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आगरा में सफेद लाइट लगाने पर लाल-पीले हुए पार्षद, नगर निगम में किया ये
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 03 Feb 2018 10:54 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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आगरा शहर को दूधिया रोशनी से नहलाने की योजना पर शनिवार को पार्षद लाल पीले हो गए। उन्होंने ईईएसएल कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए सदन में हंगामा किया।
सदन की राय को देखते हुए मेयर नवीन जैन ने फिलहाल शहर में एलईडी लगाने का काम बंद करने और इस मामले की जांच कराने के आदेश दिए हैं। नगर निगम सदन ने पार्षदों की छह सदस्यीय कमेटी बनाई है, जो भौतिक सत्यापन करेगी।
नगर निगम सदन का अधिवेशन की कार्यवाही दोपहर करीब 3.15 बजे प्रारंभ हुई। सबसे पहले मेयर ने पार्षदों और अधिकारियों का विधिवत परिचय कराया। उन्होंने कहा कि यह खुला सदन है, इसमें पार्षद अपनी समस्याओं पर चर्चा कर सकते हैं।
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सदन की राय को देखते हुए मेयर नवीन जैन ने फिलहाल शहर में एलईडी लगाने का काम बंद करने और इस मामले की जांच कराने के आदेश दिए हैं। नगर निगम सदन ने पार्षदों की छह सदस्यीय कमेटी बनाई है, जो भौतिक सत्यापन करेगी।
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नगर निगम सदन का अधिवेशन की कार्यवाही दोपहर करीब 3.15 बजे प्रारंभ हुई। सबसे पहले मेयर ने पार्षदों और अधिकारियों का विधिवत परिचय कराया। उन्होंने कहा कि यह खुला सदन है, इसमें पार्षद अपनी समस्याओं पर चर्चा कर सकते हैं।
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चर्चा में सबसे पहले सोडियम लाइटों के स्थान पर एलईडी लाइट लगाने की योजना पर बहस शुरू हुई। पार्षदों ने एक मत से इस योजना को खारिज कर दिया।
पार्षदों का कहना था कि ईईएसएल कंपनी के कर्मचारी और अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। वे शहर के अलग-अलग स्थानों से 250 वाट, 100 वाट और 80 वाट की सोडियम लाइटों को उतार रहे हैं और वहां 40, 80 वाट की लाइटें लगा रहे हैं।
इनसे पर्याप्त उजाला नहीं हो रहा है। कहीं लाइटें लगाई जा रही हैं तो कहीं लाइट उतराने के बाद वहां से कर्मचारी गायब हो जाते हैं। शहर में तमाम स्थान ऐसे हैं, जहां एलईडी लगी हैं, लेकिन वे जल नहीं रही हैं।
पार्षदों का कहना था कि ईईएसएल कंपनी के कर्मचारी और अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। वे शहर के अलग-अलग स्थानों से 250 वाट, 100 वाट और 80 वाट की सोडियम लाइटों को उतार रहे हैं और वहां 40, 80 वाट की लाइटें लगा रहे हैं।
इनसे पर्याप्त उजाला नहीं हो रहा है। कहीं लाइटें लगाई जा रही हैं तो कहीं लाइट उतराने के बाद वहां से कर्मचारी गायब हो जाते हैं। शहर में तमाम स्थान ऐसे हैं, जहां एलईडी लगी हैं, लेकिन वे जल नहीं रही हैं।
योजना का कोई लाभ नहीं
पार्षदों का कहना था कि जब तक शहर में पर्याप्त क्षमता की लाइट नहीं लगेगी, तब तक इस योजना का कोई लाभ शहर को नहीं मिलेगा। उन्होंने इस योजना में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि स्ट्रीट लाइट पार्षदों से तालमेल करके ही लगाई जाएं।
सदन की सहमति से मेयर नवीन जैन ने फिलहाल एलईडी लगाने का काम बंद करने के आदेश दिए। कहा कि इस मामले की जांच पार्षदों की छह सदस्यीय कमेटी करेगी।
कमेटी में बसपा पार्षद धर्मवीर सिंह, निर्दलीय पार्षद राकेश जैन, भाजपा के सविता अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, आशीष पाराशर और मोहन सिंह लोधी होंगे। मेयर ने स्ट्रीट लाइट लगाने का भौतिक सत्यापन कराने का आदेश दिया है। इसके बाद सदन को स्थगित कर दिया गया।
सदन की सहमति से मेयर नवीन जैन ने फिलहाल एलईडी लगाने का काम बंद करने के आदेश दिए। कहा कि इस मामले की जांच पार्षदों की छह सदस्यीय कमेटी करेगी।
कमेटी में बसपा पार्षद धर्मवीर सिंह, निर्दलीय पार्षद राकेश जैन, भाजपा के सविता अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, आशीष पाराशर और मोहन सिंह लोधी होंगे। मेयर ने स्ट्रीट लाइट लगाने का भौतिक सत्यापन कराने का आदेश दिया है। इसके बाद सदन को स्थगित कर दिया गया।