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Agra News: नकली अभयरब वैक्सीन खरीदने में दंपती समेत तीन पर केस

Mon, 28 Sep 2026 02:29 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2026 02:29 AM IST
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agra news fake vaccine
कानपुर। जीवनरक्षक अभयरब वैक्सीन के नकली बैच की खरीद-फरोख्त के मामले में औषधि निरीक्षक देवयानी दुबे ने गोविंदनगर ब्लॉक दो निवासी न्यू आरजे एजेंसीज की प्रोप्राइटर बलजीत कौर, उसके पति राजिन्दर सिंह और एलिक्सिर क्योर के संचालक तरनदीप सिंह के खिलाफ कलक्टरगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि तीनों ने कूटरचित बिलों के जरिये नकली अभयरब वैक्सीन की खरीद-फरोख्त की। जांच को प्रभावित करने की कोशिश की। मामले का खुलासा दिल्ली में अभयरब वैक्सीन के बैच नंबर (केई 26005) की जांच से हुआ।
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औषधि निरीक्षक देवयानी दुबे ने दबताया कि दिल्ली के औषधि नियंत्रण विभाग ने इस बैच के 479 वैक्सीन बिरहाना रोड स्थित न्यू आरजे एजेंसीज, वीएस फार्मास्यूटिकल्स, दिल्ली को बेचे जाने की जानकारी के बाद नमूने लिए थे। जांच के दौरान निर्माता ह्यूमन बायोलॉजिकल्स इंस्टीट्यूट (इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड) ने उक्त बैच को अपना निर्मित उत्पाद मानने से इन्कार कर दिया। इसके बाद दिल्ली औषधि नियंत्रण विभाग ने वैक्सीन को नकली बताया। कानपुर में जांच शुरू कराई।
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जांच में न्यू आरजे एजेंसीज के खरीद अभिलेखों में सामने आया कि फर्म ने एलिक्सिर क्योर से 18 सितंबर को 1859 वायल अभयरब वैक्सीन खरीदी थीं। इनमें 1798 वायल विभिन्न फर्मों को बेचने का रिकॉर्ड मिला। 61 वायल का कोई संतोषजनक हिसाब नहीं मिला। जांच के दौरान न्यू आरजे एजेंसीज की दोनों दुकानों और एलिक्सिर क्योर को बंद पाया गया। दोनों फर्मों को सील किया गया। 25 सितंबर को न्यू आरजे एजेंसीज के मालिक राजिन्दर सिंह की मौजूदगी में दुकान की सील खोली गई तो वहां चार थर्माकोल के बॉक्स में 592 वायल अभयरब मिली। राजिन्दर ने पूछताछ में बताया कि इनमें महादेव फार्मा की 151, जय अंबे मेडिकल्स की 90 और अजय फार्मा की 291 वायल वापस आई थीं। इसके अलावा 60 वायल एलिक्सिर क्योर के इनवाइस के सापेक्ष बताई गईं।
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औषधि निरीक्षक के अनुसार विभाग ने 592 वायल में से 120 वायल जांच के लिए और शेष 472 में से 462 वायल को सीज कर दिया। जांच में एलिक्सिर क्योर के नाम से जारी तीन बिल भी सामने आए। तरनदीप सिंह ने 25 सितंबर को इन बिलों को अपना जारी किया हुआ मानने से इन्कार किया। बाद में 26 सितंबर को औषधि विभाग की जांच में राजिन्दर सिंह के मोबाइल में तरनदीप सिंह के नंबर से हुई व्हाट्सएप चैट में इनवाइस भेजे जाने की जानकारी सामने आई।

आगरा की राधा मेडिकल एजेंसी से वापस आई 839 वायल के संबंध में राजिन्दर सिंह संतोषजनक जानकारी नहीं दे सके और न ही बताया कि वैक्सीन कहां है। औषधि विभाग ने इसे जांच में सहयोग न करने और संदिग्ध वैक्सीन की जानकारी छिपाने का आरोप माना। कलक्टरगंज थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि तीनों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस आरोपों, बिलों, व्हाट्सएप चैट, वैक्सीन की बरामदगी और अन्य दस्तावेजों की जांच करेगी।
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