराणसी और गोरखपुर तक धर्मस्थलों पर श्रद्धा आसमान छू रही है।
आगरा में ताजमहल, छावनी क्षेत्र और वायु सेना हवाई अड्डे के कारण नो फ्लाइंग जोन है। विश्व धरोहर ताजमहल के ऊपर करीब एक किमी हवाई परिधि में कोई उड़ान नहीं हो सकती। उधर, राम मंदिर के ऊपर भी 500 मीटर में नो फ्लाइंग जोन है। अयोध्या में गोरखा रेजिमेंट है। यहां भी उड़ान में रोड़ा है। ऐसे में जिस हेलिकॉप्टर सेवा प्रदाता कंपनी राजस एयरो स्पोर्ट्स एंड एंडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड से पर्यटन विभाग ने करार किया था, उसे नो फ्लाइंग जोन में हेलिकॉप्टर उड़ान की अनुमति नहीं मिल पा रही।
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आगरा में ताजमहल, छावनी क्षेत्र और वायु सेना हवाई अड्डे के कारण नो फ्लाइंग जोन है। विश्व धरोहर ताजमहल के ऊपर करीब एक किमी हवाई परिधि में कोई उड़ान नहीं हो सकती। उधर, राम मंदिर के ऊपर भी 500 मीटर में नो फ्लाइंग जोन है। अयोध्या में गोरखा रेजिमेंट है। यहां भी उड़ान में रोड़ा है। ऐसे में जिस हेलिकॉप्टर सेवा प्रदाता कंपनी राजस एयरो स्पोर्ट्स एंड एंडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड से पर्यटन विभाग ने करार किया था, उसे नो फ्लाइंग जोन में हेलिकॉप्टर उड़ान की अनुमति नहीं मिल पा रही।
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उड़ान पर रोक से फीका रोमांच
विदेशी पर्यटकों में ताजमहल के हवाई दीदार की चाहत होती है। लेकिन, ताजमहल के ऊपर से उड़ान नहीं होने से उनका रोमांच फीका पड़ गया है। दूर से हेलिकॉप्टर से ताजमहल के ऊपर जॉय राइड नहीं मिलने से पर्यटकों का आकर्षण भी कम हो सकता है। नो फ्लाइंग जोन के बाहर और नए हवाई मार्गों से उड़ान भरने पर हेलिकॉप्टर कंपनी को वित्तीय रूप से क्षति हो रही है।
विदेशी पर्यटकों में ताजमहल के हवाई दीदार की चाहत होती है। लेकिन, ताजमहल के ऊपर से उड़ान नहीं होने से उनका रोमांच फीका पड़ गया है। दूर से हेलिकॉप्टर से ताजमहल के ऊपर जॉय राइड नहीं मिलने से पर्यटकों का आकर्षण भी कम हो सकता है। नो फ्लाइंग जोन के बाहर और नए हवाई मार्गों से उड़ान भरने पर हेलिकॉप्टर कंपनी को वित्तीय रूप से क्षति हो रही है।
हेलिकॉप्टर कंपनी को भेजा नोटिस
हेलिकॉप्टर सेवा शुरू नहीं करने पर पर्यटन निदेशालय ने राजस एयरो स्पोर्ट्स एंड एंडवेंचर प्रा.लि. कंपनी को नोटिस भेजा है। उड़ान शुरू नहीं करने पर करार निरस्त करने की चेतावनी दी गई है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह का कहना है कि अक्तूबर में शुरू होने वाले पर्यटक सीजन तक उड़ान शुरू हो सकती है। कंपनी ने कुछ चिंताए जताई हैं, जिन पर निदेशालय स्तर से बातचीत हो रही है। ताजमहल व राम मंदिर के ऊपर नो फ्लाइंग जोन है। इससे पहले पर्यटन विभाग ने 15 अगस्त तक उड़ान शुरू करने की बात कही थी।
हेलिकॉप्टर सेवा शुरू नहीं करने पर पर्यटन निदेशालय ने राजस एयरो स्पोर्ट्स एंड एंडवेंचर प्रा.लि. कंपनी को नोटिस भेजा है। उड़ान शुरू नहीं करने पर करार निरस्त करने की चेतावनी दी गई है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह का कहना है कि अक्तूबर में शुरू होने वाले पर्यटक सीजन तक उड़ान शुरू हो सकती है। कंपनी ने कुछ चिंताए जताई हैं, जिन पर निदेशालय स्तर से बातचीत हो रही है। ताजमहल व राम मंदिर के ऊपर नो फ्लाइंग जोन है। इससे पहले पर्यटन विभाग ने 15 अगस्त तक उड़ान शुरू करने की बात कही थी।
एक साल पहले से किराया तय
हेलिकॉप्टर से आगरा से अयोध्या, अयोध्या से गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ व प्रयागराज और मथुरा तक उड़ान का किराया सितंबर 2024 में तय हो चुका है। 60 घंटे पहले बुकिंग कराने पर किराए में 40% छूट के बाद 50 मिनट से ढाई घंटे तक हवाई दर्शन पर 13 से 45 हजार रुपये तक खर्च होगा। आगरा और मथुरा से अयोध्या तक 440 किमी लंबी 135 मिनट की उड़ान पर 45,135 रुपये और अयोध्या से गोरखपुर तक 13,373, लखनऊ से वाराणसी से 18,388 रुपये किराया तय किया गया था।
हेलिकॉप्टर से आगरा से अयोध्या, अयोध्या से गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ व प्रयागराज और मथुरा तक उड़ान का किराया सितंबर 2024 में तय हो चुका है। 60 घंटे पहले बुकिंग कराने पर किराए में 40% छूट के बाद 50 मिनट से ढाई घंटे तक हवाई दर्शन पर 13 से 45 हजार रुपये तक खर्च होगा। आगरा और मथुरा से अयोध्या तक 440 किमी लंबी 135 मिनट की उड़ान पर 45,135 रुपये और अयोध्या से गोरखपुर तक 13,373, लखनऊ से वाराणसी से 18,388 रुपये किराया तय किया गया था।