छात्रा संजलि को जलाने वालों की पहचान तक नहीं, पुलिस की कई टीमें कर रही हैं जांच
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खुलासे के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं। लालऊ और आसपास के गांवों से छह युवकों को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ जारी है लेकिन अभी तक आरोपियों के बारे में कोई सुराग तक नहीं मिला है। गांव में पुलिस ने डेरा डाल लिया है।
उधर, घटना के बाद से गांव लालऊ में दहशत का माहौल है। बच्चों का खेलना कूदना ही नहीं, स्कूल भी छूट गया है। बाजार खुले पर पर खामोशी छायी है। बिटिया को जिंदा जलाए जाने की कोशिश की घटना से इतने दुखी हैं लोग कि घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
पुलिस कर रही है पूछताछ
छात्रा संजलि घर से डेढ़ किलोमीटर दूर नौमील गांव स्थित अशरफी देवी छिद्दा सिंह इंटर कॉलेज से छुट्टी के बाद लौट रही थी। घर से 500 मीटर पहले हमलावरों ने उसे रोका, उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी और भाग निकले।
संजलि 75 फीसदी झुलस गई थी। उसका दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार चल रहा था। गुरुवार सुबह संजलि की मौत हो गई। इधर, घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीमें स्कूल की छात्राओं, स्टाफ से पूछताछ कर रही हैं।
डायरी में लिखा था आरोपी का नाम
पुलिस के सामने दिक्कत यह है कि उसकी डायरी कहां से मिले, जब पूरा बैग ही जलकर राख हो गया। यह भी बात सामने आई है कि एक युवक उसका पीछा करता था, 15 दिन पहले उसकी साइकिल को धक्का दिया था। वो बाइक से आता था।
अशरफी देवी छिद्दा सिंह इंटर कॉलेज में बुधवार को पुलिस ने डेरा जमा लिया। लालऊ गांव से दहशत के मारे छात्र-छात्राएं आए ही हीं। आसपास के अन्य गांवों से कुछ आए थे, उनकी भी पढ़ाई की छुट्टी हो गई। स्कूल का स्टाफ दिनभर पुलिस के सवालों के जवाब देने में ही लगा रहा।