Petrol Diesel Price: जानिए, आगरा में आज कितने रुपये लीटर बिक रहा पेट्रोल और डीजल
आगरा में लोगों को महंगाई से राहत मिलते नहीं दिख रही है। लगातार एक सप्ताह से पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर हैं। एक लीटर पेट्रोल के दाम सौ रुपये के करीब हैं तो डीजल 88.86 रुपये प्रति लीटर की दर बिक रहा है। उधर, महंगाई के विरोध में आए दिन राजनीतिक और सामाजिक संगठन प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
विस्तार
आगरा में बीते एक सप्ताह से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई कमी नहीं आई है। शहर के फिलिंग स्टेशनों पर शुक्रवार को पेट्रोल 98.14 रुपये प्रति लीटर और डीजल 88.86 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। इससे पूर्व तीन सितंबर को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सिर्फ 14-14 पैसे घटे थे।
जानिए आपके शहर में कितना है दाम
पेट्रोल-डीजल की कीमत आप एसएमएस के जरिए भी जान सकते हैं। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, आपको RSP और अपने शहर का कोड लिखकर 9224992249 नंबर पर भेजना होगा। हर शहर का कोड अलग-अलग है, जो आपको आईओसीएल की वेबसाइट से मिल जाएगा।
यहां चेक करें- https://iocl.com/Products/PetrolDieselPrices.aspx
बता दें कि प्रतिदिन सुबह छह बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। सुबह छह बजे से ही नई दरें लागू हो जाती हैं। पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है।
इन्हीं मानकों के आधार पर पर पेट्रोल रेट और डीजल रेट रोज तय करने का काम तेल कंपनियां करती हैं। डीलर पेट्रोल पंप चलाने वाले लोग हैं। वे खुद को खुदरा कीमतों पर उपभोक्ताओं के अंत में करों और अपने स्वयं के मार्जिन जोड़ने के बाद पेट्रोल बेचते हैं। पेट्रोल रेट और डीजल रेट में यह कॉस्ट भी जुड़ती है।
18 महीने में महंगाई ने तोड़ी कमर, कलक्ट्रेट में प्रदर्शन
पेट्रोल-डीजल, खाद्य वस्तुओं पर महंगाई और सार्वजनिक व निजी क्षेत्रों में बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में गुरुवार को भारतीय मजदूर संघ ने कलक्ट्रेट में विरोध-प्रदर्शन किया। 18 महीने में कमर तोड़ महंगाई बढ़ने के आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। महंगाई पर नियंत्रण की मांग उठाई है।
भारतीय मजदूर संघ जिलाध्यक्ष नारायण सिंह के नेतृत्व में लोग दोपहर 12 बजे कलक्ट्रेट में एकत्र हुए। धरना सभा में जिलाध्यक्ष ने कहा कोरोना काल में औद्योगिक गतिविधियां सुस्त पड़ने से आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पिछले 18 महीने में हालात बद से बदतर हो गए हैं। बेरोजगारी बढ़ने और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में इजाफा होने से जन सामान्य प्रभावित है।
जिलामंत्री केबी सिंह ने कहा खाद्य पदार्थों व दवाईयों के मूल्यों में बीते 18 महीने में बेतहाशा वृद्धि होने से श्रमिक, कर्मचारी व जनता का जीवन यापन कठिन हो गया है। पेट्रोलियम पदार्थ, तिलहन-दलहन व रोजमर्रा की वस्तुओं पर महंगाई को नियंत्रित किया जाए। इस संबंध में सात सूत्रीय ज्ञापन प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन अपर नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा गया है।