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Agra News: सरसों के लिए बारिश मुफीद, अगेती आलू की फसल पर फिरा पानी

Wed, 29 Oct 2025 02:15 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 29 Oct 2025 02:15 AM IST
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agra news agriculture rain
बाह। बेमौसम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। लगातार 36 घंटे से हो रही बारिश सरसों की फसल के लिए मुफीद मानी जा रही है। हालांकि बारिश न थमने से आलू की अगेती फसल पर पानी फिरने से किसान परेशान हैं। वहींं बारिश से गांव की गली और रास्तों पर फिसलन के हालात पैदा हो गए हैं। बिजौली के किसान छोटेलाल, सोबरन सिंह, जरार के जोधाराम, महेश चंद्र, पार्वतीपुरा के केदार पाराशर, देवेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश की वजह से किसानों को सरसों की फसल की सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। बाजरे के खाली हुए खेतों में गेहूं की बुआई के लिए जुताई करना आसान हो जाएगा। दिनभर हुई बूंदाबांदी के बाद खेतों में नमी ज्यादा हो गई है। इससे आलू, गेहूं आदि की बुआई में रुकावट आने से किसान परेशान हो उठे हैं। किसानों ने बताया कि आलू, गेहूं व सरसों की बुआई का समय चल रहा है। कई किसान बुआई के लिए खेत तैयार कर लिए थे। पर, दो दिनों से हो रही बूंदाबांदी ने उनकी तैयारियों पर पानी फेर दिया।
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जरार गांव के पुरुषोत्तम सिंह, सुरेंद्र सिंह, गुंगावली के वीरेंद्र सिंह, ब्रजेश सिंह, नरहौली के भूपेंद्र सिंह, किताब सिंह ने बताया कि बारिश का पानी खेतों में भरने से किसानों की आलू की अगेती फसल की उम्मीद पर पानी फिर गया है। उन्होंने बताया कि अगेती फसल की खुदाई के बाद किसान तरबूज, खरबूज और सब्जी की फसल पैदा कर लेते थे। बारिश की वजह से अब आलू की पछेती फसल की बुआई ही कर सकेंगे।
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कागारौल के किसान श्याम बिहारी, मोहन प्रकाश, योगेंद्र प्रसाद, शेखर, रामखिलाड़ी, फौरन सिंह, मोहन लाल आदि ने बताया कि क्षेत्र में अधिकांश किसान आलू व गेहूं की खेती करते हैं। कुछ किसान सरसों की फसल भी करते हैं। बारिश से गेहूं व आलू की बुआई प्रभावित होगी। जिन किसानों ने पहले ही बीज बो दिए हैं, पानी भरने से खेतों में बीज सड़ने का खतरा है। इसके अलावा खेतों में पकी धान की फसल पर भी बारिश का असर होगा, यदि बारिश तेज हुई तो धान की पकी बालियां सड़ सकती हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।
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लादूखेड़ा के गांव विश्रामपुर के किसान प्रमेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि फसल की बुआई में देरी होगी। इससे फसल चक्र प्रभावित होगा और किसानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है। हालांकि किसान देवदत्त शुक्ला, अजय शुक्ला आदि ने बताया कि पहले से बोई सरसों की फसल के लिए यह बारिश काफी फायदेमंद है।
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