आरोप: थाने से बाहर निकालकर आगरा पुलिस ने पीटा युवक, एसएसपी ने सौंपी सीओ को जांच
पीड़ित का आरोप है कि दरोगा अर्जुन प्रताप ने शुक्रवार रात थाने की हवालात में से निकालकर थाने के अंदर बने कमरे के अंदर थर्ड डिग्री दी। एसएसपी आगरा मुनिराज ने क्षेत्राधिकारी लोहामंडी को इसकी जांच सौंपी है।
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आगरा पुलिस पर एक युवक को हवालात से बाहर निकालकर थर्ड डिग्री देने के आरोप लगे हैं। युवक ने इसकी शिकायत एसएसपी दफ्तर में की है। एसएसपी मुनिराज जी ने इस प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी लोहामंडी को सौंपी है।
बताया गया है कि जितेंद्र कुमार, बोदला चौकी क्षेत्र के अंतर्गत गुलाब नगर का निवासी है। क्षेत्र के चार दबंगों ने 26 मई को जबरन उनके साथ मारपीट की। पीड़ित जितेंद्र ने जगदीशपुरा थाने में चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। जितेंद्र ने जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, उसमें एक व्यक्ति सरकारी कर्मचारी है। आरोप है कि बोदला चौकी पर तैनात दरोगा अर्जुन प्रताप ने आरोपियों से मिलकर पीड़ित पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
इसके बाद आरोपियों द्वारा बीते शुक्रवार 11 जून को 112 नंबर पर झूठी शिकायत करके दोनों पक्षों को धारा 151 में बंद करा दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि दरोगा अर्जुन प्रताप ने शुक्रवार रात थाने की हवालात में से निकालकर थाने के अंदर बने कमरे के अंदर थर्ड डिग्री दी। एसएसपी आगरा मुनिराज ने क्षेत्राधिकारी लोहामंडी को इसकी जांच सौंपी है।
आगरा में पुलिस की ज्यादती के कई सामने सामने आए हैं। विगत वर्ष 2019 में मानवाधिकार आयोग में आगरा पुलिस की 712 शिकायतें पहुंचीं थीं। इन्हें पुलिस को जांच के लिए भेजा गया है। कायदे कानून ताक पर रखकर पुलिस की मनमानी बढ़ रही है। इसका पता इससे चलता है कि 2018 में 12 महीने में 598 ही शिकायतें पहुंची थीं।
बाह और फतेहाबाद सर्किल के थानों की शिकायतें ज्यादा हैं। अगस्त में शहर में चेन स्नेचिंग के केस दर्ज न किए जाने की तीन शिकायतें भी हैं। एक शिकायत रिपोर्ट दर्ज न कर जहरखुरानी की शिकार महिला को एत्माद्दौला और एत्मादपुर थाना के चक्कर कटवाने की है। इन शिकायतों में से पुलिस ने 599 का निस्तारण हो जाने का दावा किया है। इसकी रिपोर्ट मानवाधिकार आयोग को सात सितंबर को भेजी गई है। 2017 में 504 शिकायतें आई थीं।
ये शिकायतें प्रमुख
1. तहरीर देने पर भी रिपोर्ट दर्ज नहीं, थाने से भगा दिया गया।
2. वारंट जारी होने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही पुलिस।
3. थाने पर अवैध हिरासत में रखा, जुर्म कुबूल करवाने के लिए पीटा।
4. नामजद आरोपी हाथ नहीं आया तो उसके परिवारीजनों को थाने पर बिठा लिया।
5. दबिश के दौरान घर में तोड़फोड़ की, महिलाओं से अभद्रता की।
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